क्या अखिलेश यादव के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन मजबूत होगा?

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क्या अखिलेश यादव के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन मजबूत होगा?

सारांश

समाजवादी पार्टी के नेता रविदास मेहरोत्रा ने कहा है कि अगर अखिलेश यादव इंडिया गठबंधन की कमान संभालते हैं, तो यह गठबंधन और अधिक मजबूत होगा। इस दौरान उन्होंने भाजपा और योगी सरकार की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। जानें इस महत्वपूर्ण बयान के पीछे की कहानी।

Key Takeaways

  • अखिलेश यादव की लीडरशिप से इंडिया गठबंधन को मजबूती मिलेगी।
  • भाजपा के खिलाफ जनता का आक्रोश बढ़ रहा है।
  • योगी सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
  • नसीमुद्दीन सिद्दीकी को समाजवादी पार्टी में शामिल होना चाहिए।
  • 2027 में सत्ता परिवर्तन की लहर शुरू हो चुकी है।

लखनऊ, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता रविदास मेहरोत्रा ने कहा है कि यदि इंडिया गठबंधन की जिम्मेदारी सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव लेते हैं, तो यह गठबंधन मजबूती प्राप्त करेगा।

सपा नेता ने राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में यह भी कहा कि हम चाहते हैं कि इंडिया गठबंधन की लीडरशिप अखिलेश यादव के हाथों में हो। अगर अखिलेश यादव इस गठबंधन की अगुवाई करते हैं, तो यह निश्चित रूप से बहुत मजबूत हो जाएगा और देश में कोई भी उनकी स्थिति पर सवाल नहीं उठा सकेगा।

रविदास मेहरोत्रा ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी के कांग्रेस से इस्तीफा देने पर कहा कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी, जो पहले बहुजन समाज पार्टी में थे और अब कांग्रेस से भी इस्तीफा दे चुके हैं, वे किसी भी हाल में भाजपा में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि चूंकि उन्होंने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दिया है, इसलिए उन्हें निश्चित रूप से समाजवादी पार्टी में शामिल होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी भाजपा का एकमात्र विकल्प है और यही पार्टी उत्तर प्रदेश में विकास ला सकती है। भाजपा के खिलाफ जनता में आक्रोश बढ़ रहा है। 2027 में प्रदेश में बदलाव होगा, सत्ता परिवर्तन की लहर शुरू हो चुकी है। प्रचंड बहुमत के साथ समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बनेंगे।

सपा नेता ने कानून व्यवस्था पर योगी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि अमरोहा में एक युवती के साथ अन्याय हुआ है। सरकार दावा करती है कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए कई कानून बनाए गए हैं, लेकिन जमीन पर पीड़िता को कोई न्याय नहीं मिल रहा है। बहन-बेटियों का शोषण हो रहा है और सरकार महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने में असफल साबित हो रही है।

उन्होंने एसआईआर को लेकर कहा कि इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं। पीड़ितों, गरीबों, दलितों, पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यक समुदायों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। जब एसआईआर लागू किया गया, तो दो सूचियां एक साथ बन रही थीं—एक पंचायत चुनाव की और दूसरी विधानसभा चुनाव की। दोनों सूचियों में भिन्नता है, आखिर क्यों? इससे स्पष्ट होता है कि एसआईआर में गड़बड़ी है।

Point of View

तो यह राजनीतिक समीकरणों में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। यह समय है कि सभी दल एकजुट होकर लोकतंत्र की मजबूती के लिए आगे आएं।
NationPress
07/02/2026

Frequently Asked Questions

इंडिया गठबंधन का नेतृत्व कौन करेगा?
रविदास मेहरोत्रा के अनुसार, अगर अखिलेश यादव इस गठबंधन का नेतृत्व करते हैं, तो यह मजबूत होगा।
क्या नसीमुद्दीन सिद्दीकी भाजपा में शामिल होंगे?
उन्होंने कहा कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी भाजपा में शामिल नहीं होंगे और उन्हें समाजवादी पार्टी में आना चाहिए।
क्यों समाजवादी पार्टी को भाजपा का विकल्प माना जा रहा है?
समाजवादी पार्टी को भाजपा का विकल्प इसलिए माना जा रहा है क्योंकि यह उत्तर प्रदेश में विकास और लोगों की समस्याओं के समाधान का दावा करती है।
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