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जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतें गिराने के आदेश पर सपा सांसद राजीव राय का केंद्र पर हमला

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जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतें गिराने के आदेश पर सपा सांसद राजीव राय का केंद्र पर हमला

सारांश

रामपुर विकास प्राधिकरण ने आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतें गिराने के आदेश दिए हैं। सपा सांसद राजीव राय ने इसे शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ सरकार की योजनाबद्ध साजिश बताया और संसद के अगले सत्र में यह मुद्दा उठाने की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों को ध्वस्त करने के आदेश जारी किए।
यह यूनिवर्सिटी सपा नेता आजम खान का ड्रीम प्रोजेक्ट है और वर्तमान में छात्र अध्ययनरत हैं।
सपा सांसद राजीव कुमार राय ने कार्रवाई को शिक्षा-विरोधी करार देते हुए केंद्र सरकार पर योजनाबद्ध तरीके से शिक्षण संस्थान कमज़ोर करने का आरोप लगाया।
राय ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनरत छात्रों का समर्थन किया और उनसे स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की।
सांसद ने घोषणा की कि वे संसद के अगले सत्र में यह मुद्दा सदन में उठाएंगे।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी है। रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने यूनिवर्सिटी परिसर की 40 में से 38 इमारतों को ध्वस्त करने के आदेश जारी किए हैं। इस कदम की सपा सांसद राजीव कुमार राय ने कड़ी निंदा करते हुए इसे शिक्षा व्यवस्था के विरुद्ध एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जारी ध्वस्तीकरण आदेश के अनुसार, जौहर यूनिवर्सिटी के परिसर में स्थित 40 में से 38 भवनों को गिराया जाना है। यह यूनिवर्सिटी समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान का ड्रीम प्रोजेक्ट मानी जाती है और वर्तमान में छात्र यहाँ अध्ययनरत हैं। आलोचकों का कहना है कि सक्रिय शैक्षणिक परिसर में इस पैमाने पर ध्वस्तीकरण अभूतपूर्व है।

सपा सांसद की आलोचना

घोसी लोकसभा क्षेत्र से सपा सांसद राजीव कुमार राय ने इस कार्रवाई को सरकार की कार्यशैली की पराकाष्ठा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षण संस्थानों को सशक्त करने के बजाय उन्हें कमज़ोर करने पर आमादा है।

राय ने कहा, "जहाँ बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, वहाँ की इमारतें गिराने की तैयारी की जा रही है। यह वही सरकार है, जो पेपर लीक, मूल्यांकन में गड़बड़ी और स्कूल बंद कराने जैसे मामलों पर गंभीरता से काम करने के बजाय शिक्षा संस्थानों को नुकसान पहुँचाने में लगी हुई है।"

जंतर-मंतर आंदोलन पर समर्थन

सपा सांसद ने जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर विभिन्न शैक्षिक माँगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के प्रति भी एकजुटता जताई। उन्होंने कहा कि उनकी पूरी सहानुभूति और समर्थन आंदोलनरत छात्रों के साथ है और युवाओं से अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें क्योंकि उनका जीवन देश की अमानत है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की अपील का भी उल्लेख किया कि प्रदर्शनकारी अपने जीवन की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

राय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि वे संसदीय समिति की बैठक में व्यस्त न होते तो स्वयं जंतर-मंतर पर छात्रों के बीच उपस्थित रहते।

सरकार पर आरोप और संसद में उठाने का वादा

राजीव राय ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार योजनाबद्ध तरीके से शिक्षा व्यवस्था को कमज़ोर कर रही है। उनके अनुसार, सरकार नहीं चाहती कि युवा शिक्षित होकर अपने अधिकारों की माँग करें और सत्ता से सवाल पूछें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रश्न पूछना नागरिकों का मूलभूत अधिकार है।

उन्होंने घोषणा की कि संसद का अगला सत्र आरंभ होते ही वे इस मुद्दे को सदन में पूरी ताकत के साथ उठाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि संसदीय बहसों, प्रश्नों और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भागीदारी के लिए उन्हें जो सम्मान मिला है, वह वास्तव में घोसी लोकसभा क्षेत्र की जनता का सम्मान है।

आगे क्या होगा

RDA के ध्वस्तीकरण आदेश के विरुद्ध संभावित कानूनी चुनौती की अटकलें हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। गौरतलब है कि आजम खान स्वयं विभिन्न कानूनी मामलों में उलझे रहे हैं, जिसके चलते यह यूनिवर्सिटी लंबे समय से विवादों के केंद्र में है। अब सपा के संसद में इस मुद्दे को उठाने के ऐलान के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से और गर्म होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उत्तर प्रदेश में शैक्षणिक संस्थाओं और राजनीतिक विरोधियों के बीच चल रहे टकराव का ताज़ा अध्याय है। सवाल यह है कि जब परिसर में छात्र सक्रिय रूप से पढ़ रहे हों, तब 38 इमारतों का एक साथ ध्वस्तीकरण शैक्षिक निरंतरता को कैसे प्रभावित करेगा — यह पहलू सरकारी आदेश में अनुत्तरित है। आलोचकों की यह भी दलील है कि पेपर लीक और परीक्षा घोटालों जैसी प्रणालीगत खामियों पर ध्यान देने के बजाय एक विशेष संस्था को निशाना बनाना प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करता है। सरकार का पक्ष — कि यह कार्रवाई नियमानुसार है — तब तक अधूरा रहेगा जब तक RDA उन नियमों का स्पष्ट ब्यौरा सार्वजनिक नहीं करता जिनके कथित उल्लंघन पर इतने बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण उचित ठहराया जा रहा है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की इमारतें क्यों गिराई जा रही हैं?
रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने यूनिवर्सिटी परिसर की 40 में से 38 इमारतों को ध्वस्त करने के आदेश जारी किए हैं। आदेश का आधार प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन बताया जा रहा है, हालाँकि विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
जौहर यूनिवर्सिटी किससे जुड़ी है?
यह यूनिवर्सिटी समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जो रामपुर में स्थित है। आजम खान स्वयं कई कानूनी मामलों में उलझे रहे हैं, जिसके चलते यह संस्था लंबे समय से विवादों में रही है।
सपा सांसद राजीव राय ने क्या कहा?
घोसी लोकसभा सांसद राजीव कुमार राय ने इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ सरकार की योजनाबद्ध साजिश बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को शिक्षित और जागरूक नहीं देखना चाहती और संसद के अगले सत्र में यह मुद्दा उठाने की घोषणा की।
जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन से इस मामले का क्या संबंध है?
सपा सांसद राजीव राय ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनरत छात्रों को इसी व्यापक संदर्भ में देखा — कि सरकार शिक्षा सुधार की माँगों को गंभीरता से नहीं ले रही। उन्होंने छात्रों के प्रति समर्थन व्यक्त किया और उनसे स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील भी की।
राष्ट्र प्रेस
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