14 जुलाई 2026
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अहमदाबाद जगन्नाथ रथ यात्रा 2025: डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने 16.2 किमी मार्ग का निरीक्षण किया, 30,000 पुलिसकर्मी तैनात

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अहमदाबाद जगन्नाथ रथ यात्रा 2025: डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने 16.2 किमी मार्ग का निरीक्षण किया, 30,000 पुलिसकर्मी तैनात

सारांश

अहमदाबाद में 149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने 16.2 किमी मार्ग का निरीक्षण कर 30,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती और AI, ड्रोन व फेस रिकग्निशन जैसी तकनीकों के उपयोग की जानकारी दी। यात्रा 16 जुलाई को जगन्नाथ मंदिर से शुरू होगी।

मुख्य बातें

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 14 जुलाई को अहमदाबाद में 149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा के 16.2 किमी मार्ग का निरीक्षण किया।
आयोजन में 30,000 से अधिक पुलिसकर्मी , एसआरपीएफ की 15 कंपनियाँ और सीएपीएफ की 9 कंपनियाँ तैनात की गई हैं।
मार्ग को 26 रेंज , 53 ऑपरेशनल क्षेत्रों और 1,397 सुरक्षा प्वाइंट में बाँटा गया है।
सुरक्षा में 100 से अधिक ड्रोन , AI फेस रिकग्निशन कैमरे , एंटी-ड्रोन गन और 3डी मैपिंग का उपयोग किया जाएगा।
रथ यात्रा में 3 मुख्य रथ , 18 हाथी , 103 ट्रक और 30 अखाड़े शामिल होंगे।
यात्रा 16 जुलाई को जगन्नाथ मंदिर, अहमदाबाद से प्रारंभ होगी।

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 14 जुलाई को अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथ यात्रा के संपूर्ण 16.2 किलोमीटर लंबे मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया और वरिष्ठ पुलिस व नगर निगम अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। यह ऐतिहासिक रथ यात्रा 16 जुलाई को जगन्नाथ मंदिर से प्रारंभ होगी और आषाढ़ी बीज के पावन अवसर पर शहर के परंपरागत मार्ग से गुज़रेगी।

निरीक्षण में कौन-कौन रहे मौजूद

उपमुख्यमंत्री संघवी के साथ पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जीएस मलिक, अहमदाबाद पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण दल ने मार्ग पर संवेदनशील स्थानों, सुरक्षा बलों की तैनाती, कानून-व्यवस्था की तैयारी और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की।

रथ यात्रा का स्वरूप और आयोजन

संघवी ने पत्रकारों को बताया कि इस वर्ष की रथ यात्रा में 3 मुख्य रथ, 18 हाथी, 103 ट्रक, 30 अखाड़े और अनेक भजन मंडलियाँ शामिल होंगी। यह आयोजन अहमदाबाद की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक है और प्रशासन को इस बार भी पारंपरिक मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उमड़ने की उम्मीद है।

सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत ढाँचा

संघवी ने बताया कि पूरे मार्ग को 26 रेंज, 53 ऑपरेशनल क्षेत्रों और 1,397 सुरक्षा प्वाइंट में विभाजित किया गया है। आयोजन के लिए 30,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें 10 इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) और डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी), 42 डिप्टी पुलिस आयुक्त (डीसीपी) और 88 सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) सम्मिलित हैं।

इसके अतिरिक्त राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) की 15 कंपनियाँ और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 9 कंपनियाँ भी तैनात की गई हैं।

