3 जुलाई 2026
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महाराष्ट्र में 14.8 लाख आवारा कुत्तों पर लगाम: नसबंदी-टीकाकरण अभियान तेज, 5 शहरों में ABC विभाग

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महाराष्ट्र में 14.8 लाख आवारा कुत्तों पर लगाम: नसबंदी-टीकाकरण अभियान तेज, 5 शहरों में ABC विभाग

सारांश

महाराष्ट्र में 14.8 लाख आवारा कुत्तों की समस्या अब सरकारी प्राथमिकता बन गई है। इस वर्ष 65 हजार नसबंदी और करीब एक लाख टीकाकरण के बाद अब मुंबई में आश्रय गृह और पाँच बड़े शहरों में स्वतंत्र ABC विभाग बनाने की तैयारी है।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र में सरकारी आंकड़ों के अनुसार 14.8 लाख आवारा कुत्ते हैं, जिनमें से 94 हजार अकेले मुंबई में।
इस वर्ष राज्यभर में 65 हजार नसबंदी और 97,960 रेबीज रोधी टीकाकरण किए गए।
अहिल्यानगर जिले में जनवरी-फरवरी 2026 में कुत्ते काटने के 7,230 मामले — पिछले वर्ष से 463 अधिक ।
मुंबई, पुणे, कल्याण-डोंबिवली, पिंपरी-चिंचवड़ और नासिक में स्वतंत्र ABC विभाग बनाए जाएंगे।
मुंबई में छह महीनों के भीतर तीन स्थानों पर आश्रय गृह निर्माण की योजना; नाहुर में 8,411 वर्ग फुट भूखंड चिह्नित।
पशुपालन विभाग को केंद्रीय समन्वयक एजेंसी नियुक्त किया गया है।

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में 14.8 लाख आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए व्यापक अभियान छेड़ा है। उद्योग मंत्री उदय सामंत ने 3 जुलाई 2026 को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि सभी शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों को केंद्र सरकार के एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) नियम, 2023 और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप नसबंदी एवं रेबीज रोधी टीकाकरण अभियान सख्ती से लागू करने के आदेश दिए गए हैं। यह मुद्दा विधायक अर्जुन खोतकर ने सदन में उठाया था।

आंकड़ों में समस्या की गंभीरता

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र में कुल 14.8 लाख आवारा कुत्ते हैं, जिनमें से अकेले मुंबई में 94 हजार हैं। कुत्तों के काटने की घटनाओं में भी चिंताजनक वृद्धि दर्ज की गई है — अहिल्यानगर (पूर्व में अहमदनगर) जिले में जनवरी-फरवरी 2026 के दौरान 7,230 मामले सामने आए, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 463 अधिक हैं।

मंत्री सामंत ने बताया कि इस वर्ष अब तक राज्यभर में 65 हजार आवारा कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है, जबकि 97,960 कुत्तों को रेबीज रोधी टीका लगाया गया है।

मुंबई में आश्रय गृह और भूमि आवंटन

समस्या के मानवीय और दीर्घकालिक समाधान के लिए सरकार ने मुंबई में अगले छह महीनों के भीतर आवारा कुत्तों के लिए विशेष आश्रय गृह बनाने की योजना बनाई है। राजस्व विभाग से तीन स्थानों पर भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है — मुलुंड और मलाड में लगभग 3,000-3,000 वर्ग फुट, तथा नाहुर में 8,411 वर्ग फुट का भूखंड चिह्नित किया गया है।

यह ऐसे समय में आया है जब अस्पताल परिसरों में आवारा कुत्तों की मौजूदगी को लेकर शिकायतें बढ़ रही हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने डॉ. आर.एन. कूपर अस्पताल परिसर से कुत्तों को हटाने के लिए विशेष टीमें तैनात की हैं और नियमित नसबंदी-टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है।

पाँच प्रमुख शहरों में स्वतंत्र ABC विभाग

सर्वोच्च न्यायालय की सिफारिशों के अनुरूप राज्य के पाँच प्रमुख नगर निगमोंमुंबई, पुणे, कल्याण-डोंबिवली, पिंपरी-चिंचवड़ और नासिक — ने स्वतंत्र एनिमल बर्थ कंट्रोल विभाग स्थापित करने का निर्णय लिया है। ये विभाग नसबंदी, टीकाकरण और कुत्तों के प्रबंधन की जिम्मेदारी एकीकृत रूप से संभालेंगे।

