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अग्निवीर सेवा अवधि 6 साल: भरतपुर के युवाओं ने किया स्वागत, वेतन ₹40-50 हज़ार करने की माँग

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अग्निवीर सेवा अवधि 6 साल: भरतपुर के युवाओं ने किया स्वागत, वेतन ₹40-50 हज़ार करने की माँग

सारांश

अग्निवीर सेवा अवधि चार से छह साल होने पर भरतपुर के युवाओं में उत्साह है — लेकिन ₹18-21 हज़ार के वेतन पर असंतोष भी साफ़ दिखता है। स्वागत और माँग का यह दोहरा सुर बताता है कि योजना की दिशा सही है, पर आर्थिक पक्ष अभी भी अधूरा है।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने अग्निवीरों की सेवा अवधि को चार साल से बढ़ाकर छह साल किया।
भरतपुर के युवाओं ने फैसले को सराहा; कहा — गरीब और सामान्य परिवारों के युवाओं को सर्वाधिक लाभ होगा।
छह साल की सेवा के बाद सरकारी भर्तियों में 10 से 20 प्रतिशत तक आरक्षण कोटे का लाभ मिल सकता है।
अलवर एआरओ भर्ती लोहागढ़ स्टेडियम, भरतपुर में 1 मार्च से शुरू होगी, लगभग 15-20 दिन चलेगी।
तैयारी कर रहे पोप सिंह ने ₹18-21 हज़ार के वेतन को अपर्याप्त बताते हुए इसे ₹40-50 हज़ार तक बढ़ाने की माँग की।

केंद्र सरकार के उस फैसले को, जिसमें अग्निवीरों की सेवा अवधि चार साल से बढ़ाकर छह साल कर दी गई है, राजस्थान के भरतपुर में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं ने उत्साह के साथ सराहा है। युवाओं का कहना है कि यह दो वर्षों की अतिरिक्त सेवा न केवल सैन्य अनुभव को गहरा करेगी, बल्कि सेवानिवृत्ति के बाद रोज़गार के नए रास्ते भी खोलेगी। हालाँकि, कुछ युवाओं ने मौजूदा वेतन को अपर्याप्त बताते हुए इसे ₹40 से ₹50 हज़ार तक बढ़ाने की माँग भी उठाई है।

युवाओं की प्रतिक्रिया

भरतपुर में अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे शेर सिंह ने कहा कि सेवा अवधि में बढ़ोतरी से उन्हें देश की सेवा के लिए दो साल अतिरिक्त मिलेंगे। उन्होंने इसे विशेष रूप से गरीब और सामान्य परिवारों के युवाओं के लिए लाभदायक बताया, क्योंकि छह साल की सेवा से परिवार को आर्थिक सहयोग भी अधिक समय तक मिलेगा।

इसी तरह अग्निवीर की तैयारी कर रहे ब्रह्मा ने कहा कि यह भारत सरकार का सराहनीय निर्णय है। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त दो साल की सेवा से अग्निवीरों के साथ-साथ उनके परिवारों को भी राहत मिलेगी और युवाओं को भविष्य सँवारने के अतिरिक्त अवसर प्राप्त होंगे।

प्रशिक्षण संस्थानों की राय

भरतपुर में दीपक डिफेंस एकेडमी के संचालक दीपक खटोटी ने सरकार के इस फैसले को शानदार करार दिया। उन्होंने कहा कि छह साल की सेवा से युवाओं को सेना में काम करने का अधिक अनुभव मिलेगा, जो तैयारी कर रहे युवाओं के लिए प्रोत्साहन का काम करेगा।

खटोटी ने यह भी बताया कि छह साल की सेवा पूर्ण करने के बाद अग्निवीरों को विभिन्न सरकारी भर्तियों में आरक्षण का लाभ मिल सकता है। उन्होंने राजस्थान सहित कई राज्यों में अग्निवीरों के लिए 10 से 20 प्रतिशत तक के कोटे की व्यवस्था का उल्लेख किया।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अलवर एआरओ की भर्ती प्रक्रिया भरतपुर के लोहागढ़ स्टेडियम में 1 मार्च से शुरू होने जा रही है और यह लगभग 15 से 20 दिन तक चलेगी। उन्होंने इच्छुक युवाओं से पूरी तैयारी के साथ भर्ती में भाग लेने की अपील की।

