असम के 354 चाय बागान अस्पतालों का होगा कायाकल्प, 200 आयुष्मान आरोग्य मंदिर चालू: हिमंता सरमा
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 8 जून 2026 को घोषणा की कि राज्य सरकार चाय बागान क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को आमूल रूप से बदलने की दिशा में काम कर रही है — 354 चाय बागान अस्पतालों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है और 200 आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहले ही सक्रिय हो चुके हैं। यह पहल चाय बागानों में कार्यरत जनजातीय समुदायों तक बुनियादी चिकित्सा सेवाएं पहुँचाने के व्यापक अभियान का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री का एक्स पोस्ट और मुख्य घोषणाएँ
सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'हम चाय बागानों में स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांति ला रहे हैं। 354 अस्पतालों का उन्नयन किया जा रहा है। 200 आरोग्य मंदिर तैयार हैं। हमारी डबल इंजन सरकार चाय बागान समुदाय के सर्वांगीण कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना इस दिशा में सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।
योजना का दायरा और लाभार्थी
अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक चाय बागान अस्पताल को बुनियादी ढाँचे के विकास और सेवा सुधार के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है। उन्नत संस्थानों से श्रमिकों और उनके परिवारों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल, रोग जाँच, निवारक देखभाल और आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध कराने की उम्मीद है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब कई चाय बागान दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं, जहाँ पारंपरिक रूप से चिकित्सा सुविधाओं की पहुँच सीमित रही है।
असम के चाय उद्योग का संदर्भ
गौरतलब है कि असम का चाय उद्योग राज्य के सबसे बड़े रोज़गार क्षेत्रों में से एक है, जो सैकड़ों बागानों में लाखों श्रमिकों को रोज़गार देता है। चाय बागान समुदायों में जीवन स्तर और सामाजिक कल्याण के संकेतक ऐतिहासिक रूप से राज्य के औसत से पीछे रहे हैं, जिसके चलते स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और आजीविका — सभी मोर्चों पर सरकारी हस्तक्षेप की माँग उठती रही है।
व्यापक कल्याण अभियान का हिस्सा
राज्य सरकार ने हाल के वर्षों में चाय बागान जनजातियों के लिए कई कल्याणकारी उपाय लागू किए हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहल जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य अवसंरचना को मज़बूत करने और वंचित आबादी तक आवश्यक चिकित्सा सेवाएं पहुँचाने के बड़े लक्ष्य से जुड़ी है। अतिरिक्त आरोग्य मंदिरों पर काम जारी है और आने वाले महीनों में और केंद्र चालू होने की उम्मीद है।