योगी सरकार का बड़ा फैसला: पूर्व अग्निवीरों को UP सरकारी नौकरियों में 20% आरक्षण, लिखित परीक्षा से छूट
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 9 अक्टूबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीरों की भर्ती नियमावली में ऐतिहासिक संशोधन को मंजूरी दी गई, जिसके तहत पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग में 20 प्रतिशत आरक्षण के साथ-साथ लिखित और शारीरिक परीक्षाओं से भी पूर्ण छूट दी जाएगी। यह निर्णय उन हज़ारों युवाओं के लिए सीधी राहत है जो अग्निवीर योजना के तहत सैन्य सेवा पूरी करने के बाद नागरिक रोज़गार की तलाश में हैं।
मुख्य घटनाक्रम
कैबिनेट की मंजूरी के बाद परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि वर्ष 2022 में केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना के तहत भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। सेवा अवधि पूरी होने के बाद इन युवाओं के पुनर्वास को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने संबंधित नियमावली में यह बदलाव किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभ्यर्थियों को उनकी मूल श्रेणी के अनुसार आरक्षण का लाभ मिलेगा।
आयु सीमा और परीक्षा में रियायत
संशोधित नियमावली के तहत पूर्व अग्निवीरों के लिए अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष से बढ़ाकर 28 वर्ष कर दी गई है, यानी तीन वर्ष की अतिरिक्त छूट। इससे सैन्य सेवा के दौरान बीते समय की भरपाई होगी और युवाओं को आवेदन के लिए पर्याप्त अवसर मिलेगा। इसके अलावा, इन विभागों की भर्ती प्रक्रिया में लिखित और शारीरिक परीक्षा से पूरी तरह छूट दी गई है — उन्हें केवल मेडिकल परीक्षण पास करना होगा।
आम जनता और पूर्व अग्निवीरों पर असर
गौरतलब है कि अग्निवीर योजना के तहत चार वर्षों की सेवा के बाद 75 प्रतिशत युवाओं को सेना में स्थायी सेवा नहीं मिलती। ऐसे में उनके सामने नागरिक जीवन में पुनः स्थापित होने की चुनौती बड़ी होती है। उत्तर प्रदेश का यह कदम उस चुनौती से सीधे निपटने का प्रयास है। सैन्य अनुशासन और प्रशिक्षण प्राप्त इन युवाओं को पुलिस व वन जैसे अर्धसैनिक स्वभाव के विभागों में तैनात करना स्वाभाविक रूप से उपयुक्त माना जाता है।
राज्यों में अग्निवीर नीति का व्यापक परिदृश्य
यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्य सरकारें — जिनमें हरियाणा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल हैं — अपनी-अपनी पुनर्वास नीतियाँ बना रही हैं। उत्तर प्रदेश का यह संशोधन उन राज्यों में सबसे व्यापक लाभ पैकेज में से एक माना जा रहा है, क्योंकि यह आरक्षण, आयु छूट और परीक्षा छूट — तीनों को एक साथ प्रदान करता है। केंद्र स्तर पर अग्निवीर योजना विपक्ष की आलोचनाओं के घेरे में रही है, और राज्यस्तरीय पुनर्वास प्रयासों को उस दबाव की प्रतिक्रिया के रूप में भी देखा जा रहा है।
क्या होगा आगे
संशोधित नियमावली के तहत पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभागों में जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। योगी सरकार का यह निर्णय सैन्य सेवा के अनुभव को राज्य की नागरिक सेवाओं से जोड़ने की दिशा में एक नई मिसाल स्थापित करता है, और आने वाले समय में अन्य विभागों में भी इसी तर्ज पर नीति-निर्माण की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।