चेन्नई में एंटी-रेबीज अभियान: 75 दिनों में 2 लाख कुत्तों को वैक्सीन, रोज़ 3,000 का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन ने 12 अगस्त 2025 से शहर में आवारा कुत्तों के लिए व्यापक एंटी-रेबीज टीकाकरण और कृमिनाशक अभियान शुरू किया है, जिसका लक्ष्य 75 कार्यदिवसों में लगभग 2 लाख स्ट्रीट डॉग्स को वैक्सीन लगाना है। प्रतिदिन करीब 3,000 कुत्तों को कवर करने की योजना के साथ यह अभियान 'रेबीज-मुक्त चेन्नई' के व्यापक लक्ष्य की दिशा में नगर निकाय का अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी कदम है।
अभियान का तरीका और कार्यप्रणाली
कॉर्पोरेशन ने इस अभियान के लिए 30 पशुचिकित्सक दल तैनात किए हैं। कुत्तों को क्षेत्रवार पकड़ा जाएगा, उन्हें एंटी-रेबीज वैक्सीन के साथ-साथ आंतरिक और बाह्य परजीवियों (इंटर्नल और एक्सटर्नल पैरासाइट्स) के लिए दवा दी जाएगी। पहचान के लिए प्रत्येक कुत्ते पर रंग से निशान लगाया जाएगा और फिर उसे उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा जहाँ से उसे पकड़ा गया था। यह व्यवस्थित तरीका सुनिश्चित करेगा कि एक ही जानवर को दोबारा वैक्सीन न लगाई जाए और अधिकतम आबादी को कवर किया जा सके।
चरणबद्ध विस्तार: पहले तीन जोन, फिर पूरा शहर
अभियान की शुरुआत जोन 1, 2 और 4 से की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, इन क्षेत्रों में सफलतापूर्वक संचालन के बाद इसे ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के सभी जोन में चरणबद्ध रूप से विस्तारित किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के शहरी निकाय आवारा पशुओं से जुड़े रेबीज संक्रमण को नियंत्रित करने के दबाव में हैं।
पिछले साल के अभियान से तुलना
गौरतलब है कि नगर निकाय ने पिछले वर्ष भी इसी तरह का टीकाकरण कार्यक्रम चलाया था, जिसमें कॉर्पोरेशन सीमा के भीतर 1,47,545 आवारा कुत्तों को एंटी-रेबीज वैक्सीन और डीवॉर्मिंग की दवाएँ दी गई थीं। इस साल का लक्ष्य उससे करीब 35% अधिक है, जो अभियान की बढ़ती महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।
पालतू जानवरों के मालिकों के लिए मुफ्त वैक्सीन
इस वर्ष के अभियान में एक नई सुविधा जोड़ी गई है — पालतू कुत्तों और बिल्लियों को भी मुफ्त एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएगी। कॉर्पोरेशन ने पालतू जानवरों के मालिकों से अपील की है कि वे इस सुविधा का लाभ उठाएँ और अपने जानवरों को इस जानलेवा वायरल बीमारी से बचाएँ।
विशेषज्ञ संस्थाओं का सहयोग
यह अभियान तमिलनाडु वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी (TANUVAS) और वर्ल्डवाइड वेटरनरी सर्विस (WVS) के पशु चिकित्सकों और प्रशिक्षुओं के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इन संस्थाओं की भागीदारी से वैक्सीनेशन टीमों की क्षमता मज़बूत होगी और निर्धारित समयसीमा में कार्यक्रम पूरा करने में सहायता मिलेगी। नगर निकाय ने निवासियों, पालतू जानवरों के मालिकों और पशु कल्याण कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे अभियान के दौरान पशुचिकित्सक दलों का सक्रिय सहयोग करें। अधिकारियों का कहना है कि रेबीज पर नियंत्रण और शहर में मानव व पशु, दोनों की सुरक्षा के लिए निरंतर टीकाकरण और सामुदायिक भागीदारी अनिवार्य है।