विजयादशमी पर CM योगी का आह्वान: नशा, दहेज और जातीय भेदभाव रूपी रावण को जलाएं
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के अवसर पर प्रदेशवासियों से नशे की लत, दहेज-प्रथा, जातीय भेदभाव और पारिवारिक कलह जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध व्यक्तिगत और सामूहिक संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने रावण दहन को केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अहंकार, अन्याय और नकारात्मकता के प्रतीकात्मक नाश के रूप में देखने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री का संदेश: सत्य और धर्म की विजय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पाती में कहा कि अन्यायी और अधर्मी चाहे कितने ही शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है। उन्होंने शारदीय नवरात्र की महानवमी की बधाई और विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माँ दुर्गा का प्रबल पराक्रम और प्रभु श्रीराम का धर्मनिष्ठ जीवन अन्याय के प्रतिकार, नारी-सम्मान तथा कर्तव्यपालन की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने विजयादशमी को सत्य और धर्म की विजय के शाश्वत संदेश का प्रतीक बताया।
योगी ने कहा कि सनातन संस्कृति विजय के उल्लास के साथ विनम्रता और ज्ञान के प्रति सम्मान का भाव भी सिखाती है। उन्होंने उदाहरण दिया कि लंका विजय के बाद प्रभु श्रीराम ने लक्ष्मण को मृत्यु शय्या पर पड़े रावण से ज्ञान प्राप्त करने के लिए भेजा।
रामराज्य का आदर्श और शासन-व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम के उस कथन — 'जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी' — का उल्लेख करते हुए माँ और मातृभूमि के प्रति प्रेम तथा कर्तव्यनिष्ठा पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वर्णमयी लंका के वैभव के बजाय प्रभु श्रीराम ने अपनी जन्मभूमि अयोध्या को वरीयता दी और लंका का राजपाट उसके उत्तराधिकारी को सौंप दिया। योगी ने रामराज्य के आदर्शों को कानून के शासन, नागरिकों की सुरक्षा और सामाजिक समरसता से जोड़ा।
उन्होंने कहा कि विजयादशमी का संदेश आत्मसंयम, समता, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा जैसे मूल्यों को अभिव्यक्त करता है, जो भारत की विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं में भिन्न-भिन्न रूपों में दिखते हैं। प्रभु श्रीराम की कथा के आदर्श केवल भारत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विश्व के अनेक देशों की सांस्कृतिक परंपराओं में भी समाहित हैं।
माफिया के विरुद्ध कार्रवाई और 'श्रीकृष्णपुरी'
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के आदर्शों के अनुरूप प्रदेश सरकार ने कानून के शासन और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। माफिया और संगठित अपराध के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर भयमुक्त वातावरण बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई ज़मीन पर गरीबों के लिए आवास बनाए गए हैं। इसी क्रम में प्रयागराज के कसारी-मसारी क्षेत्र में माफिया के कब्जे से मुक्त भूमि पर गरीबों के लिए आवास बनाए जाएंगे और यह क्षेत्र 'श्रीकृष्णपुरी' के रूप में विकसित होगा। उन्होंने कहा कि अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति ने निवेश, उद्योग और विकास के लिए अनुकूल वातावरण बनाने में भी योगदान दिया है।
सामाजिक बुराइयों से मुक्ति और जनभागीदारी
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि यदि आसपास कोई व्यक्ति किसी व्यसन से पीड़ित है, तो उसके प्रति तिरस्कार के बजाय सहयोग और संवेदना का व्यवहार किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
योगी ने विश्वास जताया कि सामूहिक संकल्प और जनभागीदारी के माध्यम से ही स्वस्थ परिवार, सशक्त समाज और समृद्ध उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है। रामलीला के मंचन से लेकर उसे देखने आने वाले दर्शकों तक, सभी लोग बिना किसी भेदभाव के उत्साह के साथ इन उत्सवों में भाग लेते हैं — यह सामाजिक एकात्मता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।