11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चेन्नई में एंटी-रेबीज अभियान: 75 दिनों में 2 लाख कुत्तों को वैक्सीन, रोज़ 3,000 का लक्ष्य

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चेन्नई में एंटी-रेबीज अभियान: 75 दिनों में 2 लाख कुत्तों को वैक्सीन, रोज़ 3,000 का लक्ष्य

सारांश

चेन्नई को रेबीज-मुक्त बनाने की दिशा में ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन ने अपना अब तक का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू किया है — 75 दिनों में 2 लाख आवारा कुत्तों को वैक्सीन और प्रतिदिन 3,000 का लक्ष्य। पिछले साल के 1,47,545 के आँकड़े से यह 35% बड़ा दांव है।

मुख्य बातें

ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन ने 12 अगस्त 2025 से व्यापक एंटी-रेबीज टीकाकरण अभियान शुरू किया।
लक्ष्य: 75 कार्यदिवसों में 2 लाख आवारा कुत्तों को वैक्सीन; प्रतिदिन 3,000 कुत्तों को कवर करने की योजना।
अभियान के लिए 30 पशुचिकित्सक दल तैनात; शुरुआत जोन 1, 2 और 4 से, फिर सभी जोन में विस्तार।
पिछले वर्ष 1,47,545 आवारा कुत्तों को वैक्सीन दी गई थी; इस साल का लक्ष्य उससे करीब 35% अधिक।
पालतू कुत्तों और बिल्लियों को भी मुफ्त एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध।
TANUVAS और WVS के विशेषज्ञ अभियान में सहयोग कर रहे हैं।

ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन ने 12 अगस्त 2025 से शहर में आवारा कुत्तों के लिए व्यापक एंटी-रेबीज टीकाकरण और कृमिनाशक अभियान शुरू किया है, जिसका लक्ष्य 75 कार्यदिवसों में लगभग 2 लाख स्ट्रीट डॉग्स को वैक्सीन लगाना है। प्रतिदिन करीब 3,000 कुत्तों को कवर करने की योजना के साथ यह अभियान 'रेबीज-मुक्त चेन्नई' के व्यापक लक्ष्य की दिशा में नगर निकाय का अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी कदम है।

अभियान का तरीका और कार्यप्रणाली

कॉर्पोरेशन ने इस अभियान के लिए 30 पशुचिकित्सक दल तैनात किए हैं। कुत्तों को क्षेत्रवार पकड़ा जाएगा, उन्हें एंटी-रेबीज वैक्सीन के साथ-साथ आंतरिक और बाह्य परजीवियों (इंटर्नल और एक्सटर्नल पैरासाइट्स) के लिए दवा दी जाएगी। पहचान के लिए प्रत्येक कुत्ते पर रंग से निशान लगाया जाएगा और फिर उसे उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा जहाँ से उसे पकड़ा गया था। यह व्यवस्थित तरीका सुनिश्चित करेगा कि एक ही जानवर को दोबारा वैक्सीन न लगाई जाए और अधिकतम आबादी को कवर किया जा सके।

चरणबद्ध विस्तार: पहले तीन जोन, फिर पूरा शहर

अभियान की शुरुआत जोन 1, 2 और 4 से की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, इन क्षेत्रों में सफलतापूर्वक संचालन के बाद इसे ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के सभी जोन में चरणबद्ध रूप से विस्तारित किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के शहरी निकाय आवारा पशुओं से जुड़े रेबीज संक्रमण को नियंत्रित करने के दबाव में हैं।

पिछले साल के अभियान से तुलना

गौरतलब है कि नगर निकाय ने पिछले वर्ष भी इसी तरह का टीकाकरण कार्यक्रम चलाया था, जिसमें कॉर्पोरेशन सीमा के भीतर 1,47,545 आवारा कुत्तों को एंटी-रेबीज वैक्सीन और डीवॉर्मिंग की दवाएँ दी गई थीं। इस साल का लक्ष्य उससे करीब 35% अधिक है, जो अभियान की बढ़ती महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।

