20 अक्टूबर 2026
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योगी आदित्यनाथ का विजयादशमी पर बयान: दुनिया में हर विचारधारा आपस में लड़ रही, भारत सनातन से एकता की मिसाल

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योगी आदित्यनाथ का विजयादशमी पर बयान: दुनिया में हर विचारधारा आपस में लड़ रही, भारत सनातन से एकता की मिसाल

सारांश

विजयादशमी पर गोरखपुर में सीएम योगी का संदेश तीखा और स्पष्ट था — दुनिया में विचारधाराएँ आपस में टकरा रही हैं, जबकि भारत सनातन की शक्ति से समन्वय की मिसाल है। रावण दहन को उन्होंने नशे, दुष्प्रचार और विभाजन के खिलाफ संकल्प से जोड़ा।

मुख्य बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 20 अक्टूबर 2026 को गोरखपुर के आर्यनगर रामलीला मैदान में विजयादशमी संबोधन दिया।
उन्होंने कहा कि दुनिया में मुस्लिम, कम्युनिस्ट और क्रिश्चियन आपस में लड़ रहे हैं, जबकि भारत सनातन की छाया में सबको सुरक्षा और समृद्धि दे रहा है।
जाति, भाषा और क्षेत्र के आधार पर समाज को बाँटने वालों को उन्होंने रावण-प्रवृत्ति से प्रेरित बताया।
राम मंदिर आंदोलन को संकल्प और सनातन समाज की एकता का परिणाम बताया; अयोध्या पर दुष्प्रचार के विरुद्ध सचेत रहने की अपील की।
नशे को युवा पीढ़ी के लिए गंभीर खतरा बताते हुए परिवार और समाज से इस लड़ाई में भागीदारी की माँग की।
प्रदेश में 67 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत ₹1 लाख तक के अनुदान का उल्लेख किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 20 अक्टूबर 2026 को गोरखपुर के आर्यनगर रामलीला मैदान में विजयादशमी समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज दुनिया में मुस्लिम से मुस्लिम, कम्युनिस्ट से कम्युनिस्ट और क्रिश्चियन से क्रिश्चियन आपस में संघर्षरत हैं। इसके विपरीत, भारत सनातन की छत्रछाया में हर जाति, संप्रदाय, मत और मज़हब को सुरक्षा देते हुए बिना किसी भेदभाव के समृद्धि के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को तोड़ने वाली शक्तियों को रावण-प्रवृत्ति से प्रेरित बताते हुए उनका कड़ा विरोध किया।

विजयादशमी का संकल्प: केवल रावण दहन नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी का पर्व केवल रावण के दस सिरों को जलाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनके अनुसार इस पर्व पर समाज को अन्याय, अत्याचार, अधर्म, भ्रष्टाचार, दुराचार, दुष्प्रचार, भ्रम और नशे के विरुद्ध भी संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने प्रभु श्रीराम के जीवन को मर्यादा, संकल्प और वचन-कर्म की एकरूपता का आदर्श बताया।

रामलीला: सामाजिक समरसता का जीवंत माध्यम

योगी ने कहा कि गाँव-गाँव में आयोजित रामलीलाओं में राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, सीता, हनुमान, सुग्रीव, शबरी और निषादराज जैसे पात्र स्थानीय लोग निभाते हैं और इस प्रक्रिया में समाज के विभिन्न वर्ग एकजुट होते हैं। उन्होंने कहा कि रामलीला में किसी पात्र की जाति नहीं पूछी जाती — उसके कार्य, संवाद और समाज के प्रति योगदान को महत्व मिलता है। यह परंपरा समानता और सामाजिक समरसता का आदर्श प्रस्तुत करती है।

राम मंदिर, दुष्प्रचार और कालनेमि का प्रसंग

मुख्यमंत्री ने अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण को सनातन समाज की एकजुटता और संकल्प का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान सत्ता नहीं बल्कि संकल्प था, और रामभक्तों ने कठिनाइयों के बावजूद इस विश्वास को जीवित रखा। हनुमान जी और कालनेमि के प्रसंग का उद्धरण देते हुए उन्होंने कहा कि छल-कपट को पहचानना आवश्यक है — केवल 'राम-राम' कहने से किसी की नीयत सही साबित नहीं होती। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में दीपोत्सव जैसे आयोजनों को देश की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बताया।

