अहमदाबाद जगन्नाथ रथ यात्रा 2025: डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने 16.2 किमी मार्ग का निरीक्षण किया, 30,000 पुलिसकर्मी तैनात
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 14 जुलाई को अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथ यात्रा के संपूर्ण 16.2 किलोमीटर लंबे मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया और वरिष्ठ पुलिस व नगर निगम अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। यह ऐतिहासिक रथ यात्रा 16 जुलाई को जगन्नाथ मंदिर से प्रारंभ होगी और आषाढ़ी बीज के पावन अवसर पर शहर के परंपरागत मार्ग से गुज़रेगी।
निरीक्षण में कौन-कौन रहे मौजूद
उपमुख्यमंत्री संघवी के साथ पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जीएस मलिक, अहमदाबाद पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण दल ने मार्ग पर संवेदनशील स्थानों, सुरक्षा बलों की तैनाती, कानून-व्यवस्था की तैयारी और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की।
रथ यात्रा का स्वरूप और आयोजन
संघवी ने पत्रकारों को बताया कि इस वर्ष की रथ यात्रा में 3 मुख्य रथ, 18 हाथी, 103 ट्रक, 30 अखाड़े और अनेक भजन मंडलियाँ शामिल होंगी। यह आयोजन अहमदाबाद की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक है और प्रशासन को इस बार भी पारंपरिक मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उमड़ने की उम्मीद है।
सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत ढाँचा
संघवी ने बताया कि पूरे मार्ग को 26 रेंज, 53 ऑपरेशनल क्षेत्रों और 1,397 सुरक्षा प्वाइंट में विभाजित किया गया है। आयोजन के लिए 30,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें 10 इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) और डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी), 42 डिप्टी पुलिस आयुक्त (डीसीपी) और 88 सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) सम्मिलित हैं।
इसके अतिरिक्त राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) की 15 कंपनियाँ और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 9 कंपनियाँ भी तैनात की गई हैं।
आधुनिक तकनीक से होगी स्मार्ट पुलिसिंग
इस वर्ष सुरक्षा को अभूतपूर्व तकनीकी बल दिया गया है। संघवी ने कहा, 'इस साल स्मार्ट पुलिसिंग और आधुनिक तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), वर्चुअल रियलिटी (वीआर), मॉनिटरिंग सिस्टम और 3डी मैपिंग का उपयोग किया गया है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत रहे।' सुरक्षा योजना में 100 से अधिक ड्रोन से हवाई निगरानी, जीपीएस ट्रैकिंग, सीसीटीवी कैमरे, हाथियों की निगरानी के लिए डेसीबल मीटर, बॉडी-वॉर्न कैमरे, आधुनिक वायरलेस संचार प्रणाली, एआई वॉइस बॉट, एंटी-ड्रोन गन और एआई आधारित फेस रिकग्निशन कैमरे शामिल हैं जो संदिग्ध और वांछित अपराधियों की पहचान में सहायक होंगे।
सामाजिक सौहार्द और श्रद्धालुओं से अपील
संघवी ने बताया कि रथ यात्रा से पूर्व पुलिस ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने कहा, 'पिछले एक महीने में पुलिस ने सभी समुदायों के लोगों के साथ बैठकें कीं और भाईचारे का माहौल बनाने के लिए कई सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए।' उपमुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे बिना धक्का-मुक्की के दर्शन करें और मार्ग के किनारे स्थित असुरक्षित इमारतों पर न चढ़ें। निरीक्षण के दौरान संघवी ने स्थानीय चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को पुरस्कार भी प्रदान किए। 16 जुलाई को होने वाली इस यात्रा के साथ अहमदाबाद एक बार फिर आस्था और प्रशासनिक तत्परता का अनूठा संगम देखने को तैयार है।