मध्य प्रदेश STF का फर्जी पासपोर्ट रैकेट पर बड़ा खुलासा: 70 नकली पासपोर्ट बरामद, 6 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 25 सितंबर 2026 को एक संगठित फर्जी पासपोर्ट रैकेट का पर्दाफाश करते हुए करीब 70 नकली पासपोर्ट बरामद किए हैं। ये पासपोर्ट राज्य के भोपाल, बैतूल, छिंदवाड़ा, डबरा और पाहुर्ना जैसे विभिन्न स्थानों पर बौद्ध मठों के पतों का इस्तेमाल कर बनवाए गए थे। STF के अनुसार जाँच में अब तक 6 संदिग्धों की गिरफ्तारी हो चुकी है और 75 आरोपियों की पहचान की जा चुकी है।
मुख्य घटनाक्रम
STF के डीआईजी राहुल लोधा ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला बहुस्तरीय है और जाँच अभी जारी है। उन्होंने कहा, 'यह एक बहुस्तरीय मामला है और जाँच अभी भी चल रही है। अब तक छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें दो दिन पहले की गई ताज़ा गिरफ्तारी भी शामिल है।'
सबसे ताज़ा गिरफ्तारी 23 सितंबर 2026 को गयाप्रसाद गौतम की हुई। इससे पहले 25 अगस्त से 18 सितंबर के बीच रियाल चौधरी उर्फ भंते मेतानंद, विप्लब अधिकारी, प्रियन रॉय, जॉय चौधरी और नसीम अख्तर को गिरफ्तार किया जा चुका था।
मठों के पतों का बार-बार इस्तेमाल
जाँच में सामने आए एक अहम पैटर्न के तहत पासपोर्ट आवेदनों में बौद्ध मठों के पतों का बार-बार उपयोग किया गया था। STF ने भोपाल के अन्नानगर से जुड़े 40 मामले, डबरा से 17, बैतूल के आमला बौद्ध मठ से 11 और छिंदवाड़ा-पाहुर्ना से 2 मामले चिह्नित किए हैं।
गवाहों के उपयोग में भी एक स्पष्ट पैटर्न देखा गया। 70 में से करीब 50 फर्जी पासपोर्ट के मामलों में तीन व्यक्ति — गयाप्रसाद गौतम, गुलाब राय और रियाल चौधरी उर्फ भंते मेतानंद — गवाह के तौर पर पेश हुए। कई आवेदनों में इन्हीं के मोबाइल नंबर भी दर्ज पाए गए। डीआईजी लोधा ने बताया, 'एक ही गवाह और मठ के पते का बार-बार इस्तेमाल ही वह पैटर्न था जिससे रैकेट का खुलासा हुआ।'
अधिकारियों की संभावित मिलीभगत की जाँच
STF के अनुसार जाँच में यह भी उभरकर आया है कि कुछ सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की मदद से ये फर्जी पासपोर्ट तैयार किए गए। पासपोर्ट सेवा केंद्र से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की जाँच की जा रही है। राहुल लोधा ने कहा, 'आरोपियों ने मठों के पतों का इस्तेमाल कर पासपोर्ट बनवाए और कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों की मदद से पासपोर्ट तैयार किए गए।'
जाँचकर्ताओं को मुख्य आरोपियों के बीच आपसी संबंध भी मिले हैं। गुलाब राय बैतूल के आमला में एक कैंप के दौरान रियाल चौधरी से मिला था और बाद में झांसी के एक अन्य कैंप में भी दोनों की मुलाकात हुई। 2022 में गुलाब राय अपने साथियों के साथ डबरा के अंबेडकर पार्क में एक कैंप में शामिल हुआ था।
छह राज्यों तक फैला नेटवर्क
STF ने जाँच का दायरा बढ़ाते हुए अब मध्य प्रदेश, असम, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब — कुल छह राज्यों — तक अपनी टीमें तैनात की हैं। ये टीमें संदिग्ध नेटवर्क सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी में जुटी हैं। अब तक 75 आरोपियों की शिनाख्त की जा चुकी है।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि फर्जी पासपोर्ट रैकेट में सरकारी अधिकारियों की संलिप्तता की आशंका इस मामले को और गंभीर बनाती है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब सरकार पासपोर्ट सेवाओं को डिजिटल और पारदर्शी बनाने पर ज़ोर दे रही है। STF की जाँच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।