नशे के खिलाफ समाज से आह्वान

मुख्यमंत्री ने नशे को युवा पीढ़ी के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि इससे लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार नशे के कारोबारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्तियाँ ज़ब्त कर रही है, लेकिन परिवार, मोहल्ले और समाज को भी अपनी भूमिका निभानी होगी।

सरकारी योजनाएँ और रामराज्य की अवधारणा

योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने रामराज्य की अवधारणा को आदर्श शासन की प्रेरणा के रूप में अपनाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री मुफ्त अन्न योजना और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) का उल्लेख करते हुए कहा कि जरूरतमंदों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाई जा रही हैं। उनके अनुसार प्रदेश में 67 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जा रही है और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत बेटियों के विवाह हेतु ₹1 लाख तक का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। DBT के माध्यम से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में सफलता मिली है।

विजयादशमी समारोह के अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथ पंथ के पारंपरिक परिधान में विजय शोभायात्रा में सवार हुए, जो गोरखनाथ मंदिर से मानसरोवर मंदिर तक निकली। आर्यनगर रामलीला समिति के अध्यक्ष पुष्पदंत जैन ने मुख्यमंत्री की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे केवल एक मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि एक विचार हैं। उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता यदि राष्ट्रहित के संकल्प के साथ एकजुट रही, तो विभाजनकारी शक्तियों को परास्त किया जा सकेगा — यह मुख्यमंत्री का अंतिम संदेश रहा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी परत दर परत राजनीतिक संदेश भी है — विशेषकर जब वे मुस्लिम, कम्युनिस्ट और क्रिश्चियन समुदायों के आंतरिक संघर्ष को भारत की सनातन 'श्रेष्ठता' से तुलना करते हैं। यह बयान उस व्यापक भाजपा-विमर्श का हिस्सा है, जो 'सांस्कृतिक राष्ट्रवाद' को 2027 के उत्तर प्रदेश चुनावी चक्र से पहले पुनः परिभाषित करने की कोशिश करता है। आलोचक पूछ सकते हैं कि जब भारत स्वयं जातीय हिंसा, सांप्रदायिक तनाव और क्षेत्रीय विवादों से जूझता है, तो ऐसी तुलना कितनी संतुलित है। नशे और DBT जैसे ठोस मुद्दों को धार्मिक आख्यान में पिरोना — यह योगी की उस शासन-शैली का परिचायक है जो प्रशासनिक उपलब्धियों को सांस्कृतिक पहचान के साथ जोड़कर प्रस्तुत करती है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम योगी आदित्यनाथ ने विजयादशमी पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 20 अक्टूबर 2026 को गोरखपुर के आर्यनगर रामलीला मैदान में कहा कि दुनिया में मुस्लिम, कम्युनिस्ट और क्रिश्चियन समुदाय आपस में लड़ रहे हैं, जबकि भारत सनातन की छाया में हर जाति और मज़हब को सुरक्षा और समृद्धि दे रहा है। उन्होंने रावण दहन को नशे, भ्रष्टाचार और दुष्प्रचार के विरुद्ध सामाजिक संकल्प से जोड़ा।
योगी ने रामलीला को सामाजिक समरसता से क्यों जोड़ा?
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामलीला में पात्र निभाने वाले स्थानीय लोगों की जाति नहीं पूछी जाती — उनके कार्य और योगदान को महत्व दिया जाता है। यह परंपरा समाज के विभिन्न वर्गों को एकजुट करती है और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करती है।
सीएम योगी ने नशे के खिलाफ क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने नशे को युवा पीढ़ी के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि राज्य सरकार नशा तस्करों की संपत्तियाँ ज़ब्त कर रही है, लेकिन परिवार और समाज को भी यह लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने इसे विजयादशमी के संकल्प से जोड़ते हुए हर नागरिक से इस अभियान में भागीदार बनने की अपील की।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में कितना अनुदान मिलता है?
योगी आदित्यनाथ के अनुसार, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए ₹1 लाख तक का अनुदान प्रदान किया जाता है। इसके अलावा प्रदेश में 67 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति भी दी जा रही है।
योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर आंदोलन के बारे में क्या कहा?
उन्होंने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण को सनातन समाज की एकजुटता और अटूट संकल्प का परिणाम बताया। उनके अनुसार राम मंदिर आंदोलन के दौरान रामभक्तों के पास सत्ता नहीं थी, लेकिन संकल्प था — और उसी ने मंदिर निर्माण को साकार किया।
राष्ट्र प्रेस
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