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क्या चीन कंपनियों के माध्यम से ताइवान के खिलाफ फर्जी न्यूज साइट्स बना रहा है?

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क्या चीन कंपनियों के माध्यम से ताइवान के खिलाफ फर्जी न्यूज साइट्स बना रहा है?

सारांश

ताइवान की खुफिया एजेंसी ने चीन पर गंभीर आरोप लगाया है कि वह आईटी और मार्केटिंग कंपनियों के माध्यम से फर्जी न्यूज साइट्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए ताइवान के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहा है। यह चीन की संज्ञानात्मक युद्ध रणनीति का एक हिस्सा है। जानिए इस पूरे मामले के पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

ताइवान की खुफिया एजेंसी ने चीन पर गंभीर दुष्प्रचार के आरोप लगाए हैं।
फर्जी न्यूज साइट्स और बॉट नेटवर्क का निर्माण किया जा रहा है।
चीन की संज्ञानात्मक युद्ध रणनीति का हिस्सा है।
ताइवान के सहयोगी देशों की समर्थन देने की इच्छा को प्रभावित करना लक्ष्य है।
फैक्ट-चेकिंग संगठनों के साथ सहयोग बढ़ा रहा है।

ताइपे, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ताइवान की प्रमुख खुफिया एजेंसी ने चीन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि चीन आईटी और मार्केटिंग कंपनियों के माध्यम से फर्जी न्यूज वेबसाइट्स, सोशल मीडिया अकाउंट्स और बॉट नेटवर्क स्थापित करके ताइवान के खिलाफ व्यापक दुष्प्रचार फैला रहा है। इसे चीन की तथाकथित “संज्ञानात्मक युद्ध” रणनीति का एक हिस्सा माना गया है।

ताइवान के नेशनल सिक्योरिटी ब्यूरो (एनएसबी) ने रविवार को 2025 में ताइवान के खिलाफ चीन की संज्ञानात्मक युद्ध रणनीति पर आधारित एक विश्लेषण रिपोर्ट जारी की। ताइवान की सेंट्रल न्यूज एजेंसी के अनुसार, रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि 2025 के दौरान ताइवान की खुफिया एजेंसियों ने 45,000 से अधिक फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स और लगभग 23.14 लाख भ्रामक या झूठी जानकारियों की पहचान की है।

एनएसबी के अनुसार, यह दुष्प्रचार चीनी आईटी कंपनियों द्वारा संचालित फर्जी और बॉट अकाउंट्स के माध्यम से फैलाया गया। इन कंपनियों ने बड़े डेटाबेस और ऑटोमेटेड प्रोग्राम तैयार किए हैं, जिन्हें चीन के सेंट्रल पब्लिसिटी डिपार्टमेंट और पब्लिक सिक्योरिटी मंत्रालय के निर्देश पर संचालित किया जा रहा है।

रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि सेंट्रल पब्लिसिटी डिपार्टमेंट और एमपीएस, हैक्सुनशे, हाइमाई और हुया जैसी मार्केटिंग कंपनियों का उपयोग करके फर्जी न्यूज वेबसाइट्स तैयार की जाती हैं। ये वेबसाइट पहले क्लिकबेट और हल्की-फुल्की सामग्री के माध्यम से लोगों को आकर्षित करती हैं और बाद में राजनीतिक कंटेंट पोस्ट कर ताइवान के लोगों की सोच को प्रभावित करने का प्रयास करती हैं।

एनएसबी ने कहा है कि इन गतिविधियों का उद्देश्य ताइवान के भीतर मतभेद पैदा करना, जनता की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करना, ताइवान के सहयोगी देशों की समर्थन देने की इच्छा को प्रभावित करना और चीन के पक्ष में जनसमर्थन तैयार करना है। एजेंसी ने बताया कि वह अन्य सरकारी विभागों के साथ मिलकर फैक्ट-चेकिंग संगठनों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ सहयोग बढ़ा रही है, ताकि फर्जी सूचनाओं को उजागर कर उन्हें हटाया जा सके।

एनएसबी के अनुसार, सैन्य अभ्यास के दौरान सरकारी नेटवर्क पर साइबर हमले भी तेज हो गए हैं। चीन के सैन्य अभ्यास के पहले दिन लगभग 20.8 लाख साइबर हमले दर्ज किए गए, जो दूसरे दिन बढ़कर लगभग 20.9 लाख तक पहुंच गए।

संपादकीय दृष्टिकोण

इस मुद्दे पर हमारी दृष्टि यह है कि ताइवान और चीन के बीच संबंधों में तनाव बढ़ रहा है। हमें इस बात की गहराई से जांच करने की आवश्यकता है कि दुष्प्रचार और संज्ञानात्मक युद्ध की रणनीतियाँ किस हद तक राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित कर सकती हैं।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन किस प्रकार ताइवान के खिलाफ दुष्प्रचार फैला रहा है?
चीन फर्जी न्यूज वेबसाइट्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से दुष्प्रचार फैला रहा है।
क्या ताइवान की खुफिया एजेंसी ने कोई रिपोर्ट जारी की है?
हाँ, ताइवान की खुफिया एजेंसी ने 2025 में दुष्प्रचार पर एक रिपोर्ट जारी की है।
यह दुष्प्रचार किसके निर्देश पर किया जा रहा है?
यह दुष्प्रचार चीन के सेंट्रल पब्लिसिटी डिपार्टमेंट और पब्लिक सिक्योरिटी मंत्रालय के निर्देश पर किया जा रहा है।
चीन की किस मार्केटिंग कंपनियों का उपयोग किया जा रहा है?
हैक्सुनशे, हाइमाई और हुया जैसी कंपनियों का उपयोग किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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