क्या फ्रेडरिक मर्ज का दौरा भारत-जर्मनी संबंधों में नई ऊर्जा लाएगा?
सारांश
Key Takeaways
- भारत-जर्मनी के रिश्ते में नई ऊर्जा का संचार।
- संरक्षण और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता।
- तकनीकी सहयोग में वृद्धि के संकेत।
नई दिल्ली, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से गुजरात के अहमदाबाद में मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों देशों के नेताओं ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक की और अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भी भाग लिया। पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर के साथ मिलन की कुछ तस्वीरें साझा कीं और कहा कि भारत और जर्मनी अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, "अहमदाबाद में चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का स्वागत करना बहुत अच्छा लगा। उनका यह दौरा भारत-जर्मनी रिश्तों में नई जान डाल रहा है, क्योंकि हम अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष और राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे कर रहे हैं। भारत को गर्व है कि उन्होंने एशिया में अपने पहले दौरे के लिए हमारे देश को चुना। यह उनकी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"
पीएम मोदी ने भारत-जर्मनी के संयुक्त बयान में कहा, "भारत जर्मनी के साथ अपनी दोस्ती और साझेदारी को और मजबूत करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। गुजरात में हम कहते हैं 'आवकारो मिठो आपजे रे'—यानी स्नेह और आत्मीयता से आपका स्वागत करते हैं। इसी भावना के साथ, हम चांसलर का भारत में दिल से स्वागत करते हैं।"
प्रधानमंत्री और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की उपस्थिति में भारत और जर्मनी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। पीएम मोदी ने कहा, "हम एकमत हैं कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए एक गंभीर खतरा है। भारत और जर्मनी इसके विरुद्ध एकजुट होकर पूरी दृढ़ता से लड़ाई जारी रखेंगे।"
उन्होंने आगे कहा, "भारत और जर्मनी के बीच तकनीकी सहयोग प्रति वर्ष मजबूत हुआ है, और आज इसका प्रभाव जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत और जर्मनी की प्राथमिकताएं समान हैं।"
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच गांधीनगर के महात्मा मंदिर कनवेंशन सेंटर में द्विपक्षीय वार्ता हुई।