दिल्ली में 70 लाख पौधे लगाने का अभियान: सीएम रेखा गुप्ता ने मॉडल टाउन में किया पौधरोपण
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार, 13 जुलाई को मॉडल टाउन इलाके में पौधा लगाकर राष्ट्रीय राजधानी में चल रहे 70 लाख पौधरोपण अभियान में सक्रिय भागीदारी की। यह अभियान दिल्ली की हरियाली बढ़ाने, वायु गुणवत्ता सुधारने और पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देने की व्यापक मुहिम का हिस्सा है।
अभियान की पृष्ठभूमि और शुरुआत
इस मास प्लांटेशन ड्राइव की शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 7 जुलाई को की थी। इसके बाद से दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में सरकारी विभाग, नागरिक संस्थाएँ, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और आम नागरिक मिलकर पौधरोपण में जुटे हैं। अधिकारियों के अनुसार, पार्कों, शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों, सड़क किनारे की ग्रीन बेल्ट और अन्य चिन्हित स्थानों पर स्वयंसेवकों की मदद से पौधे लगाए जा रहे हैं।
सीएम रेखा गुप्ता का बयान
पौधरोपण के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'मास प्लांटेशन ड्राइव के तहत दिल्ली भर में लगातार पौधरोपण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 7 जुलाई को इस अभियान की शुरुआत की थी। दिल्ली सरकार ने एक खास पोर्टल के ज़रिए लोगों से भागीदारी की अपील की, जहाँ लोग पौधरोपण अभियान में हिस्सा लेने के लिए समय चुन सकते थे। इसके बाद नागरिक तय जगहों पर गए और पौधे लगाने में सक्रिय रूप से शामिल हुए।'
उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल का मकसद नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण में सीधे योगदान देने का अवसर देकर पौधरोपण को एक वास्तविक जन-आंदोलन में बदलना है।
ऑनलाइन पोर्टल से जन-भागीदारी
दिल्ली सरकार ने नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है, जिसके ज़रिए कोई भी व्यक्ति पंजीकरण कर अपनी सुविधानुसार समय और स्थान चुनकर पौधरोपण में भाग ले सकता है। यह तकनीकी पहल अभियान को अधिक व्यवस्थित और समावेशी बनाती है।
एनडीएमसी की 'एक पेड़ मां के नाम' पहल
इससे एक दिन पहले, रविवार को नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने गोल मार्केट में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत बड़े पैमाने पर पौधरोपण का नेतृत्व किया। चहल ने इस दौरान 'गुड गवर्नेंस एट योर डोरस्टेप' पहल के अंतर्गत रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों और स्थानीय निवासियों से संवाद किया तथा नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों को सुनकर अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आगे की राह
यह अभियान दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण और घटती हरियाली की चुनौतियों के बीच एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 70 लाख पौधों का यह लक्ष्य तभी सार्थक होगा जब रोपे गए पौधों की दीर्घकालिक देखभाल और जीवित रहने की दर सुनिश्चित की जाए — जो किसी भी शहरी वनीकरण अभियान की असली कसौटी होती है।