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प्रधानमंत्री मोदी के इजरायल दौरे के बाद अमेरिका का इजरायल की ओर कदम

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प्रधानमंत्री मोदी के इजरायल दौरे के बाद अमेरिका का इजरायल की ओर कदम

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे के तुरंत बाद, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के इजरायल जाने की योजना ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में नए आयाम जोड़े हैं। यह यात्रा ईरान, लेबनान और गाजा के मुद्दों पर चर्चा का केंद्र बनेगी।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री मोदी का इजरायल दौरा और अमेरिकी विदेश मंत्री की यात्रा का समन्वय।
ईरान, लेबनान और गाजा पर चर्चा का महत्व।
भारत का क्षेत्रीय कूटनीति में प्रमुख भूमिका निभाना।
आई2यू2 समूह का गठन और उसका उद्देश्य।

वॉशिंगटन, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे के बाद, अमेरिका के विदेश मंत्री ने भी इजरायल जाने की योजना बनाई है। अमेरिकी विदेश विभाग ने शुक्रवार को विदेश मंत्री मार्को रूबियो के 2-3 मार्च को इजरायल दौरे की जानकारी दी।

विदेश विभाग के उप प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि विदेश मंत्री मार्को रूबियो 2-3 मार्च 2026 को इजरायल जाएंगे। उन्होंने यात्रा के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री वहां क्षेत्रीय प्राथमिकताओं की एक विस्तृत श्रृंखला पर चर्चा करेंगे, जिसमें ईरान, लेबनान और गाजा के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की 20-सूत्रीय शांति योजना को लागू करने के प्रयास शामिल हैं।

यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तेल अवीव दौरे के समाप्त होने के तुरंत बाद हुई, जिसने भारत, इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका का ध्यान आकर्षित किया।

हालांकि अमेरिकी विदेश विभाग के बयान में दोनों घटनाओं को जोड़ा नहीं गया, लेकिन इस समय का चुनाव पश्चिम एशियाई क्षेत्र में सक्रिय कूटनीतिक संलग्नता को दर्शाता है।

ट्रंप प्रशासन, भारत को इस क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी मानता है, क्योंकि भारत के सभी संबंधित पक्षों के साथ मजबूत संबंध हैं।

रूबियो की चर्चाएं ईरान की क्षेत्रीय भूमिका, लेबनान की नाजुक स्थिति और गाजा से संबंधित कूटनीतिक प्रयासों पर केंद्रित रहने की संभावना है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की “गाजा के लिए 20-सूत्रीय शांति योजना” का उल्लेख इस बात का संकेत है कि वाशिंगटन क्षेत्र को स्थिर करने के उद्देश्य से एक निर्धारित रूपरेखा पर आगे बढ़ रहा है।

अमेरिका लंबे समय से इजरायल का सबसे करीबी सहयोगी रहा है और पश्चिम एशिया की कूटनीति में गहराई से शामिल है।

गाजा ने पिछले एक दशक में बार-बार संघर्षों का सामना किया है, जिसके कारण वाशिंगटन और अन्य अंतरराष्ट्रीय पक्षों की लगातार भागीदारी बनी रही है।

भारत, इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ मिलकर क्षेत्र में शांति और महत्वाकांक्षी सहयोग के उद्देश्य से एक नए समूह आई2यू2 का गठन किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अमेरिका और इजरायल के बीच की कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत करने का संकेत है। दोनों देशों के बीच गहरे संबंध और साझा उद्देश्यों द्वारा यह स्पष्ट होता है कि यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मार्को रूबियो की इजरायल यात्रा का उद्देश्य क्या है?
मार्को रूबियो की इजरायल यात्रा का उद्देश्य क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर चर्चा करना है, जिसमें ईरान, लेबनान और गाजा शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजरायल दौरा कब हुआ?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजरायल दौरा हाल ही में हुआ था, जिसके तुरंत बाद अमेरिकी विदेश मंत्री की यात्रा की योजना बनी।
आई2यू2 समूह क्या है?
आई2यू2 समूह भारत, इजरायल और अमेरिका के साथ-साथ संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का एक नया समूह है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में शांति और सहयोग को बढ़ावा देना है।
राष्ट्र प्रेस
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