गौरतलब है कि जालना नगर निगम ने इस दिशा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है — एक विशेष एजेंसी की नियुक्ति के बाद 320 दिनों में 2,245 आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण किया गया।

सरकारी आदेश और समन्वय ढाँचा

शहरी विकास विभाग ने 20 मार्च 2025 को कार्यान्वयन संबंधी आदेश जारी किए, और 24 नवंबर 2025 को सभी नगर निकायों को संचालन संबंधी निर्देश भेजे गए। ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग ने 26-27 नवंबर 2025 को ग्राम पंचायतों के लिए अलग निर्देश जारी किए।

राज्यभर में अभियान का समन्वय और सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष एकीकृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी पशुपालन विभाग को केंद्रीय समन्वयक एजेंसी के रूप में सौंपी गई है। विधानसभा में अमीन पटेल, स्नेहा दुबे, नमिता मुंदड़ा और सना मलिक समेत कई विधायकों ने इस चर्चा में भाग लिया।

यह अभियान कितना कारगर होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि स्थानीय निकाय केंद्रीय निर्देशों को ज़मीनी स्तर पर कितनी तेज़ी से लागू कर पाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती क्रियान्वयन की एकरूपता है — जालना जैसे छोटे निकायों की सफलता और राज्य के बाकी हिस्सों के बीच की खाई बताती है कि केंद्रीय निर्देश और ज़मीनी अमल अलग-अलग गति से चलते हैं। अहिल्यानगर में काटने के मामलों में साल-दर-साल बढ़ोतरी यह भी दर्शाती है कि नसबंदी की मौजूदा रफ्तार आबादी की वृद्धि से पीछे है। पाँच शहरों में स्वतंत्र ABC विभाग एक सही दिशा में कदम है, लेकिन बिना जवाबदेही के मापदंड और समयबद्ध लक्ष्यों के, यह भी पिछले सरकारी परिपत्रों की तरह फाइलों में सिमट सकता है।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र में आवारा कुत्तों की कुल संख्या कितनी है?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र में कुल 14.8 लाख आवारा कुत्ते हैं, जिनमें से 94 हजार केवल मुंबई में हैं। यह आंकड़ा उद्योग मंत्री उदय सामंत ने 3 जुलाई 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत किया।
महाराष्ट्र सरकार आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए क्या कदम उठा रही है?
सरकार ने ABC नियम, 2023 के तहत नसबंदी और रेबीज रोधी टीकाकरण अभियान चलाया है, मुंबई में आश्रय गृह बनाने की योजना है, और पाँच प्रमुख नगर निगमों में स्वतंत्र एनिमल बर्थ कंट्रोल विभाग स्थापित किए जाएंगे। पशुपालन विभाग को केंद्रीय समन्वयक एजेंसी नियुक्त किया गया है।
मुंबई में आवारा कुत्तों के आश्रय गृह कहाँ बनाए जाएंगे?
मुंबई में मुलुंड और मलाड में लगभग 3,000-3,000 वर्ग फुट और नाहुर में 8,411 वर्ग फुट भूखंड चिह्नित किया गया है। राजस्व विभाग से इन तीन स्थानों पर भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है और आश्रय गृह छह महीनों के भीतर बनाने का लक्ष्य है।
किन पाँच शहरों में स्वतंत्र ABC विभाग बनाए जाएंगे?
सर्वोच्च न्यायालय की सिफारिशों के अनुरूप मुंबई, पुणे, कल्याण-डोंबिवली, पिंपरी-चिंचवड़ और नासिक के नगर निगम स्वतंत्र एनिमल बर्थ कंट्रोल विभाग स्थापित करेंगे।
महाराष्ट्र में कुत्ते काटने की घटनाएँ कितनी बढ़ी हैं?
अहिल्यानगर (पूर्व में अहमदनगर) जिले में जनवरी-फरवरी 2026 के दौरान कुत्ते काटने के 7,230 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 463 अधिक हैं। यह वृद्धि समस्या की बढ़ती गंभीरता को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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