हाइड्रोजन ट्रेन: सीएम सैनी के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली बोले — यह पर्यावरण संरक्षण का तोहफा, 17 जुलाई को PM मोदी दिखाएंगे हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली ने 16 जुलाई को जींद में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह ट्रेन आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण संरक्षण का तोहफा है। यह ट्रेन जींद जंक्शन से 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के बाद जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर के रूट पर संचालित होगी।
मुख्य घटनाक्रम
राजीव जेटली ने कहा कि हाइड्रोजन तकनीक की कल्पना विकसित देश भी पूरी तरह नहीं कर पाए हैं। उनके अनुसार, जो देश हाइड्रोजन ट्रेन संचालित कर रहे हैं, उनकी ट्रेनों की लंबाई काफी छोटी है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से भारत अब दुनिया की सबसे बड़ी हाइड्रोजन ट्रेन चलाने जा रहा है।
जेटली ने यह भी कहा कि भविष्य में इस ट्रेन परियोजना के साथ तीन नाम विशेष रूप से लिए जाएंगे — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नायब सैनी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव।
ट्रेन का महत्व और भविष्य की राह
जेटली ने स्पष्ट किया कि यह ट्रेन केवल जींद और सोनीपत के बीच की एक रेल सेवा नहीं है, बल्कि यह भविष्य की दिशा तय करने वाली परियोजना है। उनके अनुसार, इससे आने वाले समय में परिवहन क्षेत्र में बड़ी क्रांति आएगी और प्रधानमंत्री मोदी ने इसके ज़रिए आने वाली पीढ़ियों की बुनियाद रखी है।
उन्होंने कहा कि यह ट्रेन किसी एक वर्ग या चुनावी एजेंडे से नहीं जुड़ी है — इसमें सभी नागरिक यात्रा करेंगे और यह बच्चों के भविष्य के लिए है।
सुरक्षा मानक और संचालन योजना
फायर सेफ्टी को लेकर जेटली ने बताया कि सेफ्टी एसओपी उच्च स्तर के हैं और वैज्ञानिक लगातार नज़र रखेंगे। प्रारंभिक चरण में इस ट्रेन को लो ट्रैफिक ज़ोन में संचालित किया जाएगा, जहाँ हर पैरामीटर को सेट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पर बहुत उच्च स्तर पर काम किया जा रहा है और जल्द ही हाइड्रोजन ट्रेन सबके सामने दिखाई देगी।
विपक्ष की प्रतिक्रिया पर पलटवार
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जेटली ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि उन्हें इसी हाइड्रोजन ट्रेन में बैठकर यह कहते रहना चाहिए कि पटरी उन्होंने बनाई थी। यह टिप्पणी उस राजनीतिक बहस की पृष्ठभूमि में आई है जिसमें विपक्ष ने इस परियोजना का श्रेय लेने की कोशिश की है।
क्या होगा आगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को जींद जंक्शन से इस पर्यावरण अनुकूल ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह परियोजना भारत के हरित परिवहन लक्ष्यों की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है, और दुनिया की निगाहें इस पर टिकी हैं।