17 जुलाई 2026
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अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस 2025: भजनलाल शर्मा, सम्राट चौधरी समेत नेताओं ने दोहराई न्याय की प्रतिबद्धता

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अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस 2025: भजनलाल शर्मा, सम्राट चौधरी समेत नेताओं ने दोहराई न्याय की प्रतिबद्धता

सारांश

अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और कई अन्य नेताओं ने निष्पक्ष व सुलभ न्याय को सशक्त राष्ट्र की बुनियाद बताया और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्य बातें

17 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस पर देशभर के नेताओं ने सोशल मीडिया पर संदेश साझा किए।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निष्पक्षता और सुलभ न्याय व्यवस्था को लोकतंत्र की नींव बताया।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने समान न्याय और समान अधिकार को सशक्त राष्ट्र की आधारशिला कहा।
प्रेमचंद बैरवा ने एक्स पोस्ट के ज़रिए आदर्श समाज निर्माण का संकल्प दिलाया।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने न्याय को विश्वास, समरसता और उत्तरदायित्व की भावना से जोड़ा।

17 जुलाई को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस के अवसर पर देशभर के राजनेताओं ने सोशल मीडिया पर संदेश साझा करते हुए निष्पक्ष, समान और सुलभ न्याय व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। राजस्थान, बिहार सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों ने इस अवसर पर संवैधानिक मूल्यों को लोकतंत्र की आत्मा बताया।

मुख्य संदेश और नेताओं की प्रतिक्रियाएँ

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा, 'न्याय लोकतंत्र की सबसे सशक्त नींव और अधिकारों की रक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। आइए, हम सभी समानता, निष्पक्षता और सुलभ न्याय व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करें, ताकि प्रत्येक नागरिक सम्मान और विश्वास के साथ आगे बढ़ सके।'

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, 'न्याय तभी सार्थक है, जब वह सभी के लिए समान और सुलभ हो। समान न्याय, समान अधिकार और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण का संकल्प ही एक सशक्त, समरस और लोकतांत्रिक राष्ट्र की आधारशिला है।'

उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों के संदेश

राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, 'अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस पर हम सभी न्याय एवं समानता के प्रति जागरूक रहकर एक आदर्श समाज की स्थापना करने का संकल्प लें, ताकि हर व्यक्ति को निष्पक्षता और सम्मान मिल सके।'

बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि इस दिवस पर न्याय, समानता और कानून के शासन के महत्व के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लेना आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से न्यायपूर्ण समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा, 'एक न्यायपूर्ण व्यवस्था केवल अधिकारों की रक्षा ही नहीं करती, बल्कि समाज में विश्वास, समरसता और उत्तरदायित्व की भावना को भी सशक्त बनाती है। न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता ही विकसित, समरस और सशक्त भारत की सबसे बड़ी शक्ति है।'

अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस का महत्व

प्रत्येक वर्ष 17 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस मनाया जाता है। यह दिन 1998 में रोम संविधि को अपनाने की वर्षगाँठ के रूप में चिह्नित है, जिसने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। गौरतलब है कि यह दिवस वैश्विक स्तर पर जवाबदेही, पीड़ित अधिकारों और न्यायिक स्वतंत्रता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर माना जाता है।

आम जनता पर असर और आगे की राह

नेताओं के इन संदेशों का व्यापक संदर्भ यह है कि भारत में न्यायिक सुधार और त्वरित न्याय की माँग लंबे समय से चली आ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ-साथ संस्थागत सुधार भी उतने ही ज़रूरी हैं। इस दिवस पर व्यक्त प्रतिबद्धताएँ तभी सार्थक होंगी जब नीतिगत स्तर पर ठोस कदम उठाए जाएँ और न्यायपालिका को संसाधन एवं स्वायत्तता सुनिश्चित की जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

ढाँचागत सुधार और नियुक्ति प्रक्रिया पर ठोस कदम उठाएँगे। सोशल मीडिया पोस्ट प्रतिबद्धता का प्रमाण नहीं, बजट आवंटन और विधायी कार्रवाई होती है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस प्रत्येक वर्ष 17 जुलाई को मनाया जाता है। यह 1998 में रोम संविधि को अपनाने की वर्षगाँठ है, जिसने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया और वैश्विक न्यायिक जवाबदेही को बल दिया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने न्याय दिवस पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि न्याय लोकतंत्र की सबसे सशक्त नींव है और प्रत्येक नागरिक को सम्मान व विश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए निष्पक्ष व सुलभ न्याय व्यवस्था आवश्यक है। उन्होंने समानता और निष्पक्षता के प्रति प्रतिबद्धता मजबूत करने का आह्वान किया।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने न्याय दिवस पर क्या संदेश दिया?
सम्राट चौधरी ने कहा कि न्याय तभी सार्थक है जब वह सभी के लिए समान और सुलभ हो। उन्होंने समान न्याय, समान अधिकार और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण को एक सशक्त लोकतांत्रिक राष्ट्र की आधारशिला बताया।
राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने क्या कहा?
डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने एक्स पोस्ट के माध्यम से न्याय एवं समानता के प्रति जागरूकता बनाए रखने और एक आदर्श समाज की स्थापना का संकल्प लेने का आह्वान किया, ताकि हर व्यक्ति को निष्पक्षता और सम्मान मिल सके।
अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस का भारत के संदर्भ में क्या महत्व है?
भारत में न्यायिक सुधार और त्वरित न्याय की माँग लंबे समय से चली आ रही है। यह दिवस नागरिकों और नीति-निर्माताओं को यह याद दिलाता है कि संवैधानिक मूल्यों की रक्षा केवल भाषणों से नहीं, बल्कि ठोस संस्थागत सुधारों से होती है।
राष्ट्र प्रेस
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