असम कैंसर केयर नेटवर्क में मिजोरम शामिल, पूर्वोत्तर का हेल्थकेयर हब बन रहा असम: सीएम हिमंता सरमा
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 8 जुलाई 2026 को घोषणा की कि मिजोरम अब असम कैंसर केयर फाउंडेशन (ACCF) के नेटवर्क से जुड़ गया है। इस साझेदारी के तहत मिजोरम के कैंसर मरीज मिजोरम यूनिवर्सल हेल्थकेयर स्कीम के अंतर्गत असम के ACCF अस्पतालों में पूरी तरह कैशलेस उपचार प्राप्त कर सकेंगे। सरमा ने इसे पूर्वोत्तर भारत के क्षेत्रीय स्वास्थ्य केंद्र के रूप में असम के उभरने की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस समझौते की जानकारी साझा करते हुए लिखा, 'यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मिजोरम ने केयर असम के साथ साझेदारी की है, जिससे वहाँ के कैंसर मरीज असम के हमारे कैंसर केंद्रों में मिजोरम यूनिवर्सल हेल्थकेयर स्कीम के तहत पूरी तरह कैशलेस इलाज प्राप्त कर सकेंगे।'
यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर के कई राज्यों के मरीजों को उन्नत कैंसर उपचार के लिए दिल्ली, मुंबई या कोलकाता जैसे महानगरों तक जाना पड़ता था। इस नेटवर्क का उद्देश्य इसी परेशानी को क्षेत्र के भीतर ही हल करना है।
पूर्वोत्तर में विस्तार की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के साथ इससे पहले ही इसी तरह की व्यवस्था लागू हो चुकी है। अरुणाचल प्रदेश के लाभार्थियों को मुख्यमंत्री आरोग्य अरुणाचल योजना और नागालैंड के मरीजों को मुख्यमंत्री हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम के तहत ACCF अस्पतालों में उपचार मिल रहा है। मिजोरम इस श्रृंखला में तीसरा पूर्वोत्तर राज्य बन गया है।
असम कैंसर केयर फाउंडेशन क्या है
असम कैंसर केयर फाउंडेशन (ACCF) असम सरकार और टाटा ट्रस्ट्स की संयुक्त पहल है। यह संस्था असम के विभिन्न ज़िलों में विशेष कैंसर अस्पतालों का नेटवर्क संचालित करती है, जिससे राज्य के दूरदराज़ के क्षेत्रों में भी कैंसर उपचार सुलभ हो सके। यह मॉडल अब पड़ोसी राज्यों के मरीजों के लिए भी खुल रहा है।
आम जनता पर असर
इस साझेदारी का सबसे बड़ा लाभ उन कैंसर मरीजों को होगा जो आर्थिक तंगी के कारण महंगे इलाज से वंचित रह जाते थे। कैशलेस सुविधा मिलने से मिजोरम के मरीजों पर अग्रिम भुगतान का बोझ नहीं पड़ेगा, और उन्हें अपने राज्य की स्वास्थ्य योजना का लाभ असम में भी मिलेगा।
आगे की राह
मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार, यह समझौता असम को पूर्वोत्तर का प्रमुख हेल्थकेयर हब बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शेष पूर्वोत्तर राज्य भी इस नेटवर्क से जुड़ते हैं, तो क्षेत्र में कैंसर देखभाल की पहुँच में उल्लेखनीय सुधार संभव है।