20 अक्टूबर 2026
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दशहरे पर शिवराज सिंह चौहान का आह्वान: नशा और बेटियों से दुराचार रूपी रावण को जलाएं

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दशहरे पर शिवराज सिंह चौहान का आह्वान: नशा और बेटियों से दुराचार रूपी रावण को जलाएं

सारांश

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस दशहरे रावण-दहन से परे एक सामाजिक संकल्प की बात की — नशे की लत और बेटियों से दुराचार को असली रावण बताते हुए देशवासियों से इन बुराइयों को जड़ से मिटाने का आह्वान किया।

मुख्य बातें

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी पर अपना संदेश जारी किया।
उन्होंने नशे को 'नाश की जड़' बताते हुए इसे इस वर्ष का 'रावण' करार दिया।
चौहान ने कहा कि बाहरी ताकतें भारतीय युवाओं को नशे में फँसाकर देश को कमज़ोर करने की कोशिश करती हैं।
बेटियों के साथ दुराचार को 'रावण प्रवृत्ति' बताते हुए उन्होंने महिला सम्मान का आह्वान किया।
उन्होंने नशामुक्ति और महिला सम्मान — इन दो संकल्पों को विजयादशमी की वास्तविक भावना बताया।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नशा नाश की जड़ है और इस पावन पर्व पर हमें नशा रूपी रावण का अंत करना चाहिए। उन्होंने साथ ही महिलाओं के सम्मान और बेटियों के साथ होने वाले दुराचार जैसी सामाजिक बुराइयों को भी आधुनिक 'रावण प्रवृत्ति' बताया।

विजयादशमी संदेश का सार

चौहान ने अपने विजयादशमी संदेश में कहा कि यह पर्व केवल पुतला जलाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनके शब्दों में, 'बुराई ही रावण है और अच्छाई भगवान राम हैं।' उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि वे सन्मार्ग पर चलते हुए समाज में व्याप्त वास्तविक बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लें।

मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि रावण के पुतले हर वर्ष जलते हैं, फिर भी प्रश्न यह है कि क्या बुराइयाँ पूरी तरह जल पाती हैं। उनके अनुसार जब तक समाज में दुराचार और नशे की लत जैसी बुराइयाँ जड़ जमाए हैं, तब तक विजयादशमी की वास्तविक भावना पूर्ण नहीं होती।

नशे को बताया बाहरी षड्यंत्र

चौहान ने नशे की समस्या को केवल सामाजिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा भी बताया। उन्होंने कहा कि देश के बाहर की ताकतें भारतीय युवाओं को कमज़ोर करने के लिए विभिन्न प्रकार के नशे भेजने की कोशिश करती हैं। उनके अनुसार यह 'नशे की प्रवृत्ति' ही आज का असली रावण है जिसे मारना ज़रूरी है।

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब देश के कई राज्यों में नशाखोरी की बढ़ती समस्या को लेकर सरकारी और गैर-सरकारी स्तर पर चिंता जताई जा रही है। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में नशे से जुड़ी घटनाएं लगातार समाचारों में बनी रहती हैं।

बेटियों के सम्मान पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि बेटियों के साथ दुराचार की घटनाएं उनकी अंतरात्मा को व्यथित करती हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की 'रावण प्रवृत्ति' को समाप्त करना ही वास्तविक दशहरा मनाना है।

चौहान ने देशवासियों से आह्वान किया कि वे माँ, बहन और बेटी का सम्मान करें और नशे से दूर रहें। उनके अनुसार इन दो संकल्पों — महिला सम्मान और नशामुक्ति — को अपनाकर ही विजयादशमी पर्व की मूल भावना सार्थक होगी।

नवरात्रि से विजयादशमी तक का संदर्भ

चौहान ने अपने संदेश में यह भी उल्लेख किया कि नवरात्रि का पर्व अभी समाप्त हुआ है, जिसमें माँ की साधना की जाती है। उन्होंने कामना की कि माँ की कृपा और आशीर्वाद सभी देशवासियों पर बना रहे और वे सुख-समृद्धि के साथ देश को आगे बढ़ाने में योगदान दें।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि इस पर्व पर दिए गए संदेशों को नीतिगत पहलों में किस प्रकार परिवर्तित किया जाता है, विशेषकर नशामुक्ति और महिला सुरक्षा के क्षेत्र में।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दो ऐसे मुद्दों — नशामुक्ति और महिला सुरक्षा — को एकसाथ उठाता है जो भाजपा के लिए चुनावी और नैतिक दोनों दृष्टियों से संवेदनशील हैं। हालाँकि बयान की भावना सराहनीय है, आलोचक यह भी पूछ सकते हैं कि केंद्र सरकार के पास नशाखोरी रोकने के लिए ठोस नीतिगत परिणाम क्या हैं। पर्व पर सामाजिक संकल्प दिलाना सांस्कृतिक दृष्टि से प्रभावशाली है, लेकिन जब तक इन संदेशों को मापनीय नीतिगत कार्यवाही से नहीं जोड़ा जाता, ये केवल वार्षिक रिवायत बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिवराज सिंह चौहान ने दशहरे पर क्या संदेश दिया?
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी पर कहा कि नशा नाश की जड़ है और इस पर्व पर नशा तथा बेटियों से दुराचार जैसी सामाजिक बुराइयों रूपी रावण को जलाना चाहिए। उन्होंने देशवासियों से नशामुक्ति और महिला सम्मान का संकल्प लेने का आह्वान किया।
चौहान ने नशे को राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा क्यों बताया?
चौहान के अनुसार देश के बाहर की ताकतें भारतीय युवाओं को विभिन्न प्रकार के नशे भेजकर कमज़ोर करने की कोशिश करती हैं, जिससे देश की आंतरिक शक्ति को नुकसान पहुँचता है। उन्होंने इस प्रवृत्ति को आज का 'रावण' करार दिया।
विजयादशमी के संदर्भ में चौहान ने महिला सुरक्षा का मुद्दा क्यों उठाया?
चौहान ने कहा कि बेटियों के साथ दुराचार की घटनाएं उन्हें अंतरात्मा तक व्यथित करती हैं और यह 'रावण प्रवृत्ति' समाज में अभी भी जीवित है। उनके अनुसार इस बुराई को समाप्त करना ही वास्तविक अर्थों में रावण-दहन है।
क्या दशहरे पर नेताओं द्वारा सामाजिक संदेश देने की परंपरा है?
हाँ, विजयादशमी पर केंद्र और राज्य सरकारों के नेता अक्सर बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक का उपयोग सामाजिक संदेश देने के लिए करते हैं। शिवराज सिंह चौहान का यह संदेश उसी परंपरा का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने नशामुक्ति और महिला सम्मान को केंद्र में रखा।
शिवराज सिंह चौहान इस समय किस पद पर हैं?
शिवराज सिंह चौहान वर्तमान में केंद्रीय कृषि मंत्री हैं। इससे पहले वे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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