एनआईए की बड़ी कामयाबी: नार्को-आतंक आरोपी इकबाल सिंह उर्फ शेरा पुर्तगाल से भारत लाया गया

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एनआईए की बड़ी कामयाबी: नार्को-आतंक आरोपी इकबाल सिंह उर्फ शेरा पुर्तगाल से भारत लाया गया

सारांश

वर्षों की कूटनीतिक और कानूनी जद्दोजहद के बाद एनआईए ने नार्को-आतंक मामले के कथित मास्टरमाइंड इकबाल सिंह उर्फ शेरा को पुर्तगाल से भारत वापस लाने में सफलता पाई। हिजबुल मुजाहिदीन को हेरोइन तस्करी से फंड करने का आरोपी शेरा 2020 से फरार था और उस पर इंटरपोल नोटिस भी जारी था।

मुख्य बातें

एनआईए ने 13 मई 2026 को नार्को-आतंक आरोपी इकबाल सिंह उर्फ शेरा को पुर्तगाल से भारत वापस लाया।
शेरा हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े आतंकी फंडिंग मामले का कथित मास्टरमाइंड है और 2020 से फरार था।
अक्टूबर 2020 में गैर-जमानती वारंट और जून 2021 में इंटरपोल नोटिस जारी किया गया था।
पंजाब पुलिस की कार्रवाई में ₹29 लाख और बाद की जांच में ₹32 लाख नार्को-आतंकी फंडिंग से जुड़े बरामद हुए।
शेरा पर पाकिस्तान से हेरोइन तस्करी और हवाला चैनलों के ज़रिए आतंकी फंडिंग का आरोप है।
मामले में आगे की जांच जारी है।

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने 13 मई 2026 को एक बड़ी कूटनीतिक और कानूनी जीत हासिल की, जब वांछित नार्को-आतंक आरोपी इकबाल सिंह उर्फ शेरा को पुर्तगाल से भारत वापस लाया गया। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरते ही एनआईए की एक टीम ने उसे तत्काल हिरासत में ले लिया। अधिकारियों के अनुसार, यह सफलता वर्षों तक चले कूटनीतिक और कानूनी प्रयासों का परिणाम है।

कौन है इकबाल सिंह उर्फ शेरा

पंजाब के अमृतसर जिले का रहने वाला इकबाल सिंह उर्फ शेरा हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े एक बड़े आतंकी फंडिंग मामले का कथित मास्टरमाइंड है। एनआईए ने अपनी जांच में उसे भारत में सक्रिय एक नार्को-टेरर मॉड्यूल का मुख्य साजिशकर्ता और हैंडलर बताया है। वह 2020 से पुर्तगाल में फरार था।

जांचकर्ताओं के अनुसार, शेरा पाकिस्तान से भारत में हेरोइन की तस्करी का समन्वय करता था और उससे मिलने वाले पैसे को हवाला चैनलों के ज़रिए पाकिस्तान और कश्मीर स्थित हिजबुल मुजाहिदीन के गुर्गों तक पहुंचाता था, ताकि आतंकवादी गतिविधियों को वित्तपोषण किया जा सके।

मामले की शुरुआत कैसे हुई

इस मामले की जड़ें पंजाब पुलिस की उस कार्रवाई में हैं, जब हिजबुल मुजाहिदीन के कथित 'ओवरग्राउंड वर्कर' हिलाल अहमद शेरगोजरी को गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से ड्रग्स की बिक्री से जुड़े ₹29 लाख बरामद हुए थे। हिलाल को मारे गए आतंकवादी कमांडर रियाज अहमद नाइकू का करीबी साथी बताया जाता है।

इसके बाद की जांच में नार्को-आतंकी फंडिंग से जुड़े ₹32 लाख और बरामद हुए, जो इस नेटवर्क से जुड़े पंजाब के अलग-अलग सदस्यों से मिले। इन बरामदगियों के बाद एनआईए ने जांच का जिम्मा संभाला और शेरा के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज़ कर दी।

