16 जुलाई 2026
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जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों पर बुलडोजर कार्रवाई: कांग्रेस ने छात्रों का भविष्य गिनाया, भाजपा बोली- अवैध निर्माण नहीं बचेगा

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जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों पर बुलडोजर कार्रवाई: कांग्रेस ने छात्रों का भविष्य गिनाया, भाजपा बोली- अवैध निर्माण नहीं बचेगा

सारांश

जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों पर बुलडोजर की तैयारी ने यूपी की राजनीति को गर्मा दिया है। कांग्रेस ने हजारों छात्रों के भविष्य की दुहाई दी, भाजपा ने कहा — अवैध निर्माण किसी का भी हो, कानून सबके लिए बराबर है। आजम खान की अनुपस्थिति में उनका संस्थान नई लड़ाई का मैदान बन गया है।

मुख्य बातें

जौहर यूनिवर्सिटी , रामपुर की 38 इमारतों के विरुद्ध बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी 16 जुलाई 2026 को सामने आई।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा — रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) निर्माण के समय अस्तित्व में नहीं था, इसलिए कार्रवाई पर पुनर्विचार हो।
मसूद ने कंपाउंडिंग या जुर्माने जैसे वैकल्पिक उपायों का सुझाव दिया और CM योगी आदित्यनाथ से अपील की।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण बिहारी राय ने कहा — अवैध निर्माण सिद्ध होने पर ध्वस्तीकरण अवश्यंभावी है, जुर्माने का विकल्प अवैध कार्य का समर्थन है।
सपा नेता आजम खान फिलहाल जेल में हैं; विश्वविद्यालय में विभिन्न समुदायों के हजारों छात्र अध्ययनरत हैं।

समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान की रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों के विरुद्ध प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई ने 16 जुलाई 2026 को राजनीतिक हलकों में तीखी बहस छेड़ दी। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इसे राजनीति-प्रेरित कदम बताया, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण बिहारी राय ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण किसी का भी हो, ध्वस्तीकरण से नहीं बचेगा।

कांग्रेस का रुख: छात्रों का भविष्य दाँव पर

सहारनपुर में मीडिया से बातचीत में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि जब संबंधित भवनों का निर्माण हुआ था, उस समय रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) अस्तित्व में नहीं था। उन्होंने तर्क दिया कि यदि एक स्थापित शैक्षणिक संस्थान को ध्वस्त किया गया तो वहाँ पढ़ने वाले हजारों छात्रों का भविष्य गंभीर रूप से प्रभावित होगा।

मसूद ने कहा, 'यदि सरकार की नाराजगी आजम खान से है तो वह पहले से ही जेल में हैं — छात्रों का इससे क्या संबंध है?' उन्होंने सुझाव दिया कि निर्माण संबंधी खामियों को कंपाउंडिंग जैसी वैधानिक प्रक्रिया या जुर्माने के जरिये दूर किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार चाहे तो विश्वविद्यालय के संचालन की निगरानी अपने स्तर पर कर सकती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधी अपील करते हुए मसूद ने कहा कि प्रदेश में ऐसे अनेक विश्वविद्यालय और संस्थान हो सकते हैं जिनके नक्शों या औपचारिकताओं को लेकर सवाल उठ सकते हैं — केवल इस संस्थान पर कार्रवाई उचित नहीं। उन्होंने विपक्षी दलों से भी इस मुद्दे पर खुलकर आवाज उठाने की अपील की।

भाजपा का जवाब: कानून सबके लिए बराबर

गाजीपुर में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण बिहारी राय ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अवैध निर्माण के विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'प्रदेश में जहाँ भी अवैध इमारतें पाई जाएंगी और जाँच में उनका निर्माण नियमों के विरुद्ध सिद्ध होगा, ध्वस्तीकरण तय है।'

विपक्ष की जुर्माना-आधारित समाधान की माँग पर राय ने कहा कि ऐसा सुझाव देना अवैध निर्माण का समर्थन करने के समान है। उन्होंने जोड़ा कि यदि किसी ने पद या प्रभाव का दुरुपयोग कर अवैध निर्माण कराया है तो सरकार कार्रवाई करने के लिए बाध्य है।

मामले की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि आजम खान इस समय जेल में हैं और उनके विरुद्ध कई मामले न्यायालयों में विचाराधीन हैं। जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना उन्होंने रामपुर में की थी और यह संस्थान विभिन्न समुदायों के हजारों छात्रों को शिक्षा प्रदान करता है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाइयाँ राष्ट्रीय स्तर पर कानूनी और नैतिक बहस का केंद्र बनी हुई हैं।

आगे क्या होगा

कार्रवाई की आधिकारिक तिथि अभी घोषित नहीं हुई है। विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र संगठनों की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। आलोचकों का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के बुलडोजर कार्रवाइयों पर दिए गए दिशानिर्देशों के आलोक में यह मामला न्यायिक समीक्षा का विषय बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी यह मामला बिना न्यायिक पूर्व-अनुमति के आगे बढ़ता दिख रहा है। कांग्रेस का 'छात्रों के भविष्य' वाला तर्क भावनात्मक रूप से सशक्त है, लेकिन वह यह नहीं बताती कि क्या संस्थान ने अपनी अनियमितताएँ स्वयं दूर करने की कोशिश की। भाजपा का 'कानून सबके लिए बराबर' का दावा तब अधिक विश्वसनीय होगा जब राज्य में अन्य समुदायों के अवैध निर्माणों पर भी समान तत्परता दिखे।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई क्यों हो रही है?
रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को कथित तौर पर अवैध निर्माण नियमों के उल्लंघन में बना बताया है। उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार जाँच में अवैध निर्माण सिद्ध होने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस ने इस कार्रवाई पर क्या आपत्ति जताई है?
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि जब इमारतें बनी थीं, तब रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) अस्तित्व में नहीं था। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि ध्वस्तीकरण से हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा और इसके बजाय कंपाउंडिंग या जुर्माने जैसे विकल्प अपनाए जाने चाहिए।
भाजपा का इस मामले में क्या रुख है?
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण बिहारी राय ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अवैध निर्माण के विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई करती है। उनके अनुसार जुर्माने का विकल्प सुझाना अवैध निर्माण का समर्थन करने जैसा है।
आजम खान और जौहर यूनिवर्सिटी का क्या संबंध है?
जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने रामपुर में की थी। फिलहाल आजम खान जेल में हैं और उनके विरुद्ध कई मामले न्यायालयों में विचाराधीन हैं।
क्या इस कार्रवाई को न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है?
आलोचकों का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के बुलडोजर कार्रवाइयों पर जारी दिशानिर्देशों के आलोक में यह मामला न्यायिक समीक्षा का विषय बन सकता है। कार्रवाई की आधिकारिक तिथि अभी घोषित नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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