क्या अहमदाबाद में 148वीं रथयात्रा की तैयारी तेज है? क्राइम ब्रांच ने सुरक्षा के लिए हाई-टेक रणनीति अपनाई है!

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क्या अहमदाबाद में 148वीं रथयात्रा की तैयारी तेज है? क्राइम ब्रांच ने सुरक्षा के लिए हाई-टेक रणनीति अपनाई है!

सारांश

अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की 148वीं रथयात्रा की तैयारियों में सुरक्षा के लिए पुलिस ने हाई-टेक रणनीति अपनाई है। डीसीपी अजीत राजयान ने सुरक्षा प्रबंधों की जानकारी दी, जिसमें तकनीकी उपाय शामिल हैं। जानें इस रथ यात्रा का महत्व और इसके आयोजन की विशेषताएं।

मुख्य बातें

भगवान जगन्नाथ की 148वीं रथ यात्रा 27 जून को होगी।
पुलिस ने सुरक्षा के लिए विशेष तकनीकी उपाय किए हैं।
यह रथ यात्रा 14 किलोमीटर लंबी है।
सुरक्षा में टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जाएगा।
यह यात्रा सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का प्रतीक है।

अहमदाबाद, 21 जून (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की 148वीं रथयात्रा को लेकर तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। अहमदाबाद पुलिस ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रबंध किए हैं। शनिवार को डीसीपी (क्राइम ब्रांच) अजीत राजयान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की और रथ यात्रा की तैयारियों की जानकारी साझा की।

डीसीपी अजीत राजयान ने बताया, "27 जून को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शहर में निकलेगी। इसको ध्यान में रखते हुए पुलिस बल सक्रिय है। लगभग 15,000 से अधिक लोगों के लिए सुरक्षा प्रबंध किए जा रहे हैं। रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच की होगी। इसके लिए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों को पहले ही सुलझा लिया है। अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है और अपराधियों की निरंतर निगरानी की जा रही है।"

पुलिस अधिकारी ने बताया कि बाहरी लोगों पर भी नज़र रखी जा रही है। उन्होंने कहा, "रथयात्रा के दौरान हम टेक्नोलॉजी का उपयोग कर रहे हैं। नए स्टार्टअप्स की सहायता से क्राइम ब्रांच ने वीडियो एनालिटिक्स, क्राउड एनालिटिक्स, गनशॉट डिडेक्शन जैसी तकनीकों के लिए तैयारी की है, जिसका उपयोग 27 जून को रथ यात्रा में किया जाएगा।"

जगन्नाथ मंदिर, जो जमालपुर में स्थित है, से यह रथ यात्रा आरंभ होती है और इसकी लंबाई 14 किलोमीटर है। यह रथ यात्रा अहमदाबाद की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है। नगर निगम और मंदिर ट्रस्ट ने यह सुनिश्चित किया है कि यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।

जगन्नाथ मंदिर के ट्रस्टी मोहन झा ने रथ यात्रा के महत्व को स्पष्ट करते हुए कहा, "यह रथ यात्रा केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि भक्ति का एक अद्वितीय रूप है। जब भगवान अपने भक्तों के हालचाल जानने के लिए मंदिर से बाहर निकलते हैं, तो भक्तों के सारे दुख-दर्द दूर हो जाते हैं। रथ यात्रा शहर के विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरेगी और हजारों भक्त इसमें शामिल होंगे।"

हाल ही में, अहमदाबाद की मेयर प्रतिभा बेन जैन, नगर निगम के अधिकारी और विभिन्न समितियों के अध्यक्षों ने रथयात्रा मार्ग का संयुक्त निरीक्षण भी किया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी है। इस प्रकार के आयोजन में सुरक्षा का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर सुरक्षा उपायों को मजबूत करना एक सकारात्मक कदम है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रथ यात्रा कब निकलने वाली है?
रथ यात्रा 27 जून को अहमदाबाद में निकलेगी।
सुरक्षा के लिए पुलिस ने क्या उपाय किए हैं?
पुलिस ने हाई-टेक रणनीतियाँ अपनाई हैं, जिनमें वीडियो एनालिटिक्स और क्राउड एनालिटिक्स शामिल हैं।
यह रथ यात्रा कितनी लंबी होती है?
यह रथ यात्रा 14 किलोमीटर लंबी होती है।
इस रथ यात्रा का महत्व क्या है?
यह रथ यात्रा भक्ति का एक अद्वितीय रूप है और यह सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है।
क्या रथ यात्रा में कितने भक्त शामिल होंगे?
हजारों भक्त इस रथ यात्रा में शामिल होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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