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अहमदाबाद रथ यात्रा 2026: हर्ष संघवी ने सुरक्षा समीक्षा की, AI फेस रिकग्निशन और एंटी-ड्रोन तकनीक होगी तैनात

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अहमदाबाद रथ यात्रा 2026: हर्ष संघवी ने सुरक्षा समीक्षा की, AI फेस रिकग्निशन और एंटी-ड्रोन तकनीक होगी तैनात

सारांश

अहमदाबाद की 149वीं भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा इस बार हाई-टेक सुरक्षा कवच में होगी — AI फेस रिकग्निशन, एंटी-ड्रोन गन, हजारों CCTV और 'प्रतिरक्षा' ऐप से आधार-सत्यापन। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य के शीर्ष अधिकारियों ने सुरक्षा एक्शन प्लान को अंतिम रूप दिया।

मुख्य बातें

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 8 जुलाई 2026 को अहमदाबाद में 149वीं भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा की सुरक्षा तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की।
सुरक्षा के लिए AI फेस रिकग्निशन सिस्टम , एंटी-ड्रोन गन , जैमर टीमें और हजारों CCTV कैमरे तैनात किए जाएंगे।
ट्रकों और अखाड़ों के संचालकों के आधार-आधारित सत्यापन के लिए 'प्रतिरक्षा' एप्लीकेशन का उपयोग होगा।
बैठक में राज्य पुलिस प्रमुख जी.एस.
मलिक , पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत , नगर आयुक्त बंछानिधि पानी और जिला कलेक्टर भव्य वर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन का लक्ष्य रथ यात्रा को पूर्ण सुरक्षा, शांति और श्रद्धा के साथ संपन्न कराना है।

गुजरात के उपमुख्यमंत्री एवं गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने 8 जुलाई 2026 को अहमदाबाद में आगामी 149वीं भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में निर्देश दिए गए कि रथ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम समय रहते पूरे किए जाएं।

बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद

इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजीव कुमार, राज्य पुलिस प्रमुख जी.एस. मलिक, अहमदाबाद पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत, अहमदाबाद नगर आयुक्त बंछानिधि पानी, जिला कलेक्टर भव्य वर्मा सहित नगर निगम, प्रशासन और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने रथ यात्रा सुरक्षा के लिए तैयार किए गए विस्तृत एक्शन प्लान की जानकारी दी और सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने पर चर्चा की।

सुरक्षा के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल

इस वर्ष रथ यात्रा की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए कई आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और निगरानी के लिए सॉफ्टवेयर-आधारित AI फेस रिकग्निशन सिस्टम का इस्तेमाल करेंगी। हवाई सुरक्षा के लिए एंटी-ड्रोन गन और जैमर टीमों की तैनाती की जाएगी।

पूरे रथ यात्रा मार्ग पर हजारों CCTV कैमरों के नेटवर्क के माध्यम से लाइव निगरानी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। इसके अतिरिक्त, रथ यात्रा में शामिल ट्रकों और अखाड़ों के संचालकों के आधार-आधारित सत्यापन के लिए 'प्रतिरक्षा' एप्लीकेशन का उपयोग किया जाएगा।

कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने रथ यात्रा मार्ग पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, सुचारु यातायात प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों के निरीक्षण, स्थानीय समुदाय और जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

गौरतलब है कि आषाढ़ी बीज के अवसर पर आयोजित होने वाली यह रथ यात्रा अहमदाबाद की सबसे बड़ी धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बड़े सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।

प्रशासन का लक्ष्य

संघवी ने कहा कि आधुनिक तकनीक और मानव संसाधन के बेहतर समन्वय से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और 149वीं रथ यात्रा आस्था एवं उत्साह के माहौल में सफलतापूर्वक संपन्न हो। प्रशासन आने वाले दिनों में सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देगा और यात्रा से पूर्व अंतिम सुरक्षा जाँच की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह निजता के सवाल भी उठाती है — खासकर तब जब लाखों आम श्रद्धालुओं का बायोमेट्रिक डेटा निगरानी के दायरे में आता है। 'प्रतिरक्षा' ऐप से आधार-सत्यापन की अनिवार्यता ट्रकों और अखाड़ों तक सीमित है, जो एक व्यावहारिक संतुलन है। असली परीक्षा यह होगी कि इन तकनीकों का क्रियान्वयन कितना निर्बाध रहता है और क्या ये भीड़ प्रबंधन में वास्तविक अंतर लाती हैं — या केवल तकनीकी दिखावे तक सीमित रहती हैं।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद की 149वीं भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा कब आयोजित होगी?
149वीं भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा आषाढ़ी बीज के अवसर पर आयोजित होगी। सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा 8 जुलाई 2026 को की गई और प्रशासन सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है।
रथ यात्रा 2026 में कौन-सी नई तकनीकें इस्तेमाल होंगी?
इस वर्ष AI फेस रिकग्निशन सिस्टम, एंटी-ड्रोन गन, जैमर टीमें और हजारों CCTV कैमरों के जरिए लाइव निगरानी की जाएगी। इसके अलावा ट्रकों और अखाड़ों के संचालकों के आधार-आधारित सत्यापन के लिए 'प्रतिरक्षा' एप्लीकेशन का उपयोग किया जाएगा।
'प्रतिरक्षा' एप्लीकेशन क्या है और इसका उपयोग क्यों किया जाएगा?
'प्रतिरक्षा' एप्लीकेशन एक आधार-आधारित सत्यापन प्रणाली है, जिसका उपयोग रथ यात्रा में शामिल ट्रकों और अखाड़ों के संचालकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा। इसका उद्देश्य असामाजिक तत्वों की घुसपैठ रोकना और यात्रा मार्ग पर सुरक्षा बढ़ाना है।
सुरक्षा समीक्षा बैठक में कौन-कौन से वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए?
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजीव कुमार, राज्य पुलिस प्रमुख जी.एस. मलिक, अहमदाबाद पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत, नगर आयुक्त बंछानिधि पानी और जिला कलेक्टर भव्य वर्मा सहित विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
पूरे रथ यात्रा मार्ग पर हजारों CCTV कैमरों से लाइव निगरानी, AI फेस रिकग्निशन से संदिग्धों की पहचान और एंटी-ड्रोन तकनीक से हवाई सुरक्षा की जाएगी। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
राष्ट्र प्रेस
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