अग्निवीर सेवा अवधि 2 साल बढ़ी: गुलमर्ग में परिजनों में उत्साह, CDS के फैसले का स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में अग्निवीरों की सेवा अवधि दो वर्ष बढ़ाने के निर्णय ने जवानों के परिवारों में खुशी और उत्साह की लहर दौड़ा दी है। केंद्र सरकार और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) की ओर से 4 नवंबर 2026 को सामने आई इस घोषणा को परिजनों ने देश की रक्षा व्यवस्था और सेवारत युवाओं के भविष्य के लिए अत्यंत सकारात्मक कदम बताया है। परिजनों का कहना है कि इस अतिरिक्त अवधि से उनके बच्चों को राष्ट्र सेवा जारी रखने का मूल्यवान अवसर मिलेगा।
परिजनों की भावनाएँ और प्रतिक्रिया
गुलमर्ग में सामने आई प्रतिक्रियाओं में परिजनों ने इस निर्णय को महज सेवा-विस्तार नहीं, बल्कि अपने बच्चों के लिए देश की रक्षा पंक्ति में बने रहने के एक नए अवसर के रूप में देखा। उनके अनुसार, जब यह खबर मिली तब घर-घर में गर्व और संतोष का माहौल था। परिजनों ने उम्मीद जताई कि अतिरिक्त सेवा काल में उनके बच्चे अपनी ज़िम्मेदारियाँ पूरी निष्ठा से निभाएंगे।
एक अग्निवीर पिता की भावुक प्रतिक्रिया
एक अग्निवीर के पिता ने बताया कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की घोषणा की जानकारी मिलते ही उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उनके बेटे ने स्वयं फोन कर इस फैसले की सूचना दी। पिता ने भावुक होते हुए कहा कि एक सैनिक के पिता के रूप में इस निर्णय के लिए आभार व्यक्त करने को उनके पास शब्द नहीं हैं। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि जिन 75 प्रतिशत अग्निवीरों को चार साल की सेवा के बाद बाहर होना था, उन्हें दो वर्ष अतिरिक्त सेवा का अवसर देना बहुत बड़ा निर्णय है।
युवाओं की क्षमता को मिली मान्यता
एक अन्य अग्निवीर के परिजन ने कहा कि जून 2022 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई अग्निवीर योजना के तहत सेवारत युवाओं की सीमाओं पर क्षमता और समर्पण को देखते हुए CDS ने यह अहम निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि उनका भाई भी अग्निवीर के रूप में सेवाएं दे रहा है और इस घोषणा के बाद उनके भाई समेत कई मित्रों ने खुशी जाहिर की। यह निर्णय, उनके शब्दों में, भारतीय रक्षा नेतृत्व द्वारा युवाओं के योगदान को महत्व देने का प्रमाण है।
अग्निवीर योजना की पृष्ठभूमि
अग्निपथ योजना को केंद्र सरकार ने जून 2022 में लागू किया था, जिसके तहत युवाओं को चार वर्ष की अल्पकालिक सैन्य सेवा का अवसर दिया जाता है। गौरतलब है कि इस योजना को लेकर शुरुआती दौर में देशभर में व्यापक विरोध-प्रदर्शन हुए थे, क्योंकि आलोचकों का कहना था कि सेवा अवधि समाप्त होने के बाद 75 प्रतिशत अग्निवीरों के रोज़गार का भविष्य अनिश्चित रहेगा। इस पृष्ठभूमि में सेवा अवधि का विस्तार उन चिंताओं को आंशिक रूप से संबोधित करने का प्रयास माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार पर अग्निवीर योजना में सुधार के लिए दबाव बढ़ रहा था।
आगे की राह
गुलमर्ग में परिजनों ने उम्मीद जताई कि यह केवल पहला कदम है और भविष्य में अग्निवीरों के लिए स्थायी सेवा या अन्य रोज़गार सुरक्षा के रास्ते भी खोले जाएंगे। परिजनों के उत्साह और समर्थन के बीच अब सभी की नज़रें इस नीति के क्रियान्वयन और इससे प्रभावित होने वाले हज़ारों अग्निवीरों के भविष्य पर टिकी हैं।