पालतू जानवरों के मालिकों के लिए मुफ्त वैक्सीन

इस वर्ष के अभियान में एक नई सुविधा जोड़ी गई है — पालतू कुत्तों और बिल्लियों को भी मुफ्त एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएगी। कॉर्पोरेशन ने पालतू जानवरों के मालिकों से अपील की है कि वे इस सुविधा का लाभ उठाएँ और अपने जानवरों को इस जानलेवा वायरल बीमारी से बचाएँ।

विशेषज्ञ संस्थाओं का सहयोग

यह अभियान तमिलनाडु वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी (TANUVAS) और वर्ल्डवाइड वेटरनरी सर्विस (WVS) के पशु चिकित्सकों और प्रशिक्षुओं के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इन संस्थाओं की भागीदारी से वैक्सीनेशन टीमों की क्षमता मज़बूत होगी और निर्धारित समयसीमा में कार्यक्रम पूरा करने में सहायता मिलेगी। नगर निकाय ने निवासियों, पालतू जानवरों के मालिकों और पशु कल्याण कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे अभियान के दौरान पशुचिकित्सक दलों का सक्रिय सहयोग करें। अधिकारियों का कहना है कि रेबीज पर नियंत्रण और शहर में मानव व पशु, दोनों की सुरक्षा के लिए निरंतर टीकाकरण और सामुदायिक भागीदारी अनिवार्य है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी कवरेज की गहराई होगी — विशेष रूप से घनी आबादी वाले इलाकों में जहाँ स्ट्रीट डॉग की संख्या सबसे अधिक है। पिछले साल के अभियान के बाद रेबीज के मामलों में वास्तविक कमी के आँकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए, जो इस बार के दावों को परखने का आधार होते। TANUVAS और WVS की भागीदारी तकनीकी विश्वसनीयता देती है, लेकिन बिना स्वतंत्र निगरानी और पारदर्शी परिणाम-रिपोर्टिंग के, यह अभियान भी महज़ संख्याओं का खेल बनकर रह सकता है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन का एंटी-रेबीज अभियान क्या है?
यह चेन्नई नगर निकाय द्वारा शुरू किया गया व्यापक टीकाकरण और कृमिनाशक कार्यक्रम है, जिसका लक्ष्य 75 कार्यदिवसों में 2 लाख आवारा कुत्तों को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाना है। इसका उद्देश्य चेन्नई को रेबीज-मुक्त शहर बनाना है।
इस अभियान में प्रतिदिन कितने कुत्तों को वैक्सीन लगाई जाएगी?
कॉर्पोरेशन ने प्रतिदिन लगभग 3,000 स्ट्रीट डॉग्स को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 30 पशुचिकित्सक दल तैनात किए गए हैं।
क्या पालतू जानवरों के मालिक भी इस अभियान का लाभ उठा सकते हैं?
हाँ, इस वर्ष के अभियान में पालतू कुत्तों और बिल्लियों के लिए मुफ्त एंटी-रेबीज वैक्सीन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। कॉर्पोरेशन ने पालतू जानवरों के मालिकों से इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है।
अभियान में कौन-सी संस्थाएँ सहयोग कर रही हैं?
तमिलनाडु वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी (TANUVAS) और वर्ल्डवाइड वेटरनरी सर्विस (WVS) के पशु चिकित्सक और प्रशिक्षु इस अभियान में सहयोग कर रहे हैं। इनकी भागीदारी से वैक्सीनेशन टीमों की क्षमता और गति दोनों बढ़ने की उम्मीद है।
पिछले साल के अभियान की तुलना में इस साल का लक्ष्य कितना बड़ा है?
पिछले वर्ष कॉर्पोरेशन ने 1,47,545 आवारा कुत्तों को वैक्सीन दी थी। इस साल 2 लाख का लक्ष्य रखा गया है, जो पिछले साल से करीब 35% अधिक है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले