कोल्ड ड्रिंक केन से बना नंदीघोष रथ: सत्य नारायण महाराणा ने 25 घंटे में रची अद्भुत कलाकृति
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के गंजाम जिले के बरहमपुर निवासी अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त रेत कलाकार सत्य नारायण महाराणा ने रथ यात्रा 2025 के पावन अवसर पर एक साधारण कोल्ड ड्रिंक केन को भगवान जगन्नाथ के नंदीघोष रथ की सूक्ष्म प्रतिकृति में बदलकर सबको चकित कर दिया है। इस अनूठी कलाकृति को तैयार करने में उन्हें करीब 25 घंटे की अथक मेहनत लगी।
कलाकृति की विशेषताएँ
महाराणा द्वारा निर्मित इस लघु नंदीघोष रथ की ऊँचाई लगभग साढ़े पाँच इंच और चौड़ाई लगभग साढ़े चार इंच है। इसमें वास्तविक नंदीघोष रथ की तरह 16 चक्र (पहिए), चार घोड़े, दो उल्टा सुआ, एक सारथी और स्वयं महाप्रभु भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा को अत्यंत बारीकी से उकेरा गया है। वास्तविक रथ से इसकी संरचनात्मक समानता इसे विशेष रूप से उल्लेखनीय बनाती है।
रिकॉर्ड और उपलब्धियाँ
महाराणा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2013 से भगवान जगन्नाथ के लघु रथों का निर्माण आरंभ किया था। वर्ष 2020 में उन्होंने दुनिया का सबसे छोटा जगन्नाथ रथ बनाकर वैश्विक पहचान हासिल की। इस उपलब्धि को एक्सक्लूसिव वर्ल्ड रिकॉर्ड, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स सहित कई प्रतिष्ठित संस्थाओं ने मान्यता दी है। गौरतलब है कि साल 2000 से वे लगातार इस दिशा में प्रयोग कर रहे हैं।
पुनर्चक्रण सामग्री से नवाचार
इससे पहले महाराणा बाँस, बोतल, आइसक्रीम स्टिक, पुराने समाचारपत्र और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्रियों से भगवान जगन्नाथ के लघु रथ बना चुके हैं। इस वर्ष पहली बार कोल्ड ड्रिंक केन का उपयोग कर नंदीघोष रथ तैयार किया गया, जो उनकी हर वर्ष कुछ नया करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कला और आस्था का संगम
महाराणा की यह कला केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय शिल्पकला और नवाचार का भी उत्कृष्ट उदाहरण है। रथ यात्रा जैसे पर्व पर उनकी यह विशेष प्रस्तुति श्रद्धालुओं और कला प्रेमियों दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। आने वाले वर्षों में वे और भी अपरंपरागत सामग्रियों से रथ निर्माण की योजना बना रहे हैं।