अमरनाथ यात्रा और खीरभवानी मेले से पहले गांदरबल पुलिस ने किया व्यापक एएसटी सुरक्षा अभ्यास
सारांश
मुख्य बातें
गांदरबल (जम्मू-कश्मीर) में आगामी श्री अमरनाथ यात्रा और खीरभवानी मेले की तैयारियों को लेकर गांदरबल पुलिस ने 20 जून को गांदरबल-बालटाल और खीरभवानी मार्ग पर एक व्यापक एडवांस्ड सिक्योरिटी टास्किंग (एएसटी) एक्सरसाइज आयोजित की। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों प्रमुख धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करना है।
एएसटी अभ्यास में क्या हुआ
यह एक्सरसाइज गांदरबल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और फील्ड कर्मियों ने अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर संचालित की। अभ्यास के दौरान संवेदनशील स्थलों, तैनाती योजनाओं, यातायात प्रबंधन उपायों, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली, भीड़ नियंत्रण रणनीतियों और महत्वपूर्ण मार्गों पर तैयारियों का सूक्ष्म मूल्यांकन किया गया।
अधिकारियों ने बालटाल और खीरभवानी मंदिर मार्ग पर कई अहम स्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया। दोनों धार्मिक आयोजनों के लिए मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने हेतु सुरक्षा एवं लॉजिस्टिक इंतजामों की विस्तृत समीक्षा भी की गई।
फील्ड अधिकारियों को निर्देश
अभ्यास के दौरान फील्ड अधिकारियों को पूर्ण सतर्कता बनाए रखने, सभी संबंधित एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों से कहा गया कि किसी भी परिस्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता सुनिश्चित की जाए।
18 जून की सुरक्षा समन्वय बैठक
इससे पूर्व 18 जून को उपायुक्त (डीसी) गांदरबल जतिन किशोर ने पुलिस और सुरक्षा बलों के साथ एक सुरक्षा समन्वय बैठक की अध्यक्षता की थी। बैठक में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए तैयार किए गए व्यापक सुरक्षा प्लान पर विस्तार से चर्चा हुई।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि बालटाल बेस कैंप, मनीगाम ट्रांजिट कैंप और समूचे यात्रा मार्ग पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उपायुक्त जतिन किशोर ने सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष बल दिया और निर्देश दिया कि यात्रा अवधि से पहले ही समस्त तैयारियाँ पूर्ण कर ली जाएँ।
आम जनता और श्रद्धालुओं पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब हर वर्ष लाखों श्रद्धालु श्री अमरनाथ यात्रा में भाग लेते हैं और खीरभवानी मेला कश्मीरी पंडितों सहित बड़ी संख्या में भक्तों को आकर्षित करता है। गांदरबल-बालटाल मार्ग यात्रा का एक प्रमुख प्रवेश बिंदु है, इसलिए यहाँ की सुरक्षा व्यवस्था विशेष महत्व रखती है।
आगे क्या
सुरक्षा एजेंसियों की यह बहु-स्तरीय तैयारी दर्शाती है कि प्रशासन दोनों आयोजनों को किसी भी अप्रिय घटना से मुक्त रखने के लिए पूर्व-निर्धारित रणनीति के साथ काम कर रहा है। आने वाले दिनों में और अभ्यास तथा समन्वय बैठकें अपेक्षित हैं ताकि यात्रा के दौरान हर स्तर पर तत्परता बनी रहे।