16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हाइड्रोजन ट्रेन: सीएम सैनी के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली बोले — यह पर्यावरण संरक्षण का तोहफा, 17 जुलाई को PM मोदी दिखाएंगे हरी झंडी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हाइड्रोजन ट्रेन: सीएम सैनी के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली बोले — यह पर्यावरण संरक्षण का तोहफा, 17 जुलाई को PM मोदी दिखाएंगे हरी झंडी

सारांश

भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन महज एक रेल परियोजना नहीं — यह हरित परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक दांव है। जींद-सोनीपत के 89 किमी रूट से शुरू होकर यह ट्रेन उस भविष्य की बुनियाद रखती है जिसे विकसित देश भी पूरी तरह नहीं छू पाए हैं।

मुख्य बातें

देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन को PM नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को जींद जंक्शन से हरी झंडी दिखाएंगे।
ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर के रूट पर संचालित होगी।
मीडिया सलाहकार राजीव जेटली ने इसे पर्यावरण संरक्षण का तोहफा बताया और कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी हाइड्रोजन ट्रेन होगी।
प्रारंभिक चरण में ट्रेन लो ट्रैफिक ज़ोन में चलेगी; उच्च-स्तरीय सेफ्टी एसओपी लागू होंगे।
परियोजना से PM मोदी , CM नायब सैनी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नाम जुड़े बताए गए हैं।

देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली ने 16 जुलाई को जींद में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह ट्रेन आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण संरक्षण का तोहफा है। यह ट्रेन जींद जंक्शन से 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के बाद जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर के रूट पर संचालित होगी।

मुख्य घटनाक्रम

राजीव जेटली ने कहा कि हाइड्रोजन तकनीक की कल्पना विकसित देश भी पूरी तरह नहीं कर पाए हैं। उनके अनुसार, जो देश हाइड्रोजन ट्रेन संचालित कर रहे हैं, उनकी ट्रेनों की लंबाई काफी छोटी है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से भारत अब दुनिया की सबसे बड़ी हाइड्रोजन ट्रेन चलाने जा रहा है।

जेटली ने यह भी कहा कि भविष्य में इस ट्रेन परियोजना के साथ तीन नाम विशेष रूप से लिए जाएंगे — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नायब सैनी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

ट्रेन का महत्व और भविष्य की राह

जेटली ने स्पष्ट किया कि यह ट्रेन केवल जींद और सोनीपत के बीच की एक रेल सेवा नहीं है, बल्कि यह भविष्य की दिशा तय करने वाली परियोजना है। उनके अनुसार, इससे आने वाले समय में परिवहन क्षेत्र में बड़ी क्रांति आएगी और प्रधानमंत्री मोदी ने इसके ज़रिए आने वाली पीढ़ियों की बुनियाद रखी है।

उन्होंने कहा कि यह ट्रेन किसी एक वर्ग या चुनावी एजेंडे से नहीं जुड़ी है — इसमें सभी नागरिक यात्रा करेंगे और यह बच्चों के भविष्य के लिए है।

सुरक्षा मानक और संचालन योजना

फायर सेफ्टी को लेकर जेटली ने बताया कि सेफ्टी एसओपी उच्च स्तर के हैं और वैज्ञानिक लगातार नज़र रखेंगे। प्रारंभिक चरण में इस ट्रेन को लो ट्रैफिक ज़ोन में संचालित किया जाएगा, जहाँ हर पैरामीटर को सेट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पर बहुत उच्च स्तर पर काम किया जा रहा है और जल्द ही हाइड्रोजन ट्रेन सबके सामने दिखाई देगी।

विपक्ष की प्रतिक्रिया पर पलटवार

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जेटली ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि उन्हें इसी हाइड्रोजन ट्रेन में बैठकर यह कहते रहना चाहिए कि पटरी उन्होंने बनाई थी। यह टिप्पणी उस राजनीतिक बहस की पृष्ठभूमि में आई है जिसमें विपक्ष ने इस परियोजना का श्रेय लेने की कोशिश की है।

क्या होगा आगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को जींद जंक्शन से इस पर्यावरण अनुकूल ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह परियोजना भारत के हरित परिवहन लक्ष्यों की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है, और दुनिया की निगाहें इस पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे केवल 'दुनिया की सबसे बड़ी' बताने का दावा अभी स्वतंत्र सत्यापन की माँग करता है — क्योंकि जर्मनी और चीन में भी हाइड्रोजन ट्रेन परियोजनाएँ सक्रिय हैं। लो ट्रैफिक ज़ोन में सीमित संचालन यह भी संकेत देता है कि तकनीक अभी परिपक्वता के चरण में है। असली कसौटी यह होगी कि यह ट्रेन 89 किमी के पायलट रूट से आगे कब और कितनी तेज़ी से विस्तार पाती है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन कहाँ चलेगी?
देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा में जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर के रूट पर चलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को जींद जंक्शन से इसे हरी झंडी दिखाएंगे।
हाइड्रोजन ट्रेन को पर्यावरण के लिए क्यों बेहतर माना जाता है?
हाइड्रोजन ट्रेन डीज़ल या कोयला-आधारित बिजली की जगह हाइड्रोजन ईंधन का उपयोग करती है, जिससे कार्बन उत्सर्जन शून्य के करीब होता है। मुख्यमंत्री सैनी के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली ने इसे 'पर्यावरण संरक्षण का तोहफा' बताया है।
हाइड्रोजन ट्रेन की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
राजीव जेटली के अनुसार, फायर सेफ्टी के लिए उच्च-स्तरीय एसओपी तैयार किए गए हैं और वैज्ञानिक लगातार निगरानी रखेंगे। प्रारंभिक चरण में ट्रेन को लो ट्रैफिक ज़ोन में संचालित किया जाएगा और हर पैरामीटर सेट किया जाएगा।
इस हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना से कौन-कौन से नाम जुड़े हैं?
मीडिया सलाहकार राजीव जेटली ने कहा कि इस परियोजना के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नाम भविष्य में विशेष रूप से लिए जाएंगे।
विपक्ष ने हाइड्रोजन ट्रेन पर क्या कहा?
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस परियोजना को लेकर बयान दिया, जिस पर राजीव जेटली ने व्यंग्यात्मक जवाब दिया कि उन्हें इसी ट्रेन में बैठकर यह कहते रहना चाहिए कि पटरी उन्होंने बनाई थी। हुड्डा के बयान का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 37 मिनट पहले
  2. 3 घंटे पहले
  3. 22 घंटे पहले
  4. 2 दिन पहले
  5. 4 दिन पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 4 सप्ताह पहले
  8. 9 महीने पहले
    क्या केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भारत के पहले हाइड्रोजन हाईवे का उद्घाटन किया, जिससे ग्रीन हाइड्रोजन की पहल को मिलेगा बढ़ावा?