13 जुलाई 2026
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अमरनाथ यात्रा 2025: डीजी सीआईएसएफ प्रवीर रंजन ने बालटाल बेस कैंप और पवित्र गुफा में सुरक्षा व्यवस्था का किया व्यापक निरीक्षण

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अमरनाथ यात्रा 2025: डीजी सीआईएसएफ प्रवीर रंजन ने बालटाल बेस कैंप और पवित्र गुफा में सुरक्षा व्यवस्था का किया व्यापक निरीक्षण

सारांश

अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने बालटाल बेस कैंप, पवित्र गुफा और नुनवान बेस कैंप का स्वयं निरीक्षण किया। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीएपीएफ के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर एसओपी और बहु-एजेंसी तालमेल पर जोर दिया गया।

मुख्य बातें

सीआईएसएफ महानिदेशक प्रवीर रंजन ने 13 जुलाई को बालटाल बेस कैंप और श्री अमरनाथ जी की पवित्र गुफा का सुरक्षा निरीक्षण किया।
निरीक्षण में मेडिकल रिस्पॉन्स टीमें, अग्निशमन तैयारी, लॉजिस्टिक्स और बहु-एजेंसी समन्वय का आकलन शामिल था।
एक दिन पहले नुनवान बेस कैंप का भी दौरा किया गया, जिसमें एडीजी सुधीर कुमार और डीआईजी एम.
सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, जम्मू-कश्मीर पुलिस और नागरिक प्रशासन के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
महानिदेशक ने एसओपी के कड़े पालन, निरंतर सतर्कता और सभी बलों के बीच बेहतर तालमेल पर विशेष जोर दिया।

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने 13 जुलाई को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गांदरबल जिले के बालटाल बेस कैंप और श्री अमरनाथ जी की पवित्र गुफा का दौरा कर सुरक्षा इंतजामों का विस्तृत जायजा लिया। इस दौरे में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैनात मेडिकल रिस्पॉन्स टीमों, अग्निशमन तैयारियों, लॉजिस्टिक्स और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय का समग्र आकलन किया गया।

बालटाल में सुरक्षा समीक्षा बैठक

दौरे के दौरान महानिदेशक प्रवीर रंजन ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ), भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की। उन्होंने जॉइंट पुलिस कंट्रोल रूम, नवनिर्मित सीआईएसएफ कैंप, अन्य सुरक्षा बलों के कैंप तथा बालटाल बेस कैंप की प्रमुख परिचालन सुविधाओं का भी व्यक्तिगत निरीक्षण किया। महानिदेशक ने श्री अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और निर्विघ्न संपन्न कराने के प्रति सभी बलों की प्रतिबद्धता पर विश्वास व्यक्त किया।

नुनवान बेस कैंप का पूर्व निरीक्षण

इससे एक दिन पहले रविवार को महानिदेशक प्रवीर रंजन ने एडीजी (उत्तर) सुधीर कुमार और डीआईजी/एनजेड-II एम. के. यादव के साथ नुनवान बेस कैंप का दौरा किया था। उस दौरे में तैनाती की योजनाओं, एक्सेस कंट्रोल उपायों, निगरानी प्रणालियों, संचार नेटवर्क, चिकित्सा सहायता, लॉजिस्टिक्स और एजेंसियों के बीच समन्वय का विस्तृत मूल्यांकन किया गया था।

मुख्य परिचालन बिंदुओं का निरीक्षण

नुनवान दौरे के दौरान महानिदेशक ने चेक पोस्ट, संचार केंद्र, क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी), क्विक एक्शन टीम (क्यूएटी), सीसीटीवी कंट्रोल रूम और अन्य महत्वपूर्ण सुरक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने तैनात जवानों, स्वास्थ्य कर्मियों और महिला कर्मियों से सीधी बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया।

एसओपी और सतर्कता पर जोर

महानिदेशक ने परिचालन तैयारी के उच्चतम मानक बनाए रखने, मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का कड़ाई से पालन करने और यात्रा के दौरान निरंतर सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, जम्मू-कश्मीर पुलिस और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक व्यापक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता भी की, जिसमें समग्र सुरक्षा व्यवस्था और तैयारियों की समीक्षा की गई। यह निरीक्षण दौरा यात्रा के सुरक्षित और सुचारु संचालन के प्रति बहु-एजेंसी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि बैठकों में बनी योजनाएँ ज़मीन पर कितनी प्रभावी रहती हैं। गांदरबल जैसे संवेदनशील क्षेत्र में पाँच से अधिक एजेंसियों के बीच समन्वय की खामियाँ अतीत में भी उजागर हुई हैं। इसलिए एसओपी और सतर्कता पर दिए गए निर्देशों की व्यावहारिक निगरानी ही इस निरीक्षण दौरे की वास्तविक सफलता तय करेगी।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीआईएसएफ डीजी ने अमरनाथ यात्रा के दौरान किन स्थानों का निरीक्षण किया?
सीआईएसएफ महानिदेशक प्रवीर रंजन ने गांदरबल जिले के बालटाल बेस कैंप, श्री अमरनाथ जी की पवित्र गुफा और नुनवान बेस कैंप का निरीक्षण किया। इन दौरों में सुरक्षा व्यवस्था, मेडिकल टीमें, संचार नेटवर्क और एजेंसियों के बीच समन्वय का मूल्यांकन किया गया।
अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और नागरिक प्रशासन संयुक्त रूप से तैनात हैं। इन सभी एजेंसियों के बीच समन्वय के लिए जॉइंट पुलिस कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है।
बालटाल और नुनवान बेस कैंप में क्या सुरक्षा उपाय किए गए हैं?
दोनों बेस कैंपों में चेक पोस्ट, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी), क्विक एक्शन टीम (क्यूएटी), संचार केंद्र और मेडिकल सहायता टीमें तैनात की गई हैं। एक्सेस कंट्रोल और निगरानी प्रणालियाँ भी सक्रिय हैं।
सीआईएसएफ महानिदेशक ने जवानों को क्या निर्देश दिए?
महानिदेशक प्रवीर रंजन ने एसओपी का कड़ाई से पालन करने, ऑपरेशनल तैयारी के उच्चतम मानक बनाए रखने और सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच निरंतर तालमेल रखने पर जोर दिया। उन्होंने तैनात जवानों, स्वास्थ्य कर्मियों और महिला कर्मियों से सीधे संवाद भी किया।
अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा समीक्षा क्यों महत्वपूर्ण है?
अमरनाथ यात्रा लाखों तीर्थयात्रियों को जोड़ने वाला संवेदनशील धार्मिक आयोजन है, जो जम्मू-कश्मीर के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में होता है। बहु-एजेंसी सुरक्षा समीक्षा यह सुनिश्चित करती है कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया संभव हो।
राष्ट्र प्रेस
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