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असम: चाय बागान और ग्रामीण विकास सर्वोच्च प्राथमिकता, चुनावी वादे चरणबद्ध तरीके से पूरे होंगे — CM सरमा

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असम: चाय बागान और ग्रामीण विकास सर्वोच्च प्राथमिकता, चुनावी वादे चरणबद्ध तरीके से पूरे होंगे — CM सरमा

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी में कहा कि चाय बागान समुदायों और ग्रामीण इलाकों का कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आवास, कृषि और रोज़गार से जुड़े चुनावी वादे चरणबद्ध तरीके से पूरे होंगे, और केंद्र-राज्य समन्वय से ग्रामीण ढाँचे एवं कल्याणकारी योजनाओं को गति मिलेगी।

मुख्य बातें

असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने 2 जून को गुवाहाटी में चाय बागान और ग्रामीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
चुनाव प्रचार के दौरान आवास, कृषि, रोज़गार से जुड़ी माँगें प्रमुखता से सामने आईं।
आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के लिए बेहतर आवास सुविधाएँ सरकार के एजेंडे में शीर्ष पर।
केंद्र सरकार से ग्रामीण संपर्क और कल्याणकारी परियोजनाओं के लिए सतत सहयोग जारी।
सरकार ने चुनावी वादों को ‘चरणबद्ध तरीके’ से पूरा करने का संकेत दिया।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार, 2 जून को गुवाहाटी में कहा कि राज्य सरकार चाय बागान क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों और ग्रामीण इलाकों के कल्याण एवं विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रचार के दौरान जनता से किए गए वादों को ‘चरणबद्ध तरीके’ से पूरा किया जाएगा और इस दिशा में काम पहले ही शुरू हो चुका है।

मुख्यमंत्री का बयान

पत्रकारों से बातचीत में सरमा ने कहा कि चुनाव अभियान के दौरान चाय बागान क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों से सरकार को बड़ी संख्या में सुझाव और प्रतिक्रियाएँ मिली थीं। उनके अनुसार, लोगों ने आवास, कृषि, रोज़गार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कई समस्याएँ और माँगें सामने रखीं, जिन पर “गंभीरता से” काम किया जा रहा है।

मैदानी फीडबैक और लंबित माँगें

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रचार के दौरान मंत्रियों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने कई गाँवों और चाय बागान क्षेत्रों का दौरा किया था। इस दौरान स्थानीय लोगों ने वर्षों से लंबित माँगों से अवगत कराया, जिनमें आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के लिए बेहतर आवास सुविधाएँ और स्थानीय विकास योजनाओं की माँग प्रमुख रही।

कृषि और ग्रामीण ढाँचे पर ज़ोर

सरमा ने कहा कि राज्य सरकार कृषि और ग्रामीण विकास को मज़बूत बनाने की स्पष्ट दृष्टि के साथ काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आजीविका के अवसर पैदा करना, बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करना और चाय बागान क्षेत्रों में कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार करना है। गौरतलब है कि असम की अर्थव्यवस्था में चाय उद्योग और ग्रामीण कृषि क्षेत्र दोनों की भूमिका ऐतिहासिक रूप से निर्णायक रही है।

केंद्र-राज्य समन्वय

मुख्यमंत्री के अनुसार, केंद्र सरकार भी असम में विभिन्न विकास और कल्याणकारी परियोजनाओं के लिए लगातार सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय से ग्रामीण संपर्क मार्गों, सामाजिक कल्याण योजनाओं और कृषि विकास से जुड़ी परियोजनाओं को गति मिलेगी।

जनसंवाद और आगे की राह

सरमा ने बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रमों के दौरान ग्रामीणों से कई सुझाव और ज्ञापन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार स्थानीय समुदायों और अन्य हितधारकों के साथ संवाद जारी रखेगी, और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ ‘हर पात्र परिवार’ तक पहुँचे। राज्य के समग्र विकास पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक कल्याण में संतुलित प्रगति के ज़रिए असम और अधिक मज़बूत बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन न्यूनतम मज़दूरी, स्वास्थ्य सुविधाएँ और भूमि-अधिकार जैसे ढाँचागत प्रश्न अब भी अनसुलझे हैं। सरमा का यह बयान चुनाव के तुरंत बाद का राजनीतिक संकेत अधिक है, ठोस रोडमैप कम — समयसीमा, बजट और लाभार्थी-सत्यापन का ब्यौरा अभी सामने नहीं है। असली कसौटी यह होगी कि क्या ‘चरणबद्ध’ क्रियान्वयन मज़दूरी सुधार और स्थायी आवास जैसे मापने योग्य लक्ष्यों से जुड़ेगा, या यह भी पिछली कई घोषणाओं की तरह मंशा-पत्र बनकर रह जाएगा। राज्य-केंद्र समन्वय का दावा स्वागत-योग्य है, पर भाजपा-शासित दोनों स्तरों पर जवाबदेही का मानक भी उतना ही ऊँचा होना चाहिए।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने चाय बागान क्षेत्रों पर क्या ऐलान किया है?
मुख्यमंत्री सरमा ने 2 जून को गुवाहाटी में कहा कि चाय बागान समुदायों और ग्रामीण क्षेत्रों का कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार चाय बागान क्षेत्रों तक किया जाएगा और हर पात्र परिवार तक लाभ पहुँचाने पर ज़ोर रहेगा।
चुनावी वादे कब और कैसे पूरे होंगे?
मुख्यमंत्री के अनुसार, चुनाव प्रचार के दौरान जनता से किए गए वादों को ‘चरणबद्ध तरीके’ से पूरा किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट समयरेखा साझा नहीं की, लेकिन कहा कि आवास, कृषि, रोज़गार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी माँगों पर पहले से काम जारी है।
चुनाव प्रचार के दौरान कौन-सी प्रमुख माँगें सामने आईं?
मंत्रियों और पार्टी कार्यकर्ताओं को गाँवों एवं चाय बागान क्षेत्रों के दौरों के दौरान बेहतर आवास, कृषि सहायता, रोज़गार के अवसर और बुनियादी ढाँचे से जुड़ी कई लंबित माँगें मिलीं। आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के लिए आवास सुविधाएँ सबसे प्रमुख मुद्दा रही।
केंद्र सरकार की क्या भूमिका रहेगी?
सरमा ने कहा कि केंद्र सरकार असम में विकास और कल्याणकारी परियोजनाओं के लिए सतत सहयोग दे रही है। बेहतर केंद्र-राज्य समन्वय से ग्रामीण संपर्क मार्गों, सामाजिक कल्याण योजनाओं और कृषि विकास परियोजनाओं को तेज़ी मिलने की उम्मीद है।
चाय बागान क्षेत्रों के लिए आगे क्या कदम संभावित हैं?
मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि चाय बागान क्षेत्रों में कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार, बुनियादी ढाँचे का सुदृढ़ीकरण और स्थायी आजीविका के अवसर पैदा करने पर ध्यान दिया जाएगा। सरकार ने स्थानीय समुदायों एवं अन्य हितधारकों के साथ निरंतर जनसंवाद जारी रखने की बात कही है।
राष्ट्र प्रेस
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