वेतन को लेकर चिंता

तैयारी कर रहे पोप सिंह ने सेवा अवधि बढ़ाने के फैसले का स्वागत करते हुए वेतन संरचना पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अग्निवीरों को मिलने वाला करीब ₹18 से ₹21 हज़ार का मासिक वेतन मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए पर्याप्त नहीं है।

पोप सिंह ने माँग की कि अग्निवीरों का मूल वेतन बढ़ाकर ₹40 से ₹50 हज़ार के स्तर तक लाया जाए, ताकि उन्हें और उनके परिवारों को बेहतर आर्थिक आधार मिल सके। उन्होंने स्थायी सिपाहियों के वेतन से तुलना करते हुए कहा कि अग्निवीरों के वेतन में भी समुचित सुधार होना चाहिए।

आगे की राह

गौरतलब है कि अग्निवीर योजना को लेकर देशभर में मिलीजुली प्रतिक्रियाएँ रही हैं — एक ओर सेना में सेवा का उत्साह है, तो दूसरी ओर वेतन और स्थायित्व को लेकर सवाल बने हुए हैं। भरतपुर के युवाओं का यह रुख दर्शाता है कि सेवा अवधि बढ़ाने का निर्णय ज़मीनी स्तर पर सकारात्मक संकेत दे रहा है, लेकिन वेतन संशोधन की माँग भी उतनी ही ज़ोर से उठ रही है। आने वाले समय में सरकार अग्निवीर योजना के वेतन ढाँचे पर पुनर्विचार करती है या नहीं, यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन वेतन का सवाल अनुत्तरित रहता है। ₹18-21 हज़ार का मासिक वेतन, जो नियमित सिपाही के वेतनमान से काफी कम है, योजना की दीर्घकालिक विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। भरतपुर जैसे भर्ती-केंद्रित जनपदों में युवाओं का उत्साह वास्तविक है, लेकिन आर्थिक असुरक्षा की चिंता भी उतनी ही वास्तविक है। जब तक वेतन ढाँचे में ठोस संशोधन नहीं होता, अग्निवीर योजना की सफलता को केवल भर्ती संख्याओं से नहीं मापा जा सकता।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अग्निवीरों की सेवा अवधि कितनी बढ़ाई गई है?
केंद्र सरकार ने अग्निवीरों की सेवा अवधि चार साल से बढ़ाकर छह साल कर दी है। इससे युवाओं को दो वर्ष अतिरिक्त सेना में सेवा का अवसर मिलेगा।
अग्निवीर सेवा पूरी करने के बाद क्या लाभ मिलते हैं?
छह साल की सेवा के बाद अग्निवीरों को विभिन्न सरकारी भर्तियों में 10 से 20 प्रतिशत तक आरक्षण कोटे का लाभ मिल सकता है। राजस्थान सहित कई राज्यों में यह व्यवस्था लागू बताई जा रही है।
अग्निवीरों को अभी कितना वेतन मिलता है और माँग क्या है?
अग्निवीरों को वर्तमान में करीब ₹18 से ₹21 हज़ार मासिक वेतन मिलता है। भरतपुर के युवाओं ने इसे अपर्याप्त बताते हुए वेतन को ₹40 से ₹50 हज़ार तक बढ़ाने की माँग की है।
भरतपुर में अग्निवीर भर्ती कब और कहाँ होगी?
अलवर एआरओ की अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया भरतपुर के लोहागढ़ स्टेडियम में 1 मार्च से शुरू होगी और लगभग 15 से 20 दिन तक चलेगी। इच्छुक युवाओं से पूरी शारीरिक और मेडिकल तैयारी के साथ आने की अपील की गई है।
अग्निवीर योजना किन युवाओं के लिए उपयुक्त है?
अग्निवीर योजना उन युवाओं के लिए उपयुक्त मानी जाती है जो 12वीं पास करने के बाद सेना में सेवा का जोश रखते हों और शारीरिक रूप से फिट हों। भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक परीक्षण, मेडिकल जाँच और लिखित परीक्षा जैसे चरण शामिल होते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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