महाराष्ट्र में 14.8 लाख आवारा कुत्तों पर लगाम: नसबंदी-टीकाकरण अभियान तेज, 5 शहरों में ABC विभाग
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में 14.8 लाख आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए व्यापक अभियान छेड़ा है। उद्योग मंत्री उदय सामंत ने 3 जुलाई 2026 को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि सभी शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों को केंद्र सरकार के एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) नियम, 2023 और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप नसबंदी एवं रेबीज रोधी टीकाकरण अभियान सख्ती से लागू करने के आदेश दिए गए हैं। यह मुद्दा विधायक अर्जुन खोतकर ने सदन में उठाया था।
आंकड़ों में समस्या की गंभीरता
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र में कुल 14.8 लाख आवारा कुत्ते हैं, जिनमें से अकेले मुंबई में 94 हजार हैं। कुत्तों के काटने की घटनाओं में भी चिंताजनक वृद्धि दर्ज की गई है — अहिल्यानगर (पूर्व में अहमदनगर) जिले में जनवरी-फरवरी 2026 के दौरान 7,230 मामले सामने आए, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 463 अधिक हैं।
मंत्री सामंत ने बताया कि इस वर्ष अब तक राज्यभर में 65 हजार आवारा कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है, जबकि 97,960 कुत्तों को रेबीज रोधी टीका लगाया गया है।
मुंबई में आश्रय गृह और भूमि आवंटन
समस्या के मानवीय और दीर्घकालिक समाधान के लिए सरकार ने मुंबई में अगले छह महीनों के भीतर आवारा कुत्तों के लिए विशेष आश्रय गृह बनाने की योजना बनाई है। राजस्व विभाग से तीन स्थानों पर भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है — मुलुंड और मलाड में लगभग 3,000-3,000 वर्ग फुट, तथा नाहुर में 8,411 वर्ग फुट का भूखंड चिह्नित किया गया है।
यह ऐसे समय में आया है जब अस्पताल परिसरों में आवारा कुत्तों की मौजूदगी को लेकर शिकायतें बढ़ रही हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने डॉ. आर.एन. कूपर अस्पताल परिसर से कुत्तों को हटाने के लिए विशेष टीमें तैनात की हैं और नियमित नसबंदी-टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है।
पाँच प्रमुख शहरों में स्वतंत्र ABC विभाग
सर्वोच्च न्यायालय की सिफारिशों के अनुरूप राज्य के पाँच प्रमुख नगर निगमों — मुंबई, पुणे, कल्याण-डोंबिवली, पिंपरी-चिंचवड़ और नासिक — ने स्वतंत्र एनिमल बर्थ कंट्रोल विभाग स्थापित करने का निर्णय लिया है। ये विभाग नसबंदी, टीकाकरण और कुत्तों के प्रबंधन की जिम्मेदारी एकीकृत रूप से संभालेंगे।
गौरतलब है कि जालना नगर निगम ने इस दिशा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है — एक विशेष एजेंसी की नियुक्ति के बाद 320 दिनों में 2,245 आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण किया गया।
सरकारी आदेश और समन्वय ढाँचा
शहरी विकास विभाग ने 20 मार्च 2025 को कार्यान्वयन संबंधी आदेश जारी किए, और 24 नवंबर 2025 को सभी नगर निकायों को संचालन संबंधी निर्देश भेजे गए। ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग ने 26-27 नवंबर 2025 को ग्राम पंचायतों के लिए अलग निर्देश जारी किए।
राज्यभर में अभियान का समन्वय और सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष एकीकृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी पशुपालन विभाग को केंद्रीय समन्वयक एजेंसी के रूप में सौंपी गई है। विधानसभा में अमीन पटेल, स्नेहा दुबे, नमिता मुंदड़ा और सना मलिक समेत कई विधायकों ने इस चर्चा में भाग लिया।
यह अभियान कितना कारगर होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि स्थानीय निकाय केंद्रीय निर्देशों को ज़मीनी स्तर पर कितनी तेज़ी से लागू कर पाते हैं।