योगी आदित्यनाथ का इंडिया ब्लॉक पर हमला: 'रामलीला मैदान में परिवार बचाने जुटे थे, लोकतंत्र नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 नवंबर 2026 को गाजियाबाद में आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा को संबोधित करते हुए इंडिया ब्लॉक पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक के नेता लोकतंत्र बचाने नहीं, बल्कि अपने-अपने परिवारों को बचाने के लिए एकजुट हुए थे।
परिवारवाद पर सीधा निशाना
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनता इन दलों की 'सच्चाई को अच्छे से जानती है।' उनके अनुसार, इंडिया ब्लॉक के घटक दल व्यक्तिगत और पारिवारिक राजनीतिक हितों की रक्षा के लिए एक मंच पर आते हैं, न कि किसी वैचारिक प्रतिबद्धता के कारण। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशभर में 100 स्थानों पर इस अभियान के तहत पदयात्राएं आयोजित कर रही है।
कांग्रेस पर 1975 आपातकाल का आरोप
मुख्यमंत्री ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर लोकतंत्र का उपदेश देने पर कटाक्ष करते हुए 1975 के आपातकाल का हवाला दिया। उन्होंने कहा, 'जिस कांग्रेस ने कभी आपातकाल लगाने की साजिश रची थी, उसका आज हमें लोकतंत्र पर उपदेश देना बेहद हास्यास्पद है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब चुनाव में जीत होती है, तो कांग्रेस उसे अपनी काबिलियत बताती है, और जब हार मिलती है तो ईवीएम को दोषी ठहराया जाता है।
राहुल गांधी और विकास के दावे
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तंज कसते हुए योगी आदित्यनाथ ने उनकी तुलना एक ऐसे छात्र से की, जो बार-बार परीक्षा में असफल होने पर अपनी गलती मानने के बजाय कॉपी बदलने का आरोप लगाता है। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी की स्थिति गांव के उस लड़के जैसी है, जो बार-बार परीक्षा में फेल होता है और हर बार नया बहाना बनाता है।'
विकास के दावों की फेहरिस्त गिनाते हुए योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एम्स की संख्या बढ़कर 23 हो गई है, दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल का संचालन शुरू हुआ, नए आईआईटी और आईआईएम स्थापित हुए, तथा दलितों और वंचितों के लिए 4 करोड़ आवास बनाए गए। उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि योजना, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और भारत मंडपम का भी जिक्र किया।
1984 सिख दंगों का संदर्भ
योगी आदित्यनाथ ने 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली की तारीख का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने 1984 के सिख विरोधी दंगों की वर्षगांठ के दिन को 'जानबूझकर' चुना। उनके अनुसार, उस दिन दिल्ली में सिख समुदाय के साथ हुई हिंसा को आज भी नहीं भुलाया जा सकता। गौरतलब है कि यह मुद्दा BJP द्वारा कांग्रेस के खिलाफ लंबे समय से उठाया जाता रहा है।
सपा और विपक्ष पर हमला
समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा के शासनकाल में दंगे, अराजकता और कर्फ्यू जैसी स्थितियां उत्पन्न हुई थीं। उन्होंने यह भी कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में देश के 20 राज्यों में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला था। BJP के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा आह्वान किए गए इस अभियान के तहत पूरे देश में पदयात्राएं जारी हैं और विपक्ष को बेनकाब करने का BJP का रणनीतिक संकल्प स्पष्ट दिखता है।