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तमिलनाडु: 3 वर्षीय ऋत्विक पर कुत्ते के हमले के बाद वेल्लोर-रानीपेट में टीकाकरण-नसबंदी अभियान तेज

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तमिलनाडु: 3 वर्षीय ऋत्विक पर कुत्ते के हमले के बाद वेल्लोर-रानीपेट में टीकाकरण-नसबंदी अभियान तेज

सारांश

तिरुपत्तूर में 3 वर्षीय ऋत्विक पर लावारिस कुत्तों के हमले ने तमिलनाडु को हरकत में ला दिया। वेल्लोर, रानीपेट और तिरुवन्नामलाई में बड़े पैमाने पर टीकाकरण-नसबंदी शिविर शुरू हुए; 25 जुलाई तक 15,641 कुत्तों को टीका और ₹64 लाख का ABC केंद्र निर्माणाधीन।

मुख्य बातें

तिरुपत्तूर जिले में 3 वर्षीय एन.
ऋत्विक पर लावारिस कुत्तों के झुंड के हमले के बाद तीन जिलों में अभियान तेज।
वेल्लोर जिले में 45,829 सामुदायिक कुत्ते; 25 जुलाई तक 15,641 को टीका लगाया जा चुका।
तिरुवन्नामलाई में 5,175 में से 4,000 से अधिक कुत्तों का टीकाकरण पूर्ण।
रानीपेट जिले में 12,000 सामुदायिक कुत्तों में से 60% से अधिक को टीका लगाया गया।
नगर निगम द्वारा ₹64 लाख की लागत से पहला समर्पित ABC केंद्र निर्माणाधीन।
अभियान पशुपालन विभाग , तमिलनाडु एनिमल वेलफेयर बोर्ड और NGO मिलकर चला रहे हैं।

तमिलनाडु के तिरुपत्तूर जिले में लावारिस कुत्तों के झुंड द्वारा 3 वर्षीय एन. ऋत्विक पर किए गए हमले के बाद, वेल्लोर, रानीपेट और तिरुवन्नामलाई जिलों की नगर निकायों ने सामुदायिक कुत्तों के टीकाकरण और नसबंदी अभियान को व्यापक पैमाने पर तेज कर दिया है। इस घटना का फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जनता में आक्रोश और चिंता दोनों बढ़ गई, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन को तत्काल कदम उठाने पड़े।

अभियान की पृष्ठभूमि और उद्देश्य

स्थानीय प्रशासन को एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) और वैक्सीनेशन कार्यक्रम को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं। यह अभियान पशुपालन विभाग (Animal Husbandry Department), तमिलनाडु एनिमल वेलफेयर बोर्ड और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के संयुक्त प्रयास से चलाया जा रहा है। वेल्लोर और तिरुवन्नामलाई नगर निगम समेत बड़ी शहरी स्थानीय निकायें पिछले एक महीने से प्रत्येक शनिवार को साप्ताहिक टीकाकरण और नसबंदी शिविर आयोजित कर रही हैं।

ज़िलेवार आँकड़े और प्रगति

आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, वेल्लोर जिले में लगभग 45,829 सामुदायिक कुत्ते हैं, जिनमें से वेल्लोर नगर निगम की सीमा में 27,102, पेरनामबुट में 2,188 और गुडियाथम में 1,973 कुत्ते हैं। 25 जुलाई तक जिले भर में कुल 15,641 कुत्तों को टीका लगाया जा चुका था, जिनमें वेल्लोर नगर निगम क्षेत्र के 7,496 कुत्ते शामिल हैं।

तिरुवन्नामलाई में शहर के लगभग 5,175 सामुदायिक कुत्तों में से 4,000 से अधिक को पहले ही टीका लगाया जा चुका है। वहीं रानीपेट जिले में रानीपेट, शोलिंगहुर, वालाजाह, आरकोट, अरक्कोणम और मेलविशरम जैसे प्रमुख शहरों में लगभग 12,000 सामुदायिक कुत्तों की पहचान की गई है, जिनमें अकेले रानीपेट शहर में 5,787 कुत्ते हैं। अधिकारियों के अनुसार, जिले के पहचाने गए 60 प्रतिशत से अधिक सामुदायिक कुत्तों को पहले ही टीका लगाया जा चुका है।

नया ABC केंद्र और बुनियादी ढाँचा

नसबंदी प्रयासों को और गति देने के लिए नगर निगम की ओर से ₹64 लाख की लागत से पहला समर्पित एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) केंद्र निर्माणाधीन है। यह केंद्र दीर्घकालिक आधार पर लावारिस कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आम जनता की प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासियों ने सरकार के इस अभियान का स्वागत किया है। उनका मानना है कि निरंतर टीकाकरण और नसबंदी से आवारा कुत्तों की संख्या धीरे-धीरे घटेगी और आवासीय क्षेत्र बच्चों तथा बुज़ुर्गों के लिए अधिक सुरक्षित बनेंगे। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में लावारिस कुत्तों के हमलों की घटनाएँ सार्वजनिक बहस का केंद्र बनी हुई हैं।

आगे की राह

अधिकारियों के अनुसार, अभियान को शहरी स्थानीय निकायों में निर्बाध जारी रखा जाएगा और ABC केंद्र के चालू होने के बाद नसबंदी की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यदि यह मॉडल सफल रहा, तो इसे तमिलनाडु के अन्य जिलों में भी लागू किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर सब ठंडा पड़ जाता है। असली सवाल यह है कि क्या यह टीकाकरण-नसबंदी मॉडल दीर्घकालिक है या घटना-प्रेरित प्रतिक्रिया मात्र। वेल्लोर में 45,829 में से अब तक केवल 15,641 कुत्तों का टीकाकरण हुआ है — यानी एक तिहाई से भी कम। ₹64 लाख का ABC केंद्र सही दिशा में कदम है, लेकिन बिना नियमित बजट आवंटन और जवाबदेही तंत्र के, यह अभियान अगली बड़ी घटना तक ही टिकेगा।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु में लावारिस कुत्तों का टीकाकरण अभियान क्यों शुरू हुआ?
तिरुपत्तूर जिले में लावारिस कुत्तों के झुंड द्वारा 3 वर्षीय एन. ऋत्विक पर हमले की घटना के बाद यह अभियान तेज किया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जनदबाव में वेल्लोर, रानीपेट और तिरुवन्नामलाई जिलों की नगर निकायों ने बड़े पैमाने पर टीकाकरण और नसबंदी शिविर शुरू किए।
25 जुलाई तक कितने कुत्तों को टीका लगाया जा चुका है?
आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, 25 जुलाई तक वेल्लोर जिले में कुल 15,641 कुत्तों को टीका लगाया जा चुका था, जिनमें वेल्लोर नगर निगम क्षेत्र के 7,496 कुत्ते शामिल हैं। तिरुवन्नामलाई में 5,175 में से 4,000 से अधिक और रानीपेट में 60% से अधिक पहचाने गए कुत्तों का टीकाकरण हो चुका है।
एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) केंद्र क्या है और यह कहाँ बन रहा है?
ABC केंद्र एक समर्पित सुविधा है जहाँ लावारिस कुत्तों की नसबंदी की जाती है ताकि उनकी आबादी दीर्घकालिक रूप से नियंत्रित हो सके। वेल्लोर नगर निगम ₹64 लाख की लागत से पहला ऐसा केंद्र निर्माणाधीन है।
यह अभियान कौन चला रहा है?
यह अभियान पशुपालन विभाग, तमिलनाडु एनिमल वेलफेयर बोर्ड और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के संयुक्त प्रयास से चलाया जा रहा है। वेल्लोर और तिरुवन्नामलाई नगर निगम समेत शहरी स्थानीय निकायें प्रत्येक शनिवार को साप्ताहिक शिविर लगा रही हैं।
इस अभियान से आम जनता को क्या फायदा होगा?
निरंतर टीकाकरण से रेबीज़ जैसी बीमारियों का खतरा कम होगा और नसबंदी से लावारिस कुत्तों की संख्या धीरे-धीरे घटेगी। इससे बच्चों और बुज़ुर्गों के लिए आवासीय क्षेत्र अधिक सुरक्षित बनेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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