आवारा कुत्तों के लिए हर जिले में ABC शेल्टर अनिवार्य हो: मेनका गांधी की माँग, सुप्रीम कोर्ट के रुख पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
पशु अधिकार कार्यकर्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने 19 मई 2026 को आवारा कुत्तों की समस्या पर सर्वोच्च न्यायालय के ताज़े रुख पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि देश के 780 जिलों में एक भी एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) शेल्टर नहीं खोला गया, जबकि कोर्ट ने नवंबर 2022 में ही इसका स्पष्ट आदेश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट का ताज़ा फैसला
सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थलों से आवारा कुत्तों को हटाने के अपने पूर्व आदेश को बरकरार रखा है। डॉग लवर्स की ओर से दायर उस याचिका को शीर्ष अदालत ने सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें इस आदेश में बदलाव की माँग की गई थी। इसके साथ ही कोर्ट ने मामले को आगे के लिए संबंधित उच्च न्यायालयों के पास भेज दिया है।
मेनका गांधी की आपत्ति: 'कोर्ट ने हार मान ली'
मेनका गांधी ने कहा कि नवंबर 2022 में सर्वोच्च न्यायालय ने ABC शेल्टर बनाने और राज्यों के मुख्य सचिवों को विशेष निर्देश देने का आदेश दिया था। उन्होंने कहा, 'कोर्ट ने कहा था कि अगर शेल्टर नहीं बनेंगे तो कार्रवाई होगी, लेकिन इसके बाद भी एक भी शेल्टर नहीं बना और अब कोर्ट ने कह दिया कि हाई कोर्ट चले जाइए।' उनके अनुसार, दिल्ली में नए शेल्टर बनाने की बजाय 10 मौजूदा ABC शेल्टर बंद कर दिए गए हैं।
गंगानगर से लेकर चेन्नई तक: ज़मीनी हकीकत
मेनका गांधी ने बताया कि कोर्ट के रिकॉर्ड में ही यह दर्ज है कि गंगानगर शहर में कुत्तों के काटने के 1,080 मामले सामने आए, फिर भी वहाँ आज तक एक भी ABC शेल्टर नहीं खुला। उन्होंने यह भी बताया कि देशभर में रोज़ाना 10,500 कुत्ते हिट-एंड-रन दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं। एनजीओ प्रबंधन की खामियों पर उन्होंने कहा कि पूरे देश में केवल 16 प्रशिक्षित एनजीओ हैं, जबकि 780 जिलों में बड़े पैमाने पर अप्रशिक्षित और कथित तौर पर अवैध एनजीओ काम कर रहे हैं। चेन्नई में एक एनजीओ ने 11 कॉन्ट्रैक्ट लिए हैं, वसई-विरार में एक एनजीओ के पास 5 कॉन्ट्रैक्ट हैं और हरियाणा में कई एनजीओ ने 7 से 8 कॉन्ट्रैक्ट ले रखे हैं — जिन्हें मेनका गांधी ने गैर-कानूनी बताया।
समाधान का खाका: मेनका गांधी के सुझाव
मेनका गांधी ने तीन सूत्री समाधान प्रस्तुत किया। पहला — राज्य सरकारें 780 जिलों में 780 ABC शेल्टर खोलें। दूसरा — 780 एनजीओ को विधिवत प्रशिक्षण दिया जाए। तीसरा — एक कानून बनाया जाए जिसके तहत कोई भी एनजीओ एक से अधिक कॉन्ट्रैक्ट न ले सके। उन्होंने पोलियो उन्मूलन का उदाहरण देते हुए कहा कि उसे खत्म करने में 15 साल लगे और सरकार ने हर हफ्ते ₹700 करोड़ खर्च किए — यदि इसी अनुपात में आवारा कुत्तों के नियंत्रण कार्यक्रम पर निवेश किया जाए, तो परिणाम बदल सकते हैं।
जवाबदेही का सवाल
मेनका गांधी ने कहा कि यदि सर्वोच्च न्यायालय यह स्पष्ट कर देता कि ABC शेल्टर न खोलने पर संबंधित शहर के नगर आयुक्त को निलंबित किया जाएगा, तो पूरे देश में शेल्टर खुल जाते। उनके अनुसार, जवाबदेही तय किए बिना कोई भी आदेश प्रभावी नहीं होगा। आगे की कानूनी लड़ाई अब संबंधित उच्च न्यायालयों में लड़ी जाएगी।