असम की मातृ मृत्यु दर 480 से घटकर 84 हुई, राष्ट्रीय औसत 88 से भी बेहतर: सीएम हिमंत सरमा
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 26 जून 2026 को गुवाहाटी में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में घोषणा की कि राज्य की मातृ मृत्यु दर (MMR) प्रति एक लाख जीवित जन्म पर 480 से घटकर 84 पर आ गई है — जो राष्ट्रीय औसत 88 से भी 4 अंक बेहतर है। उन्होंने इसे असम के स्वास्थ्य क्षेत्र में दो दशकों से अधिक समय में किए गए नीतिगत हस्तक्षेपों और बुनियादी ढाँचे के विस्तार का परिणाम बताया।
मुख्य आँकड़े और स्रोत
सरमा ने अपने दावे के आधार के रूप में सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (SRS) बुलेटिन 2022-23 और राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के निष्कर्षों का हवाला दिया। इन आँकड़ों के अनुसार असम अब भारतीय राज्यों की MMR रैंकिंग में 10वें स्थान पर पहुँच गया है। उन्होंने कहा, "एसआरएस 2022-23 की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार अब असम की एमएमआर घटकर 84 हो गई है और राज्य भारतीय राज्यों में 10वें स्थान पर पहुँच गया है। यह राष्ट्रीय औसत 88 से भी चार अंक बेहतर है।"
गौरतलब है कि जब सरमा ने 2006 में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के रूप में पदभार संभाला था, तब असम की MMR देश में सर्वाधिक थी और राष्ट्रीय औसत से करीब 300 अंक पीछे थी।
सुधार के पीछे क्या रहे कारण
मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय कई मोर्चों पर एक साथ किए गए प्रयासों को दिया। इनमें संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना, स्वास्थ्य बजट में वृद्धि, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और गर्भवती महिलाओं के बीच जागरूकता अभियान शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि व्यवहार परिवर्तन अभियानों ने ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में विशेष असर दिखाया।
यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई बड़े राज्य अभी भी उच्च MMR से जूझ रहे हैं और केंद्र सरकार के लक्ष्य 2030 तक MMR को 70 से नीचे लाने की दिशा में राज्यों का प्रदर्शन असमान बना हुआ है।
ऐतिहासिक संदर्भ
असम लंबे समय तक स्वास्थ्य संकेतकों में देश के सबसे पिछड़े राज्यों में गिना जाता था। 480 का MMR आँकड़ा उस दौर की विकट स्थिति को दर्शाता है जब प्रसव के दौरान मातृ मृत्यु की दर राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक थी। सरमा ने कहा, "480 से 84 तक पहुँचना असम की मातृ मृत्यु दर में ऐतिहासिक गिरावट है।" यह गिरावट लगभग 82.5% की है, जो किसी भी राज्य के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जाएगी।
सरकार की प्रतिबद्धता
सरमा ने दावा किया कि आज असम की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था देश की सबसे प्रभावी स्वास्थ्य प्रणालियों में गिनी जाती है। उन्होंने कहा, "हमने भारत की स्वास्थ्य और विकास यात्रा में अपनी अलग पहचान बनाई है। पिछले दो दशकों में मिली उपलब्धियों को बनाए रखने और आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को और मज़बूत करती रहेगी।"
राज्य सरकार का अगला लक्ष्य MMR को 70 से नीचे लाना है, जो केंद्र के 2030 के राष्ट्रीय स्वास्थ्य लक्ष्य के अनुरूप होगा।