14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अहमदाबाद: 149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा से पहले मुस्लिम नेता ने भेंट किया सोने-चांदी का 'एकता रथ', 27 साल पुरानी परंपरा जारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अहमदाबाद: 149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा से पहले मुस्लिम नेता ने भेंट किया सोने-चांदी का 'एकता रथ', 27 साल पुरानी परंपरा जारी

सारांश

27 साल से अटूट एक परंपरा — अहमदाबाद में मुस्लिम नेता रऊफ बंगाली ने इस बार भगवान जगन्नाथ को पहली बार सोने की पत्ती से सजा चांदी का 'एकता रथ' भेंट किया। वर्ष 2000 के सांप्रदायिक तनाव के बाद शुरू हुई यह पहल आज गुजरात में भाईचारे का सबसे जीवंत प्रतीक बन चुकी है।

मुख्य बातें

मुस्लिम नेता रऊफ बंगाली ने 16 जुलाई को निकलने वाली 149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा से पहले अपना 27वाँ 'एकता रथ' भगवान जगन्नाथ को समर्पित किया।
इस वर्ष पहली बार 300 ग्राम से अधिक चांदी से बने रथ पर सोने की पत्ती चढ़ाई गई; रथ बनाने में 15 दिन लगे।
यह परंपरा वर्ष 2000 में गुजरात के सांप्रदायिक तनाव के बाद हिंदू-मुस्लिम एकता के संदेश के साथ शुरू की गई थी।
रथ यात्रा 16 जुलाई को सुबह 7 बजे प्रारंभ होगी, जिसमें 18 गजराज , 101 झांकियाँ और 30 अखाड़ा मंडलियाँ शामिल होंगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सुबह 4 बजे मंगला आरती में और गुजरात के मुख्यमंत्री सुबह 7 बजे रथ यात्रा के शुभारंभ में भाग लेंगे।

अहमदाबाद में 16 जुलाई को निकलने वाली 149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा से पहले सांप्रदायिक सौहार्द की एक विशेष मिसाल सामने आई, जब मुस्लिम नेता रऊफ बंगाली ने भगवान जगन्नाथ को 'एकता रथ' समर्पित किया। इस वर्ष पहली बार 300 ग्राम से अधिक चांदी से निर्मित रथ पर सोने की पत्ती चढ़ाई गई है। यह रथ औपचारिक रूप से जगन्नाथ मंदिर के महंत को सौंपा गया और हिंदू-मुस्लिम एकता तथा राष्ट्रीय सद्भाव का प्रतीक बना।

एकता रथ की विशेषताएँ

रऊफ बंगाली द्वारा तैयार कराए गए इस विशेष रथ को बनाने में लगभग 15 दिन का समय लगा। तीन घोड़ों से सुसज्जित यह रथ इस वर्ष की रथ यात्रा का प्रमुख आकर्षण माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इस बार पहली बार चांदी के रथ पर सोने की पत्ती का उपयोग किया गया, जिसने इसे पिछले वर्षों के रथों से विशिष्ट बनाया।

27 वर्षों की परंपरा और इसकी पृष्ठभूमि

रऊफ बंगाली ने बताया कि वे पिछले 26 वर्षों से मुस्लिम समाज की ओर से भगवान जगन्नाथ को चांदी का रथ भेंट करते आ रहे हैं और यह उनका 27वाँ रथ है। उन्होंने यह परंपरा वर्ष 2000 में गुजरात में हुए सांप्रदायिक तनाव के बाद हिंदू-मुस्लिम भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का संदेश देने के उद्देश्य से शुरू की थी। यह ऐसे समय में आया है जब देश में सांप्रदायिक सद्भाव को लेकर सामाजिक बहस जारी है। गौरतलब है कि पिछले ढाई दशक में यह पहल केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं रही, बल्कि समाज में शांति और भाईचारे का व्यापक प्रतीक बन चुकी है।

रथ यात्रा का भव्य आयोजन

जगन्नाथ मंदिर ट्रस्टी महेंद्र झा ने बताया कि 149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा 16 जुलाई को सुबह 7 बजे मंदिर परिसर से प्रारंभ होगी। यात्रा की शुरुआत 18 गजराजों (हाथियों) से होगी, इसके बाद 101 ट्रकों पर भारतीय संस्कृति की भव्य झांकियाँ प्रस्तुत की जाएंगी। लगभग 30 अखाड़ा मंडलियाँ पारंपरिक करतब दिखाएंगी, और तीन रास-गरबा मंडलियाँ व तीन बैंड दल भी शोभायात्रा में शामिल होंगे। यात्रा में भगवान जगन्नाथ का नंदीघोष रथ, सुभद्रा का देवदलन रथ और बलभद्र का तालध्वज रथ शामिल होंगे। यात्रा का विस्तार लगभग 15 से 16 किलोमीटर होगा।

केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री की भागीदारी

महेंद्र झा ने बताया कि रथ यात्रा के दिन सुबह 4 बजे होने वाली मंगला आरती में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। सुबह 4:30 बजे भगवान की आँखों पर बंधी पट्टी खोली जाएगी और सुबह 5:45 बजे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं को रथों में विराजमान किया जाएगा। सुबह 7 बजे शुभ मुहूर्त में गुजरात के मुख्यमंत्री सोने के झाड़ू से भगवान के रथ के आगे का मार्ग साफ करेंगे और स्वयं रथ की रस्सी खींचकर यात्रा का शुभारंभ कराएंगे।

आस्था और परंपरा का महापर्व

जगन्नाथ मंदिर के महंत दिलीप दास महाराज ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथ यात्रा पूरे प्रदेश का आस्था और श्रद्धा का महापर्व है। उन्होंने बताया कि आषाढ़ शुक्ल द्वितीया (दूज) के दिन यह यात्रा निकलेगी। अमावस्या के दिन जब भगवान मामा के घर से वापस मंदिर लौटते हैं, तब नेत्रोत्सव पूजा का आयोजन होता है, जिसमें साधु-संतों का सम्मान और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है। रथ यात्रा के अगले दिन भगवान जगन्नाथ का स्वर्ण वेश में विशेष श्रृंगार किया जाता है। इस वर्ष भी गजराज, सांस्कृतिक झांकियाँ, अखाड़े, भजन मंडलियाँ और ध्वज-पताकाओं के साथ भव्य शोभायात्रा निकलेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ज़मीन पर जीता है — जहाँ एक मुस्लिम नेता हर साल सांप्रदायिक तनाव के जवाब में चांदी का रथ लेकर मंदिर पहुँचता है। यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह किसी सरकारी कार्यक्रम की उपज नहीं, बल्कि एक व्यक्ति की स्वेच्छा से उपजी नागरिक कूटनीति है। हालाँकि आलोचक यह भी पूछ सकते हैं कि क्या इस तरह के प्रतीकात्मक संकेत उन संरचनात्मक सामाजिक विभाजनों को संबोधित करने के लिए पर्याप्त हैं जो समय-समय पर सतह पर आते हैं। फिर भी, ढाई दशक की निरंतरता यह साबित करती है कि व्यक्तिगत प्रतिबद्धता सामूहिक स्मृति को आकार दे सकती है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'एकता रथ' क्या है और इसे कौन भेंट करता है?
'एकता रथ' वह विशेष चांदी का रथ है जो मुस्लिम नेता रऊफ बंगाली हर वर्ष अहमदाबाद की जगन्नाथ रथ यात्रा से पहले भगवान जगन्नाथ को समर्पित करते हैं। यह हिंदू-मुस्लिम भाईचारे और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक के रूप में वर्ष 2000 से शुरू हुई परंपरा है।
रऊफ बंगाली ने यह परंपरा कब और क्यों शुरू की?
रऊफ बंगाली ने यह परंपरा वर्ष 2000 में गुजरात में हुए सांप्रदायिक तनाव के बाद हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश देने के उद्देश्य से शुरू की थी। इस वर्ष 2025 में यह उनका 27वाँ रथ है।
इस वर्ष के एकता रथ में क्या खास है?
इस वर्ष पहली बार 300 ग्राम से अधिक चांदी से बने रथ पर सोने की पत्ती चढ़ाई गई है, जो इसे पिछले वर्षों के रथों से विशिष्ट बनाती है। तीन घोड़ों से सुसज्जित यह रथ बनाने में लगभग 15 दिन का समय लगा।
अहमदाबाद की 149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा कब और कैसे निकलेगी?
149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा 16 जुलाई को सुबह 7 बजे मंदिर परिसर से प्रारंभ होगी। इसमें 18 गजराज, 101 झांकियाँ, 30 अखाड़ा मंडलियाँ और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र तथा सुभद्रा के तीन रथ शामिल होंगे; यात्रा लगभग 15 से 16 किलोमीटर लंबी होगी।
रथ यात्रा में कौन-कौन से प्रमुख नेता शामिल होंगे?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सुबह 4 बजे मंगला आरती में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। गुजरात के मुख्यमंत्री सुबह 7 बजे सोने के झाड़ू से रथ का मार्ग साफ कर और रस्सी खींचकर यात्रा का शुभारंभ कराएंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 घंटे पहले
  2. 5 दिन पहले
  3. 5 दिन पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले