क्या युवा विकसित भारत के बारे में सोच सकते हैं, तो 'विकसित राज्य' के बारे में क्यों नहीं? आयुशी आर्या
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी ने युवा शक्ति को पहचानने की आवश्यकता पर जोर दिया।
- विकसित भारत में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
- आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का महत्व।
- युवाओं को नीति निर्माण में शामिल करने का सुझाव।
- स्थानीय भाषाओं और संस्कृति के प्रति गर्व का संदेश।
नई दिल्ली, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के समापन सत्र को संबोधित किया। उन्होंने डिजिटल इंडिया से लेकर विकसित भारत 2047 में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की। पीएम मोदी को सुनने के लिए बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और दिल्ली से युवा उपस्थित थे। पीएम मोदी के द्वारा युवाओं को मिले विभिन्न विषयों पर आइडिया से उत्साह देखने लायक था।
कुछ युवाओं के साथ राष्ट्र प्रेस ने बातचीत की। बिहार से आईं आयुशी आर्या ने कहा कि विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 में शामिल होकर बहुत अच्छा लगा। प्रधानमंत्री मोदी युवाओं के लिए अपना समय निकालते हैं और इस स्तर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन करते हैं। वे अपने विचारों को युवाओं के सामने रखते हैं। जब मैं यहां आई और उन्हें सुना तो मेरी यह यात्रा सार्थक हो गई। पीएम मोदी के आइडिया अच्छे थे। मैंने महिला विकास की बात की। पीएम मोदी जेन-जी को प्रोत्साहित करते हैं। जेन-जी का दिमाग तेज होता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि अगर हम विकसित भारत के बारे में सोच सकते हैं, तो विकसित राज्य के बारे में क्यों नहीं सोच सकते।
दिल्ली से आई श्रद्धा मिश्रा ने कहा कि पहली बार पीएम मोदी को सुनना अद्भुत था। कभी नहीं सोचा था कि प्रधानमंत्री मोदी हमें इतने ध्यान से सुनेंगे। उन्होंने जेन-जी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। यह जिंदगी में एक बार मिलने वाला अनुभव था। उस मंच पर खड़े होकर बहुत अच्छा लगा। प्रधानमंत्री स्वयं वहां खड़े थे। मुझे लगता है कि यह एक अविश्वसनीय पल था।
पश्चिम बंगाल से आए दीपांश सुंदर घोष ने कहा कि आज विकसित भारत डायलॉग हुआ। 2025 में भी मैंने भाग लिया था। मैं पिछले साल पीएम के सामने अपने आइडिया नहीं रख पाया था, लेकिन इस बार मैंने अपना आइडिया रखा। मुझे खुशी है कि मैं उन युवाओं में से एक हूं जिन्हें कार्यक्रम में बुलाया गया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के भाषण में सभी बातें अच्छी थीं, लेकिन मुझे आत्मनिर्भर भारत की बात काफी पसंद आई। भारत को विकसित बनाना है तो हमें कई चीजों पर निर्भरता छोड़नी होगी। उस स्थान को हासिल करना होगा ताकि विकसित भारत का सपना पूरा हो सके।
ओडिशा से आई दिशा गोयल ने कहा कि यह एक शानदार अनुभव था, क्योंकि जिन लोगों को हम हमेशा से अपना आदर्श मानते थे, वे सच में प्रेरणादायक थे। उनसे पहली बार मिलना और उनके सुझाव पाना बहुत कीमती था। मुझे सबसे अधिक यह पसंद आया कि हमने जो आइडिया दिए, वे केवल विचार नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें नीति में भी बदला जाएगा। पीएम मोदी के भाषण में युवा शक्ति के लिए स्पष्ट दृष्टिकोण था। भारत का जेन-जी राष्ट्र निर्माण में बड़ी भूमिका निभा सकता है। जिनका दिमाग बहुत विकसित है, वे जो सोचते हैं उसे पूरा भी करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी और स्वामी विवेकानंद के विचार बहुत अच्छे हैं। अंग्रेजी बोलने वाला ही शिक्षित क्यों कहा जाता है? अन्य देशों में लोग अपनी स्थानीय भाषा में गर्व महसूस करते हैं, हमें भी अपनी स्थानीय चीजों में गर्व महसूस होना चाहिए। हम दुनिया से अलग नहीं हो रहे, बल्कि अपने सामानों को और अधिक सुरक्षा दे रहे हैं।
गोवा से आए शिवांश ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को सुनकर बहुत अच्छा लगा। गोवा एक छोटा राज्य है, मुझे अच्छा लग रहा है कि मैंने इस मंच पर अपने राज्य का प्रतिनिधित्व किया। हम अपने विचारों से बदलाव ला सकते हैं। पीएम ने सभी के सुझावों पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी युवाओं से काफी प्रभावित हैं। पीएम ने स्टार्टअप की बात की। जब हमने उन्हें बताया कि स्टार्टअप में फंडिंग नहीं मिलती, परिवार से भी सहयोग नहीं मिलता तो उन्होंने भरोसा दिया कि आप मैदान में उतरो, सरकार आपके साथ है। इससे बहुत अच्छा लगा कि विकसित भारत के संकल्प को हम पूरा कर सकते हैं।