आधुनिक तकनीक से होगी स्मार्ट पुलिसिंग

इस वर्ष सुरक्षा को अभूतपूर्व तकनीकी बल दिया गया है। संघवी ने कहा, 'इस साल स्मार्ट पुलिसिंग और आधुनिक तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), वर्चुअल रियलिटी (वीआर), मॉनिटरिंग सिस्टम और 3डी मैपिंग का उपयोग किया गया है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत रहे।' सुरक्षा योजना में 100 से अधिक ड्रोन से हवाई निगरानी, जीपीएस ट्रैकिंग, सीसीटीवी कैमरे, हाथियों की निगरानी के लिए डेसीबल मीटर, बॉडी-वॉर्न कैमरे, आधुनिक वायरलेस संचार प्रणाली, एआई वॉइस बॉट, एंटी-ड्रोन गन और एआई आधारित फेस रिकग्निशन कैमरे शामिल हैं जो संदिग्ध और वांछित अपराधियों की पहचान में सहायक होंगे।

सामाजिक सौहार्द और श्रद्धालुओं से अपील

संघवी ने बताया कि रथ यात्रा से पूर्व पुलिस ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने कहा, 'पिछले एक महीने में पुलिस ने सभी समुदायों के लोगों के साथ बैठकें कीं और भाईचारे का माहौल बनाने के लिए कई सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए।' उपमुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे बिना धक्का-मुक्की के दर्शन करें और मार्ग के किनारे स्थित असुरक्षित इमारतों पर न चढ़ें। निरीक्षण के दौरान संघवी ने स्थानीय चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को पुरस्कार भी प्रदान किए। 16 जुलाई को होने वाली इस यात्रा के साथ अहमदाबाद एक बार फिर आस्था और प्रशासनिक तत्परता का अनूठा संगम देखने को तैयार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एंटी-ड्रोन गन, 3डी मैपिंग — यह संकेत देती है कि बड़े धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा अब केवल मानव-बल पर निर्भर नहीं रही। लेकिन 30,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती और 1,397 सुरक्षा प्वाइंट के बावजूद असली परीक्षा भीड़ प्रबंधन और संवेदनशील मार्ग पर सामुदायिक सौहार्द बनाए रखने की होगी। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में देश के विभिन्न बड़े धार्मिक आयोजनों में भगदड़ की घटनाएँ हुई हैं — ऐसे में श्रद्धालुओं को असुरक्षित इमारतों से दूर रखने की अपील महज औपचारिकता नहीं, एक ज़रूरी सावधानी है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद जगन्नाथ रथ यात्रा 2025 कब और कहाँ से शुरू होगी?
149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा 16 जुलाई को अहमदाबाद के जगन्नाथ मंदिर से प्रारंभ होगी और आषाढ़ी बीज के अवसर पर पारंपरिक 16.2 किलोमीटर के मार्ग पर निकाली जाएगी।
रथ यात्रा के लिए कितने पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं?
इस बार 30,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें 10 आईजी/डीआईजी, 42 डीसीपी और 88 एसीपी शामिल हैं। इसके अलावा एसआरपीएफ की 15 और सीएपीएफ की 9 कंपनियाँ भी मैदान में हैं।
रथ यात्रा की सुरक्षा में किन आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है?
सुरक्षा व्यवस्था में 100 से अधिक ड्रोन से हवाई निगरानी, AI फेस रिकग्निशन कैमरे, एंटी-ड्रोन गन, 3डी मैपिंग, GPS ट्रैकिंग, बॉडी-वॉर्न कैमरे और AI वॉइस बॉट शामिल हैं।
डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं से क्या अपील की?
संघवी ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि वे बिना धक्का-मुक्की के शांतिपूर्वक दर्शन करें और सुरक्षा की दृष्टि से यात्रा मार्ग के किनारे स्थित असुरक्षित इमारतों पर न चढ़ें।
इस वर्ष की रथ यात्रा में क्या-क्या शामिल होगा?
149वीं रथ यात्रा में 3 मुख्य रथ, 18 हाथी, 103 ट्रक, 30 अखाड़े और अनेक भजन मंडलियाँ सम्मिलित होंगी। पूरे मार्ग को 26 रेंज, 53 ऑपरेशनल क्षेत्रों और 1,397 सुरक्षा प्वाइंट में विभाजित किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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