क्या रायपुर में कोयला लेवी घोटाले में ईडी ने 2.66 करोड़ की संपत्तियां अटैच कीं?

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क्या रायपुर में कोयला लेवी घोटाले में ईडी ने 2.66 करोड़ की संपत्तियां अटैच कीं?

सारांश

रायपुर में प्रवर्तन निदेशालय ने 2.66 करोड़ रुपए की संपत्तियों को अटैच करते हुए कोयला लेवी घोटाले की जांच को आगे बढ़ाया है। यह कार्रवाई महत्वपूर्ण है और इससे जुड़े कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।

Key Takeaways

  • ईडी ने 2.66 करोड़ की संपत्तियों को अटैच किया।
  • जांच में 540 करोड़ की अवैध वसूली का खुलासा हुआ।
  • अभियोजन शिकायतें विशेष न्यायालय में दायर की गई हैं।
  • कोयला लेवी घोटाले में 11 आरोपी गिरफ्तार किए गए।
  • भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है।

रायपुर, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में 2.66 करोड़ रुपए मूल्य की आठ अचल संपत्तियों को प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर (पीएओ) के माध्यम से अटैच किया है।

इन संपत्तियों में भूमि के टुकड़े और आवासीय फ्लैट शामिल हैं, जिन्हें आरोपी सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर खरीदा था। ईडी के अनुसार, ये संपत्तियां कोयला लेवी की अवैध वसूली और अन्य जबरन वसूली गतिविधियों से अर्जित अपराध की कमाई से खरीदी गई थीं।

ईडी ने यह जांच बेंगलुरु पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर नंबर 129/2022, आयकर विभाग की अभियोजन शिकायत नंबर 3167/2023 (दिनांक 19 जून 2023) तथा आर्थिक अपराध शाखा/एसीबी, रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ में कोयला लेवी की अवैध वसूली के मामले में दर्ज एफआईआर नंबर 03/2024 (दिनांक 11 जनवरी 2024) के आधार पर शुरू की थी।

जांच में खुलासा हुआ है कि कुछ निजी व्यक्तियों के एक संगठित समूह ने राज्य के वरिष्ठ राजनेताओं और नौकरशाहों की कथित मिलीभगत से जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयला परिवहन करने वाले ट्रांसपोर्टरों से प्रति टन 25 रुपए की दर से अवैध वसूली की। इस अवधि में इस सिंडिकेट द्वारा लगभग 540 करोड़ रुपए अवैध रूप से एकत्र किए गए।

ईडी के अनुसार, जबरन वसूली से प्राप्त नकदी का उपयोग सरकारी अधिकारियों और नेताओं को रिश्वत देने, चुनावी खर्चों को फंड करने तथा चल-अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया। अब तक जांच में आरोपियों से संबंधित करीब 273 करोड़ रुपए की संपत्तियों की पहचान कर उन्हें अटैच किया जा चुका है।

मनी लॉन्ड्रिंग जांच के दौरान ईडी ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा अब तक 35 आरोपियों के खिलाफ पाँच अभियोजन शिकायतें विशेष न्यायालय (पीएमएलए) में दायर की जा चुकी हैं।

Point of View

जिससे जनता का विश्वास मजबूत हो।
NationPress
12/01/2026

Frequently Asked Questions

ईडी ने कितनी संपत्तियां अटैच की हैं?
ईडी ने 2.66 करोड़ रुपए की आठ अचल संपत्तियां अटैच की हैं।
कोयला लेवी घोटाले में कौन-कौन शामिल हैं?
इस घोटाले में आरोपी सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर शामिल हैं।
जांच का आधार क्या है?
जांच बेंगलुरु पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर और अन्य प्रदेशीय रिपोर्टों पर आधारित है।
क्या इस मामले में गिरफ्तारियां हुई हैं?
हां, ईडी ने इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इस घोटाले से राज्य की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
यह घोटाला राज्य की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है, जिससे कई वरिष्ठ राजनेताओं की छवि प्रभावित हो सकती है।
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