आवारा कुत्तों के लिए हर जिले में ABC शेल्टर अनिवार्य हो: मेनका गांधी की माँग, सुप्रीम कोर्ट के रुख पर उठाए सवाल

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आवारा कुत्तों के लिए हर जिले में ABC शेल्टर अनिवार्य हो: मेनका गांधी की माँग, सुप्रीम कोर्ट के रुख पर उठाए सवाल

सारांश

सर्वोच्च न्यायालय ने आवारा कुत्तों को सार्वजनिक स्थलों से हटाने का आदेश बरकरार रखा, लेकिन मेनका गांधी ने सवाल उठाया — 2022 के आदेश के बावजूद 780 जिलों में एक भी ABC शेल्टर क्यों नहीं बना? दिल्ली में 10 शेल्टर बंद, गंगानगर में 1,080 डॉग बाइट केस, फिर भी ज़मीन पर शून्य।

मुख्य बातें

सर्वोच्च न्यायालय ने स्कूल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थलों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश बरकरार रखा।
मेनका गांधी ने कहा कि नवंबर 2022 के कोर्ट आदेश के बाद भी देश के 780 जिलों में एक भी ABC शेल्टर नहीं खोला गया।
दिल्ली में 10 ABC शेल्टर बंद किए गए; गंगानगर में डॉग बाइट के 1,080 मामले दर्ज।
देशभर में रोज़ाना 10,500 कुत्ते हिट-एंड-रन में मारे जाते हैं।
मेनका गांधी ने सुझाया: 780 ABC शेल्टर खोलें, 780 एनजीओ को प्रशिक्षित करें, एक एनजीओ को एक से अधिक कॉन्ट्रैक्ट देने पर रोक लगाएँ।
चेन्नई में एक एनजीओ के पास 11 कॉन्ट्रैक्ट ; हरियाणा में एनजीओ के पास 7-8 कॉन्ट्रैक्ट — कथित तौर पर गैर-कानूनी।

पशु अधिकार कार्यकर्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने 19 मई 2026 को आवारा कुत्तों की समस्या पर सर्वोच्च न्यायालय के ताज़े रुख पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि देश के 780 जिलों में एक भी एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) शेल्टर नहीं खोला गया, जबकि कोर्ट ने नवंबर 2022 में ही इसका स्पष्ट आदेश दिया था।

सुप्रीम कोर्ट का ताज़ा फैसला

सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थलों से आवारा कुत्तों को हटाने के अपने पूर्व आदेश को बरकरार रखा है। डॉग लवर्स की ओर से दायर उस याचिका को शीर्ष अदालत ने सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें इस आदेश में बदलाव की माँग की गई थी। इसके साथ ही कोर्ट ने मामले को आगे के लिए संबंधित उच्च न्यायालयों के पास भेज दिया है।

मेनका गांधी की आपत्ति: 'कोर्ट ने हार मान ली'

मेनका गांधी ने कहा कि नवंबर 2022 में सर्वोच्च न्यायालय ने ABC शेल्टर बनाने और राज्यों के मुख्य सचिवों को विशेष निर्देश देने का आदेश दिया था। उन्होंने कहा, 'कोर्ट ने कहा था कि अगर शेल्टर नहीं बनेंगे तो कार्रवाई होगी, लेकिन इसके बाद भी एक भी शेल्टर नहीं बना और अब कोर्ट ने कह दिया कि हाई कोर्ट चले जाइए।' उनके अनुसार, दिल्ली में नए शेल्टर बनाने की बजाय 10 मौजूदा ABC शेल्टर बंद कर दिए गए हैं।

गंगानगर से लेकर चेन्नई तक: ज़मीनी हकीकत

मेनका गांधी ने बताया कि कोर्ट के रिकॉर्ड में ही यह दर्ज है कि गंगानगर शहर में कुत्तों के काटने के 1,080 मामले सामने आए, फिर भी वहाँ आज तक एक भी ABC शेल्टर नहीं खुला। उन्होंने यह भी बताया कि देशभर में रोज़ाना 10,500 कुत्ते हिट-एंड-रन दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं। एनजीओ प्रबंधन की खामियों पर उन्होंने कहा कि पूरे देश में केवल 16 प्रशिक्षित एनजीओ हैं, जबकि 780 जिलों में बड़े पैमाने पर अप्रशिक्षित और कथित तौर पर अवैध एनजीओ काम कर रहे हैं। चेन्नई में एक एनजीओ ने 11 कॉन्ट्रैक्ट लिए हैं, वसई-विरार में एक एनजीओ के पास 5 कॉन्ट्रैक्ट हैं और हरियाणा में कई एनजीओ ने 7 से 8 कॉन्ट्रैक्ट ले रखे हैं — जिन्हें मेनका गांधी ने गैर-कानूनी बताया।

समाधान का खाका: मेनका गांधी के सुझाव

मेनका गांधी ने तीन सूत्री समाधान प्रस्तुत किया। पहला — राज्य सरकारें 780 जिलों में 780 ABC शेल्टर खोलें। दूसरा — 780 एनजीओ को विधिवत प्रशिक्षण दिया जाए। तीसरा — एक कानून बनाया जाए जिसके तहत कोई भी एनजीओ एक से अधिक कॉन्ट्रैक्ट न ले सके। उन्होंने पोलियो उन्मूलन का उदाहरण देते हुए कहा कि उसे खत्म करने में 15 साल लगे और सरकार ने हर हफ्ते ₹700 करोड़ खर्च किए — यदि इसी अनुपात में आवारा कुत्तों के नियंत्रण कार्यक्रम पर निवेश किया जाए, तो परिणाम बदल सकते हैं।

जवाबदेही का सवाल

मेनका गांधी ने कहा कि यदि सर्वोच्च न्यायालय यह स्पष्ट कर देता कि ABC शेल्टर न खोलने पर संबंधित शहर के नगर आयुक्त को निलंबित किया जाएगा, तो पूरे देश में शेल्टर खुल जाते। उनके अनुसार, जवाबदेही तय किए बिना कोई भी आदेश प्रभावी नहीं होगा। आगे की कानूनी लड़ाई अब संबंधित उच्च न्यायालयों में लड़ी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

राज्य अनदेखी करते हैं, और अंततः मामला उच्च न्यायालयों पर टाल दिया जाता है। मेनका गांधी का यह सवाल कि जब नगर आयुक्त को निलंबन का डर नहीं, तो शेल्टर क्यों बनेगा — यह जवाबदेही के उस खालीपन को उजागर करता है जो भारत के पशु कल्याण कानूनों को कागज़ी बनाए रखता है। एनजीओ कॉन्ट्रैक्ट में भ्रष्टाचार और प्रशिक्षण की कमी की समस्या नई नहीं है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज इस पर ध्यान नहीं देती। जब तक कार्यान्वयन को व्यक्तिगत जवाबदेही से नहीं जोड़ा जाएगा, तब तक हर अदालती आदेश महज़ एक और घोषणा बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ABC शेल्टर क्या होता है और यह आवारा कुत्तों की समस्या से कैसे जुड़ा है?
ABC यानी एनिमल बर्थ कंट्रोल शेल्टर वह सुविधा है जहाँ आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण किया जाता है ताकि उनकी आबादी नियंत्रित हो सके। सर्वोच्च न्यायालय ने नवंबर 2022 में प्रत्येक जिले में ऐसे शेल्टर खोलने का आदेश दिया था, लेकिन अब तक 780 जिलों में एक भी नहीं बना।
सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों पर ताज़ा फैसले में क्या कहा?
सर्वोच्च न्यायालय ने स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थलों से आवारा कुत्तों को हटाने के अपने पूर्व आदेश को बरकरार रखा। डॉग लवर्स की याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने आगे की कार्यवाही के लिए मामला संबंधित उच्च न्यायालयों को सौंप दिया।
मेनका गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के रुख पर क्या आपत्ति जताई?
मेनका गांधी ने कहा कि कोर्ट ने 2022 में ABC शेल्टर न बनने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी, लेकिन बाद में मामला उच्च न्यायालयों पर टाल दिया — जिसे उन्होंने 'हार मान लेना' कहा। उनके अनुसार, यदि नगर आयुक्त के निलंबन जैसी ठोस जवाबदेही तय होती, तो शेल्टर ज़रूर बनते।
एनजीओ कॉन्ट्रैक्ट प्रणाली में क्या खामियाँ हैं?
मेनका गांधी के अनुसार, देशभर में केवल 16 प्रशिक्षित एनजीओ हैं, जबकि 780 जिलों में बड़े पैमाने पर अप्रशिक्षित एनजीओ काम कर रहे हैं। चेन्नई में एक एनजीओ के पास 11, वसई-विरार में 5 और हरियाणा में 7-8 कॉन्ट्रैक्ट हैं — जिन्हें कथित तौर पर गैर-कानूनी बताया गया है।
इस समस्या के समाधान के लिए मेनका गांधी ने क्या सुझाव दिए?
उन्होंने तीन सुझाव दिए: सभी 780 जिलों में ABC शेल्टर खोले जाएँ, 780 एनजीओ को विधिवत प्रशिक्षण दिया जाए, और एक कानून बनाया जाए कि कोई भी एनजीओ एक से अधिक कॉन्ट्रैक्ट न ले सके। उन्होंने पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम की तर्ज़ पर ₹700 करोड़ के साप्ताहिक निवेश का भी उदाहरण दिया।
राष्ट्र प्रेस
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