14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

द्वारका इस्कॉन में 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा, 11,000 किलो आमों का अनोखा भोग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
द्वारका इस्कॉन में 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा, 11,000 किलो आमों का अनोखा भोग

सारांश

दिल्ली के द्वारका इस्कॉन मंदिर में 16 जुलाई को निकलने वाली जगन्नाथ रथ यात्रा इस बार खास है — 11,000 किलो आमों का भोग और 108 किस्मों से सजा रथ इसे एक अनूठा आध्यात्मिक उत्सव बनाते हैं। हजारों श्रद्धालु शाम 4 बजे से रथ की रस्सी थामेंगे।

मुख्य बातें

16 जुलाई 2025 को इस्कॉन द्वारका, सेक्टर-13 से भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा निकलेगी।
रथ यात्रा शाम 4 बजे प्रारंभ होगी; हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी अपेक्षित है।
भगवान जगन्नाथ को 11,000 किलो आमों का भोग अर्पित किया जाएगा; 108 प्रकार के आमों से रथ और मंदिर सजाया जाएगा।
यात्रा से पूर्व 1,008 प्रकार के भोग अर्पित होंगे; मंदिर में आनंद बाजार में ओडिशा के पारंपरिक व्यंजन उपलब्ध रहेंगे।
मार्ग पर 50 से अधिक सोसायटियाँ और संगठन स्वागत करेंगे; इस्कॉन द्वारका यूट्यूब चैनल पर लाइव प्रसारण भी उपलब्ध होगा।

नई दिल्ली के द्वारका सेक्टर-13 स्थित इस्कॉन मंदिर में 16 जुलाई 2025 को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा गुरुवार शाम 4 बजे मंदिर परिसर से प्रारंभ होगी और तय मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर में समाप्त होगी। आयोजकों के अनुसार, इस आध्यात्मिक महोत्सव में हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी अपेक्षित है।

रथ यात्रा का मार्ग और आयोजन

रथ यात्रा इस्कॉन द्वारका मंदिर के पीछे से शुरू होकर एमआरवी स्कूल, डीपीएस पुरी चौक, राजा पुरी चौक, सेक्टर-2, सेक्टर-6, गुरुद्वारा साहिब चौक, डीएवी स्कूल, ट्रू फ्रेंड्स अपार्टमेंट, कामाक्षी अपार्टमेंट, द्वारका मार्केट, आशीर्वाद चौक और केएम चौक से होते हुए वापस मंदिर परिसर पहुँचेगी। यात्रा मार्ग पर स्थित 50 से अधिक आवासीय सोसायटियों और स्थानीय संगठनों द्वारा भगवान जगन्नाथ का विशेष स्वागत किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए मार्ग पर जगह-जगह जलपान और प्रसाद की व्यवस्था भी की गई है।

11,000 किलो आमों का भोग — इस वर्ष का मुख्य आकर्षण

इस वर्ष रथ यात्रा का सबसे अनूठा पहलू है भगवान जगन्नाथ को अर्पित किया जाने वाला 11,000 किलो आमों का भोग। आयोजकों के अनुसार, 108 प्रकार के आमों से भगवान के रथ और समूचे मंदिर परिसर को सजाया जाएगा। श्री श्री रुक्मिणी द्वारकाधीश के वेदी कक्ष को भी विभिन्न किस्मों के आमों से अलंकृत किया जाएगा। भोग के पश्चात इन आमों को श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा।

धार्मिक महत्व और परंपरा

जगन्नाथ रथ यात्रा प्रतिवर्ष आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाई जाती है। वैष्णव परंपरा में भगवान श्रीकृष्ण को ही जगन्नाथ स्वरूप में भक्तों का दर्शनदाता माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, रथ की रस्सी खींचने वाले भक्तों को दिव्य आनंद और भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है। रथ यात्रा आरंभ होने से पूर्व भगवान को 1,008 प्रकार के भोग अर्पित किए जाएंगे।

आनंद बाजार और सांस्कृतिक झलक

मंदिर परिसर में विशेष आनंद बाजार का आयोजन किया जाएगा, जहाँ ओडिशा के पारंपरिक व्यंजन — खाखरा पीठा, मंडा पीठा, खाजा, मालपुआ, दालमा, छेना पोड़ा — सहित अन्य प्रसाद उपलब्ध रहेंगे। आयोजकों का कहना है कि रथ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को आध्यात्मिकता और भक्ति से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है।

ऑनलाइन दर्शन की सुविधा

जो श्रद्धालु किसी कारणवश रथ यात्रा में व्यक्तिगत रूप से सम्मिलित नहीं हो पाएंगे, वे इस्कॉन द्वारका के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर सकेंगे। यह आयोजन दिल्ली के प्रमुख आध्यात्मिक उत्सवों में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है और प्रतिवर्ष इसका दायरा बढ़ता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 किलो आमों का भोग और 108 किस्मों की विविधता आयोजन को धार्मिक से परे एक सांस्कृतिक कूटनीति का रूप देती है — ओडिशा की परंपरा को दिल्ली की बहुलतावादी पहचान से जोड़ते हुए। यह भी उल्लेखनीय है कि 50 से अधिक सोसायटियों की सहभागिता यात्रा को केवल मंदिर-केंद्रित न रखकर एक सामुदायिक उत्सव में बदलती है, जो शहरी आध्यात्मिकता की बदलती प्रकृति को रेखांकित करती है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

द्वारका इस्कॉन में जगन्नाथ रथ यात्रा 2025 कब और कहाँ से शुरू होगी?
रथ यात्रा 16 जुलाई 2025 को शाम 4 बजे दिल्ली के द्वारका सेक्टर-13 स्थित इस्कॉन मंदिर के पीछे से प्रारंभ होगी। यह निर्धारित मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर परिसर में समाप्त होगी।
इस्कॉन द्वारका रथ यात्रा में 11,000 किलो आमों का भोग क्यों खास है?
इस वर्ष भगवान जगन्नाथ को 11,000 किलो आमों का भोग अर्पित किया जाएगा, जिसमें 108 प्रकार की आम की किस्में शामिल हैं। भोग के बाद ये आम श्रद्धालुओं में प्रसाद के रूप में वितरित किए जाएंगे, जो इस आयोजन को अन्य रथ यात्राओं से अलग बनाता है।
रथ यात्रा का मार्ग क्या है?
यात्रा इस्कॉन मंदिर के पीछे से शुरू होकर एमआरवी स्कूल, डीपीएस पुरी चौक, राजा पुरी चौक, सेक्टर-2, सेक्टर-6, गुरुद्वारा साहिब चौक, डीएवी स्कूल, ट्रू फ्रेंड्स अपार्टमेंट, कामाक्षी अपार्टमेंट, द्वारका मार्केट, आशीर्वाद चौक और केएम चौक से होते हुए वापस मंदिर पहुँचेगी।
जो लोग रथ यात्रा में शामिल नहीं हो सकते, वे दर्शन कैसे करें?
जो श्रद्धालु व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते, वे इस्कॉन द्वारका के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देख सकते हैं। इस माध्यम से वे घर बैठे भगवान जगन्नाथ के दर्शन का लाभ उठा सकेंगे।
रथ यात्रा में आनंद बाजार में क्या मिलेगा?
मंदिर परिसर में आयोजित आनंद बाजार में ओडिशा के पारंपरिक व्यंजन जैसे खाखरा पीठा, मंडा पीठा, खाजा, मालपुआ, दालमा और छेना पोड़ा उपलब्ध रहेंगे। यात्रा मार्ग पर भी श्रद्धालुओं के लिए जलपान और प्रसाद की व्यवस्था की गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. कल
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले