अग्निवीर सेवा अवधि 4 से बढ़कर 6 साल: UP-राजस्थान के युवाओं ने सराहा, स्थायी भर्ती बहाली की भी उठाई माँग
सारांश
मुख्य बातें
अग्निवीर योजना के तहत सेवा अवधि चार साल से बढ़ाकर छह साल किए जाने के केंद्र सरकार के फैसले को उत्तर प्रदेश के चंदौली और हरदोई तथा राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं ने 4 नवंबर 2026 को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया। युवाओं का कहना है कि दो साल के अतिरिक्त समय से अग्निवीरों को सेना में अधिक अनुभव मिलेगा और आर्थिक स्थिरता भी बेहतर होगी। साथ ही, इन युवाओं ने सेना में पुरानी स्थायी भर्ती व्यवस्था को भी दोबारा शुरू करने की माँग उठाई है।
युवाओं की प्रतिक्रिया और अनुभव का पक्ष
चंदौली में अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं ने कहा कि चार साल की सेवा अवधि पर्याप्त नहीं लगती थी। उनके अनुसार, इतने कम समय में जवानों को सेना में काम करने का पूरा अनुभव हासिल करना कठिन होता था। एक युवक ने कहा कि छह साल की अवधि से जवानों को अपनी जिम्मेदारियाँ बेहतर ढंग से समझने और कौशल निखारने का अवसर मिलेगा। हालाँकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि पहले की स्थायी नौकरी व्यवस्था अलग और बेहतर थी।
एक अन्य युवक ने बताया कि वह स्वयं अग्निवीर परीक्षा पास कर चुका है। उसने कहा कि 75 प्रतिशत अग्निवीरों के वापस लौटने पर राज्य सरकार के पुलिस और अन्य विभागों में नौकरी के अवसर मिलने की व्यवस्था सराहनीय है। इससे सेवा के बाद भी करियर की राह खुली रहेगी।
हरदोई: परिवार में पहले से अग्निवीर, अब नई पीढ़ी भी तैयार
हरदोई में अग्निवीर बनने की तैयारी कर रहे सिद्धार्थ सिंह चौहान ने सरकार के फैसले का स्वागत किया। उनके परिवार के दो बड़े भाई पहले से ही अग्निवीर के रूप में वायुसेना में सेवाएँ दे रहे हैं — एक भाई करीब दो साल पहले और दूसरे भाई करीब तीन साल पहले भर्ती हुए थे। उनके एक बड़े भाई की नौकरी 25 प्रतिशत नियमितीकरण के नियम के तहत स्थायी हो चुकी है।
सिद्धार्थ ने कहा कि चार साल के भीतर सामान्य परिवारों से आए युवाओं को आगे की परीक्षाओं की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता था। छह साल की सेवा अवधि से उन्हें आर्थिक और करियर दोनों लिहाज से मदद मिलेगी। उनके मामा देवेंद्र सिंह ने भी इस निर्णय को युवाओं के हित में बताते हुए इसका स्वागत किया।
कोचिंग विशेषज्ञ की राय
डिफेंस सर्विसेज कोचिंग इंस्टीट्यूट संचालक पुनीत सिंह चंदेल ने कहा कि उनकी अकादमी से हर साल करीब 10 से 15 छात्र अग्निवीर योजना के तहत नौसेना, वायुसेना और थलसेना में चयनित होते हैं। अब तक उनकी अकादमी के 50 से 60 छात्र तीनों सेनाओं में चयनित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि 25 प्रतिशत नियमित भर्ती का अवसर युवाओं के लिए अहम है और अतिरिक्त दो साल उन्हें और अनुभव हासिल करने का मौका देंगे। इससे भर्ती की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों में उत्साह बढ़ेगा।
शेखावाटी के युवाओं की दोहरी माँग
राजस्थान के सीकर और शेखावाटी क्षेत्र में भी फैसले का स्वागत किया गया। युवाओं का कहना है कि इससे सेना में सेवा दे रहे जवानों को अतिरिक्त समय, बेहतर सैन्य अनुभव और परिवार को आर्थिक सहारा मिलेगा। मोहित भारती ने कहा कि पहले सेना में स्थायी नौकरी की व्यवस्था थी, जिसे बदलकर चार साल की अग्निवीर योजना लागू की गई — अब उसमें दो साल और जोड़ना एक सकारात्मक कदम है।
हालाँकि, मोहित सिंह सहित शेखावाटी के कई युवाओं ने केंद्र सरकार से अपील की है कि अग्निवीर की नौकरी को पहले की तरह 15 साल की स्थायी सेवा वाली व्यवस्था में बदलने पर विचार किया जाए। उनका तर्क है कि अग्निवीर योजना लागू होने के बाद सेना में स्थायी भर्ती के अवसर पहले की तुलना में सीमित हो गए हैं, जिससे लंबे समय तक देश सेवा की इच्छा रखने वाले युवाओं को निराशा होती है।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि अग्निवीर योजना 2022 में लागू होने के बाद से विभिन्न स्तरों पर बहस का विषय रही है। सेवा अवधि में बढ़ोतरी को सरकार की ओर से सुधार के रूप में पेश किया जा रहा है, परंतु स्थायी भर्ती बहाली की माँग यह संकेत देती है कि युवाओं की चिंताएँ पूरी तरह दूर नहीं हुई हैं। यह देखना बाकी है कि केंद्र सरकार स्थायी भर्ती की माँग पर भविष्य में कोई नीतिगत कदम उठाती है या नहीं।