17 जुलाई 2026
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भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद से रवाना, PM मोदी ने दिखाई हरी झंडी; ₹14,700 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण

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भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद से रवाना, PM मोदी ने दिखाई हरी झंडी; ₹14,700 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण

सारांश

भारत के परिवहन इतिहास में एक नया अध्याय — प्रधानमंत्री मोदी ने जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दी, जो दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेनों में शुमार है। साथ ही ₹14,700 करोड़ की परियोजनाओं से हरियाणा को जोड़ने की नई बुनियाद रखी गई।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 17 जुलाई 2026 को जींद रेलवे स्टेशन से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।
यह ट्रेन जींद से सोनीपत के लिए रवाना हुई; दुनिया की सबसे लंबी और शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेनों में से एक बताई जा रही है।
₹9,680 करोड़ की लागत से बने 157.92 किमी लंबे दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण; दिल्ली-कटरा यात्रा समय 14 घंटे से घटकर 6 घंटे होगा।
33.81 किमी लंबे अंबाला-काला अंब राजमार्ग और 40.60 किमी लंबे जींद-गोहाना ग्रीनफील्ड राजमार्ग का भी उद्घाटन।
कुल ₹14,700 करोड़ की विकास परियोजनाओं की आधारशिला और लोकार्पण एकलव्य स्टेडियम, जींद में आयोजित कार्यक्रम में हुआ।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जुलाई 2026 को हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोनीपत के लिए रवाना किया। यह ट्रेन दुनिया की सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेनों में से एक बताई जा रही है। इस ऐतिहासिक अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी उपस्थित रहे।

हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत

हरी झंडी दिखाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने जींद रेलवे स्टेशन पर उपस्थित नागरिकों और छात्र-छात्राओं का अभिनंदन स्वीकार किया। दूसरे प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में लोग जमा थे। हाथों में तिरंगा थामे स्कूली बच्चों ने इस 'ग्रीन ट्रांसपोर्ट' की पहली यात्रा का अनुभव किया और उत्साह के साथ इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।

₹14,700 करोड़ की विकास परियोजनाएँ

इसके बाद प्रधानमंत्री ने जींद के एकलव्य स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में लगभग ₹14,700 करोड़ की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। मंच पर पहुँचने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उनका पारंपरिक साफा पहनाकर और उपहार भेंट कर स्वागत किया।

दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण

प्रधानमंत्री ने लगभग ₹9,680 करोड़ की लागत से विकसित 157.92 किलोमीटर लंबे, चार लेन वाले दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे (पैकेज 1 से 5) को राष्ट्र को समर्पित किया। इस एक्सप्रेसवे के चालू होने से दिल्ली-कटरा के बीच यात्रा का समय लगभग 14 घंटे से घटकर 6 घंटे और दिल्ली-अमृतसर का समय लगभग 8 घंटे से घटकर 4 घंटे रह जाएगा। यह परियोजना वैष्णो देवी तीर्थयात्रियों और पंजाब के व्यापारिक वर्ग दोनों के लिए एक बड़ी राहत मानी जा रही है।

अन्य प्रमुख राजमार्ग परियोजनाएँ

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग-7 और राष्ट्रीय राजमार्ग-344 पर बने 33.81 किलोमीटर लंबे, चार लेन वाले अंबाला-काला अंब राजमार्ग का भी उद्घाटन किया। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग-352ए पर स्थित 40.60 किलोमीटर लंबे जींद-गोहाना ग्रीनफील्ड राजमार्ग का उद्घाटन और हांसी-बरवाला ब्राउनफील्ड राजमार्ग परियोजना की आधारशिला रखी गई।

आगे की राह

हाइड्रोजन ट्रेन की यह शुरुआत भारतीय रेलवे के हरित ऊर्जा की ओर संक्रमण का एक निर्णायक पड़ाव है। यह ऐसे समय में आई है जब भारत 2070 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। विशेषज्ञों की नज़र अब इस ट्रेन की परिचालन दक्षता, रखरखाव लागत और भविष्य में अन्य रूटों पर विस्तार की संभावनाओं पर टिकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी परिचालन व्यावहारिकता होगी — हाइड्रोजन ईंधन की उत्पादन लागत अभी भी पारंपरिक विकल्पों से कहीं अधिक है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय रेलवे 2030 तक नेट-ज़ीरो का लक्ष्य लेकर चल रहा है, पर हाइड्रोजन उत्पादन अवसंरचना अभी शैशव अवस्था में है। दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे निर्विवाद रूप से कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार है, पर जींद जैसे कार्यक्रम-स्थल का चुनाव हरियाणा की राजनीतिक ज़मीन को भी रेखांकित करता है। ग्रीन ट्रांसपोर्ट की इस महत्वाकांक्षा को तभी पूर्ण माना जाएगा जब हाइड्रोजन ट्रेनें एकल प्रायोगिक रूट से आगे बढ़कर राष्ट्रव्यापी नेटवर्क का हिस्सा बनें।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन कहाँ से कहाँ चली?
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन 17 जुलाई 2026 को हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से सोनीपत के लिए रवाना हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे हरी झंडी दिखाई।
हाइड्रोजन ट्रेन क्यों खास है?
यह ट्रेन दुनिया की सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेनों में से एक बताई जा रही है। यह पारंपरिक डीजल या बिजली की बजाय हाइड्रोजन ईंधन से चलती है, जिससे शून्य कार्बन उत्सर्जन होता है और यह भारतीय रेलवे के हरित भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है।
दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे से यात्रा में कितना समय बचेगा?
₹9,680 करोड़ की लागत से बने इस 157.92 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे से दिल्ली-कटरा यात्रा का समय लगभग 14 घंटे से घटकर 6 घंटे और दिल्ली-अमृतसर का समय लगभग 8 घंटे से घटकर 4 घंटे रह जाएगा।
जींद कार्यक्रम में कुल कितनी परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ?
एकलव्य स्टेडियम, जींद में आयोजित कार्यक्रम में लगभग ₹14,700 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया गया। इनमें एक्सप्रेसवे, ग्रीनफील्ड राजमार्ग और ब्राउनफील्ड राजमार्ग परियोजनाएँ शामिल हैं।
जींद-गोहाना ग्रीनफील्ड राजमार्ग कितना लंबा है?
राष्ट्रीय राजमार्ग-352ए पर स्थित जींद-गोहाना ग्रीनफील्ड राजमार्ग 40.60 किलोमीटर लंबा है। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने 17 जुलाई 2026 को जींद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया।
राष्ट्र प्रेस
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