5 नवंबर 2026
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अग्निवीर सेवा अवधि 6 साल: विपक्ष ने बताया चुनावी जुमला, RJD-कांग्रेस-JMM का BJP पर हमला

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अग्निवीर सेवा अवधि 6 साल: विपक्ष ने बताया चुनावी जुमला, RJD-कांग्रेस-JMM का BJP पर हमला

सारांश

अग्निवीरों की सेवा अवधि चार से छह साल करने पर विपक्ष एकजुट हो गया है। RJD के मनोज झा ने इसे 'पेड इंटर्नशिप', कांग्रेस ने 'लीपापोती' और JMM ने 'छलावा' बताया। आरोप है कि आगामी चुनावों को देखते हुए यह महज प्रलोभन है — युवाओं की असली माँग स्थायी भर्ती है, दो साल का विस्तार नहीं।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने अग्निवीरों की सेवा अवधि चार साल से बढ़ाकर छह साल करने का फैसला किया है।
RJD सांसद मनोज झा ने इसे 'पेड इंटर्नशिप प्रोग्राम' बताते हुए कहा कि यह सेना की वीरता को कमज़ोर करता है।
कांग्रेस प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने कहा कि अग्निवीरों को लाभ के नाम पर 'शून्य' मिल रहा है।
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने चेताया कि सेवानिवृत्त अग्निवीर 23 साल की उम्र में सिक्योरिटी गार्ड बनने को मजबूर होंगे।
JMM नेता मनोज पांडेय ने फैसले को उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले 'छलावा और जुमला' बताया।

केंद्र सरकार के अग्निवीरों की सेवा अवधि चार साल से बढ़ाकर छह साल करने के फैसले पर 5 नवंबर 2026 को विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेताओं ने इसे चुनावी प्रलोभन और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया। विपक्ष का आरोप है कि मात्र दो साल का विस्तार अग्निवीर योजना की बुनियादी खामियों को दूर नहीं करता।

मुख्य घटनाक्रम

पटना में RJD के राज्यसभा सदस्य मनोज झा ने फैसले को सीधे खारिज करते हुए कहा, 'यह चार और छह साल का क्या चक्कर है? यह पेड इंटर्नशिप प्रोग्राम भारतीय सेना की वीरता को कमज़ोर करता है। मेरा मानना है कि कोई भी समझदार व्यक्ति इस तरह के जल्दबाजी में किए गए बदलावों का समर्थन नहीं कर सकता।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आगामी पंजाब और उत्तराखंड चुनावों को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया है।

रांची में कांग्रेस प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने कहा कि यह अग्निवीरों को 'दीपावली की सौगात' नहीं है। उन्होंने कहा, 'एक सैनिक देश के लिए जान कुर्बान करता है, शहीद होता है — तो केंद्र सरकार उन्हें क्या लाभ दे रही है? लाभ के नाम पर शून्य मिल रहा है।' सिन्हा ने इस कदम को महज 'लीपापोती' बताया।

युवाओं के भविष्य पर सवाल

लखनऊ में कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने तर्क दिया कि पहले 17 साल की उम्र में भर्ती होने वाला युवा चार साल की सेवा के बाद 21 साल में सेवानिवृत्त होता था, अब वही 23 साल में रिटायर होगा। उनका कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद ये युवा बहुराष्ट्रीय कंपनियों और बड़े उद्योगपतियों की सुरक्षा एजेंसियों में गार्ड बनने को मजबूर होंगे।

राजपूत ने आगे कहा कि यदि किसी सैनिक को अपनी सेवा की सुरक्षा और अपने परिवार की भलाई का भरोसा नहीं होगा, तो वह देश के लिए जान की बाजी लगाने में हिचकिचाएगा। उन्होंने इसे 'देश के युवाओं, सेना और सैनिकों के साथ अक्षम्य अपराध' बताया।

JMM का चुनावी कोण

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता मनोज पांडेय ने फैसले को 'छलावा और जुमला' बताते हुए कहा कि सेवा को स्थायी नहीं किया गया — केवल दो साल की अवधि बढ़ाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश चुनाव नज़दीक होने के कारण भाजपा (BJP) सरकार को आभास हो गया है कि सत्ता खिसकने वाली है, इसलिए युवाओं को प्रलोभन दिया जा रहा है।

गौरतलब है कि अग्निपथ योजना की घोषणा के बाद से ही यह देशभर में विरोध और राजनीतिक विवाद का केंद्र रही है। यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में युवाओं की बेरोज़गारी और सैन्य भर्ती को लेकर बहस तेज है।

सरकार की स्थिति

केंद्र सरकार की ओर से अभी तक विपक्षी आलोचनाओं पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) सूत्रों के अनुसार, सेवा अवधि विस्तार का फैसला अग्निवीरों को अधिक कौशल विकास का अवसर देने के उद्देश्य से लिया गया है।

आगे क्या होगा

विपक्षी दलों ने संसद और राज्यों में इस मुद्दे को उठाने का संकेत दिया है। अग्निपथ योजना में सुधार की माँग को लेकर पहले से ही याचिकाएँ न्यायालयों में लंबित हैं। आने वाले हफ्तों में यह मुद्दा चुनावी राज्यों में राजनीतिक बहस का केंद्र बनने की पूरी संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'दो साल के विस्तार' को चुनावी नज़रिए से जोड़ना एक महत्वपूर्ण संकेत है — सरकार ने योजना के ढाँचे में कोई बुनियादी बदलाव नहीं किया है। असली सवाल यह है कि क्या सेवा अवधि बढ़ाने से उन युवाओं की चिंता दूर होती है जिनके पास सेवानिवृत्ति के बाद स्थायी रोज़गार का कोई स्पष्ट मार्ग नहीं है। पेंशन, स्वास्थ्य सुरक्षा और नागरिक सेवाओं में आरक्षण जैसे मूल मुद्दे अनसुलझे हैं। जब तक इन पर ठोस नीतिगत उत्तर नहीं मिलते, 'छह साल बनाम चार साल' की बहस राजनीतिक तलवारबाज़ी से आगे नहीं बढ़ेगी।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अग्निवीरों की सेवा अवधि क्यों बढ़ाई गई है?
केंद्र सरकार ने अग्निवीरों की सेवा अवधि चार साल से बढ़ाकर छह साल कर दी है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय अग्निवीरों को अधिक कौशल विकास का अवसर देने के उद्देश्य से लिया गया है, हालाँकि आधिकारिक विस्तृत अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है।
विपक्ष ने इस फैसले को चुनावी जुमला क्यों बताया?
RJD, कांग्रेस और JMM के नेताओं का आरोप है कि उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में आगामी चुनावों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। उनका तर्क है कि सेवा को स्थायी नहीं किया गया और मात्र दो साल का विस्तार अग्निपथ योजना की बुनियादी खामियों को दूर नहीं करता।
अग्निवीर की सेवानिवृत्ति के बाद क्या होता है?
नई व्यवस्था के तहत अग्निवीर 23 साल की उम्र में सेवानिवृत्त होगा। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने आरोप लगाया कि सेवानिवृत्ति के बाद ये युवा बहुराष्ट्रीय कंपनियों और बड़े उद्योगपतियों की सुरक्षा एजेंसियों में गार्ड बनने को मजबूर होंगे, क्योंकि स्थायी रोज़गार का कोई स्पष्ट विकल्प नहीं है।
RJD के मनोज झा ने अग्निवीर योजना पर क्या कहा?
RJD के राज्यसभा सदस्य मनोज झा ने अग्निपथ योजना को 'पेड इंटर्नशिप प्रोग्राम' बताते हुए कहा कि यह भारतीय सेना की वीरता को कमज़ोर करती है। उन्होंने कहा कि कोई भी समझदार व्यक्ति इस तरह के जल्दबाजी में किए गए बदलावों का समर्थन नहीं कर सकता।
अग्निपथ योजना में स्थायी भर्ती की माँग क्या है?
विपक्षी दलों सहित कई युवा संगठनों की माँग है कि अग्निपथ योजना को समाप्त कर पुरानी स्थायी भर्ती प्रणाली बहाल की जाए। JMM नेता मनोज पांडेय ने स्पष्ट कहा कि सेवा अवधि का विस्तार मूल समस्या का हल नहीं है — युवाओं को स्थायी नौकरी, पेंशन और पूर्ण सैनिक का दर्जा चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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