कानूनी और कूटनीतिक प्रक्रिया

एनआईए के अनुसार, शेरा को नार्को-आतंकी मॉड्यूल मामले में वांछित आरोपी घोषित किया गया था और अक्टूबर 2020 में उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। जून 2021 में उसकी गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल नोटिस भी जारी किया गया। लंबी कानूनी और कूटनीतिक प्रक्रिया के बाद बुधवार को उसे भारत लाया जा सका।

नार्को-टेरर नेटवर्क का ढांचा

अधिकारियों के अनुसार, शेरा ने पंजाब में एक सुव्यवस्थित नेटवर्क स्थापित किया था, जो तीन प्रमुख काम करता था — हेरोइन की सीमा पार तस्करी, नशीले पदार्थों से प्राप्त धन की वसूली, और उस धन को आतंकी हैंडलरों तक पहुंचाना। कथित तौर पर वह पाकिस्तान स्थित हिजबुल मुजाहिदीन के गुर्गों के सीधे संपर्क में था।

आगे की जांच

एनआईए ने पुष्टि की है कि इस मामले में आगे की जांच जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि शेरा की गिरफ्तारी से नार्को-आतंक नेटवर्क के और कई अहम सूत्र उजागर हो सकते हैं। यह प्रत्यर्पण भारत की सीमा पार आतंकवाद से निपटने की रणनीति में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अदालत में होगी — जहाँ साक्ष्य की मज़बूती ही फैसला करेगी। नार्को-टेरर के मामलों में अक्सर फंडिंग की श्रृंखला साबित करना सबसे कठिन होता है, खासकर जब हवाला नेटवर्क और सीमा पार संपर्क शामिल हों। यह मामला इस बात की भी परीक्षा है कि भारत की एजेंसियां प्रत्यर्पण के बाद अभियोजन को कितनी कुशलता से आगे बढ़ा सकती हैं — क्योंकि अतीत में कई हाई-प्रोफाइल प्रत्यर्पण के बाद दोषसिद्धि दर निराशाजनक रही है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इकबाल सिंह उर्फ शेरा कौन है और उस पर क्या आरोप हैं?
इकबाल सिंह उर्फ शेरा पंजाब के अमृतसर जिले का रहने वाला कथित नार्को-आतंकी है, जिसे एनआईए ने हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े आतंकी फंडिंग मामले का मास्टरमाइंड बताया है। उस पर पाकिस्तान से हेरोइन तस्करी और हवाला के ज़रिए आतंकी संगठनों को फंड करने का आरोप है।
शेरा को पुर्तगाल से भारत कैसे लाया गया?
अक्टूबर 2020 में गैर-जमानती वारंट और जून 2021 में इंटरपोल नोटिस जारी होने के बाद लंबी कूटनीतिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत शेरा को पुर्तगाल से प्रत्यर्पित किया गया। 13 मई 2026 को दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरते ही एनआईए ने उसे हिरासत में लिया।
इस नार्को-टेरर मामले में क्या बरामद हुआ था?
पंजाब पुलिस ने हिलाल अहमद शेरगोजरी की गिरफ्तारी के दौरान ड्रग्स की बिक्री से जुड़े ₹29 लाख बरामद किए थे। इसके बाद की जांच में नार्को-आतंकी फंडिंग से जुड़े ₹32 लाख और बरामद हुए।
हिजबुल मुजाहिदीन का इस मामले से क्या संबंध है?
जांचकर्ताओं के अनुसार, शेरा हेरोइन तस्करी से मिले पैसे को हवाला चैनलों के ज़रिए पाकिस्तान और कश्मीर स्थित हिजबुल मुजाहिदीन के गुर्गों तक पहुंचाता था। वह कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित हिजबुल मुजाहिदीन के गुर्गों के सीधे संपर्क में था।
इस मामले में आगे क्या होगा?
एनआईए ने पुष्टि की है कि मामले में आगे की जांच जारी है। शेरा को हिरासत में लेने के बाद उससे पूछताछ के ज़रिए नार्को-टेरर नेटवर्क के अन्य सदस्यों और फंडिंग के स्रोतों का पता लगाने की कोशिश की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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