क्या भारत और साइप्रस के बीच व्यापार 150 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है?
सारांश
Key Takeaways
- भारत और साइप्रस के बीच व्यापार 150 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है।
- साइप्रस की स्वतंत्रता 1960 में हुई थी।
- दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध 1962 में स्थापित हुए थे।
- साइप्रस का भौगोलिक महत्व है और यह एक महत्वपूर्ण सेतु है।
- भारत ने साइप्रस की क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन किया है।
नई दिल्ली, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। साइप्रस ने 1960 में ब्रिटेन से स्वतंत्रता प्राप्त की और तभी से भारत के साथ इसके गहरे संबंध विकसित हुए हैं। हालांकि, भारत और साइप्रस के बीच 1962 में राजनयिक संबंध स्थापित हुए। दोनों देश राष्ट्रमंडल के सदस्य हैं और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे का समर्थन करते हैं। कूटनीतिक, व्यापारिक, राजनयिक और सांस्कृतिक स्तर पर दोनों देशों के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं।
भूमध्यसागर क्षेत्र में स्थित साइप्रस को यूरोप, पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु माना जाता है। यह सिसिली और सार्डिनिया के बाद भूमध्य सागर का तीसरा सबसे बड़ा द्वीप है। इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 9,251 वर्ग किलोमीटर है। साइप्रस की जनसंख्या 2025 तक लगभग 1,269,748 मिलियन होने का अनुमान है।
हाल ही में, पिछले 23 वर्षों में पहली बार, भारत के प्रधानमंत्री ने 2025 में साइप्रस का दौरा किया। पीएम मोदी उस समय के पहले पीएम हैं जिन्होंने साइप्रस का दौरा किया। उन्हें इस दौरान साइप्रस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान "ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ माकारियोज III" से सम्मानित किया गया।
हालांकि, साइप्रस 1960 में स्वतंत्र हुआ, लेकिन 1974 में तुर्की के आक्रमण के बाद यह विभाजित हो गया। तुर्की के आक्रमण के बाद यह उत्तरी साइप्रस गणराज्य और दक्षिण साइप्रस गणराज्य में बदल गया। उत्तरी साइप्रस को केवल तुर्की से ही मान्यता मिली है।
आतंकवाद और जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर, साइप्रस हमेशा भारत के साथ खड़ा रहा है। वहीं, भारत ने भी साइप्रस की क्षेत्रीय अखंडता और एकता का समर्थन किया है। भारत का हाई कमीशन निकोसिया में स्थित है, जबकि साइप्रस भारत में नई दिल्ली से अपने राजनयिक संबंधों को संचालित करता है।
2025 में पीएम मोदी ने बताया कि भारत और साइप्रस के बीच 150 मिलियन डॉलर तक व्यापार हो रहा है। दोनों देशों ने 2025 में यूपीआई लॉन्च करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
भारत साइप्रस से फार्मास्यूटिकल्स (दवाइयां), पेय पदार्थ, मशीनरी, विनिर्मित सामान, सिरेमिक, केमिकल्स, विशेष औद्योगिक उत्पाद और इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट आयात करता है।
इसके अतिरिक्त, भारत साइप्रस को दवाइयां और संबंधित उत्पाद, कपड़े और अन्य वस्त्र उत्पाद, लोहा और इस्पात, सिरेमिक उत्पाद जैसे टाइल्स, रासायनिक उत्पाद, कृषि उत्पाद जैसे चावल, तिलहन, चाय और मसाले, मेडिकल उपकरण, रेडीमेड गारमेंट्स, इंजीनियरिंग गुड्स और ऑटो पार्ट्स के अलावा आईटी और सॉफ्टवेयर सेवाएं निर्यात करता है। साइप्रस में भारतीय समुदाययोग, आयुर्वेद और भारतीय संस्कृति के प्रति वहां रुचि बढ़ रही है।