13 जुलाई 2026
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असम में कैंसर सर्वाइवल रेट 62% तक पहुंची, राष्ट्रीय औसत को पीछे छोड़ा: CM हिमंता सरमा

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असम में कैंसर सर्वाइवल रेट 62% तक पहुंची, राष्ट्रीय औसत को पीछे छोड़ा: CM हिमंता सरमा

सारांश

असम का तीन-स्तरीय कैंसर देखभाल मॉडल राष्ट्रीय औसत को पीछे छोड़ते हुए 62% सर्वाइवल रेट तक पहुंच गया है। 47 लाख की स्क्रीनिंग हो चुकी है और 1.24 करोड़ का लक्ष्य है — CM हिमंता सरमा इसे राज्य की स्वास्थ्य नीति की सबसे बड़ी उपलब्धि बता रहे हैं।

मुख्य बातें

असम में तीन-स्तरीय एकीकृत कैंसर देखभाल कार्यक्रम के तहत सर्वाइवल रेट 62 प्रतिशत तक पहुंची, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है।
राज्य में 12 कैंसर केयर सेंटर कार्यरत हैं; अब तक 1 लाख से अधिक सीटी स्कैन और 50,000 इनडोर मरीजों का उपचार हो चुका है।
स्क्रीनिंग अभियान के तहत अब तक 47 लाख लोगों की जाँच पूरी; अगला लक्ष्य 1.24 करोड़ लोग ।
कैंसर केयर नेटवर्क ने 1.56 लाख से अधिक कीमोथेरेपी सत्र और 17,000 से अधिक रेडिएशन थेरेपी प्रक्रियाएँ पूरी कीं।
CM हिमंता बिस्वा सरमा ने 13 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया पर यह उपलब्धि साझा की।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 13 जुलाई 2026 को जानकारी दी कि राज्य के तीन-स्तरीय एकीकृत कैंसर देखभाल कार्यक्रम के तहत कैंसर उपचार के परिणामों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे जीवित रहने की दर (सर्वाइवल रेट) 62 प्रतिशत तक पहुंच गई है — जो राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की और इसे राज्य की स्वास्थ्य नीति की बड़ी उपलब्धि बताया।

कार्यक्रम की मुख्य उपलब्धियाँ

मुख्यमंत्री के अनुसार, इंटीग्रेटेड कैंसर केयर मॉडल की सफलता का श्रेय समय पर स्क्रीनिंग, शुरुआती पहचान और त्वरित उपचार को जाता है। सरमा ने कहा, 'हमारा 3-स्तरीय कैंसर केयर प्रोग्राम बहुत अच्छे नतीजे दे रहा है। समय पर जांच, पहचान और इलाज की वजह से हमारा सर्वाइवल रेट 62 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी ज्यादा है।'

मुख्यमंत्री की ओर से जारी आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, राज्य में इस समय 12 कैंसर केयर सेंटर तीन-स्तरीय हेल्थकेयर मॉडल के अंतर्गत कार्यरत हैं। इन केंद्रों में अब तक 1 लाख से अधिक सीटी स्कैन किए जा चुके हैं और लगभग 50,000 इनडोर मरीजों का उपचार किया गया है।

स्क्रीनिंग अभियान का विस्तार

राज्य सरकार ने कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए एक व्यापक स्क्रीनिंग अभियान चलाया है। आँकड़ों के अनुसार, अब तक 47 लाख लोगों की स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी है, जबकि अगले चरण में 1.24 करोड़ लोगों को इस अभियान के दायरे में लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मूल उद्देश्य समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराकर मृत्यु दर को कम करना है।

उपचार सेवाओं का विस्तार

अधिकारियों के अनुसार, राज्य के कैंसर केयर नेटवर्क ने 1.56 लाख से अधिक कीमोथेरेपी सत्र और 17,000 से अधिक रेडिएशन थेरेपी प्रक्रियाएँ सफलतापूर्वक पूरी की हैं। यह आँकड़ा राज्य में विशेष ऑन्कोलॉजी सेवाओं की बढ़ती पहुँच और उपयोग को दर्शाता है। असम सरकार पिछले कुछ वर्षों से स्वास्थ्य संस्थानों के साथ मिलकर समर्पित कैंसर अस्पतालों और उपचार केंद्रों के माध्यम से कैंसर देखभाल अवसंरचना का निरंतर विस्तार कर रही है।

आगे की योजना

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि सरकार शुरुआती पहचान की पद्धतियों और उपचार सुविधाओं को और सुदृढ़ करती रहेगी, ताकि कैंसर रोगियों को उनके निकटतम क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें। साथ ही, पूरे राज्य में स्क्रीनिंग कवरेज को भी विस्तारित करने की योजना है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब भारत में कैंसर के मामलों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है और शुरुआती पहचान को उपचार की सफलता की कुंजी माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी तुलना के लिए राष्ट्रीय औसत का सटीक आँकड़ा सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया — जो इस उपलब्धि की वास्तविक माप को अधूरा छोड़ता है। गौरतलब है कि ये आँकड़े मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी किए गए हैं, न कि किसी स्वतंत्र स्वास्थ्य संस्था या शोध पत्रिका द्वारा सत्यापित। असम जैसे राज्य में, जहाँ तम्बाकू और पान-सुपारी से जुड़े कैंसर की दर ऐतिहासिक रूप से ऊँची रही है, स्क्रीनिंग का विस्तार सराहनीय है — परंतु दीर्घकालिक प्रभाव के लिए स्वतंत्र मूल्यांकन और पारदर्शी डेटा प्रकाशन आवश्यक होगा।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में कैंसर सर्वाइवल रेट 62% कैसे हासिल हुई?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, राज्य के तीन-स्तरीय एकीकृत कैंसर देखभाल मॉडल के तहत समय पर स्क्रीनिंग, शुरुआती पहचान और त्वरित उपचार की वजह से यह दर 62 प्रतिशत तक पहुंची है। यह राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक बताई जा रही है।
असम के कैंसर स्क्रीनिंग अभियान में कितने लोगों को शामिल किया गया है?
आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, अब तक 47 लाख लोगों की स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी है। अगले चरण में 1.24 करोड़ लोगों को इस अभियान के दायरे में लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
असम में कितने कैंसर केयर सेंटर काम कर रहे हैं?
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, राज्य में इस समय 12 कैंसर केयर सेंटर तीन-स्तरीय हेल्थकेयर मॉडल के तहत कार्यरत हैं। इन केंद्रों में 1 लाख से अधिक सीटी स्कैन और लगभग 50,000 इनडोर मरीजों का उपचार किया जा चुका है।
असम के कैंसर केयर नेटवर्क में कौन-सी उपचार सेवाएँ उपलब्ध हैं?
अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क में 1.56 लाख से अधिक कीमोथेरेपी सत्र और 17,000 से अधिक रेडिएशन थेरेपी प्रक्रियाएँ पूरी की जा चुकी हैं। राज्य सरकार विशेष ऑन्कोलॉजी सेवाओं का निरंतर विस्तार कर रही है।
असम सरकार आगे कैंसर देखभाल में क्या कदम उठाएगी?
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा है कि सरकार शुरुआती पहचान की पद्धतियों और उपचार सुविधाओं को और सुदृढ़ करेगी, ताकि मरीजों को उनके निकटतम क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें। पूरे राज्य में स्क्रीनिंग कवरेज का विस्तार भी प्राथमिकता में है।
राष्ट्र प्रेस
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