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अग्निवीर सेवा अवधि 6 साल: 75% को 'सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी', राजस्थान के डीडवाना में अभिभावकों ने किया स्वागत

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अग्निवीर सेवा अवधि 6 साल: 75% को 'सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी', राजस्थान के डीडवाना में अभिभावकों ने किया स्वागत

सारांश

केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव करते हुए 75% अग्निवीरों को 'सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी' के तहत दो साल का अतिरिक्त विस्तार दिया है — यानी कुल छह साल की सेवा। पहले बैच का कार्यकाल नवंबर-दिसंबर 2026 में पूरा होने से ठीक पहले आया यह फैसला, राजस्थान के युवाओं और उनके परिवारों में नई उम्मीद जगा रहा है।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने 4 नवंबर 2026 को कैबिनेट फैसले के तहत अग्निवीरों की सेवा अवधि 4 साल से बढ़ाकर 6 साल करने का ऐलान किया।
चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को 'सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी' के तहत दो साल का अतिरिक्त विस्तार मिलेगा।
पहले की व्यवस्था के अनुसार 25 प्रतिशत अग्निवीर नियमित सेना में शामिल होते रहेंगे।
अग्निपथ के पहले बैच का कार्यकाल नवंबर-दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाला है।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस.
राजा सुब्रमणि ने इस फैसले की घोषणा की।
राजस्थान के डीडवाना में डिफेंस एकेडमी संचालक डूंगर राम जाखड़ और अभिभावकों ने निर्णय का स्वागत किया।

केंद्र सरकार के अग्निपथ योजना में बड़े संशोधन के तहत अग्निवीरों की सेवा अवधि चार साल से बढ़ाकर छह साल किए जाने के फैसले का राजस्थान के डीडवाना में डिफेंस एकेडमी संचालकों और अभिभावकों ने खुलकर स्वागत किया। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने 4 नवंबर 2026 को कैबिनेट के इस निर्णय की जानकारी दी। इस बदलाव से हज़ारों अग्निवीरों को सेना में अपनी सेवाएँ जारी रखने का अतिरिक्त अवसर मिलने की उम्मीद है।

संशोधित योजना में क्या बदला

नई व्यवस्था के अनुसार, चार साल का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया जाएगा, जिसे आधिकारिक रूप से 'सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी' नाम दिया गया है। इस तरह इन अग्निवीरों को कुल छह साल तक सेना में सेवा करने का मौका मिलेगा। पहले की व्यवस्था बरकरार रखते हुए 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेना में शामिल किया जाता रहेगा।

महत्वपूर्ण बात यह है कि 'सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी' पूरी करने के बाद इच्छुक अग्निवीरों को नियमित सेना में शामिल होने का एक और अवसर भी मिलेगा, हालाँकि इसके लिए उन्हें निर्धारित चयन प्रक्रिया और पात्रता मानदंड पूरे करने होंगे।

समय पर क्यों अहम है यह फैसला

गौरतलब है कि अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच का चार साल का कार्यकाल नवंबर-दिसंबर 2026 में पूरा होने वाला है। यह ऐसे समय में आया है जब योजना से जुड़े अनिश्चितता के सवाल युवाओं और उनके परिवारों के बीच चर्चा में थे। नए संशोधन से इस बैच के अग्निवीर सीधे लाभान्वित होंगे।

यह भी उल्लेखनीय है कि 2022 में अग्निपथ योजना की घोषणा के बाद देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए थे। तब से सरकार ने राज्य सरकारों और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में अग्निवीरों को प्राथमिकता देने जैसे कई कदम उठाए हैं। सेवा अवधि विस्तार इसी कड़ी का अगला चरण माना जा रहा है।

डीडवाना में एकेडमी संचालकों की प्रतिक्रिया

डीडवाना के डिफेंस एकेडमी संचालक डूंगर राम जाखड़ ने कहा कि अग्निवीरों की सेवा अवधि चार साल से बढ़ाकर छह साल करना अत्यंत उत्साहवर्धक निर्णय है। उन्होंने कहा कि इससे पहले से सेवारत अग्निवीरों के साथ-साथ नए भर्ती होने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का भी मनोबल बढ़ेगा और अधिक युवा सेना में जाने के लिए प्रेरित होंगे।

अभिभावकों ने बताया ग्रामीण युवाओं के लिए सुनहरा मौका

अभिभावक जितेंद्र पूनिया ने इस फैसले को शानदार करार दिया। उन्होंने कहा कि पहले बच्चे केवल चार साल के लिए सेना में जा रहे थे, लेकिन अब छह साल तक सेवा का अवसर मिलने से युवाओं में नई उमंग और उत्साह पैदा होगा।

वहीं, अभिभावक ओमपाल सिंह ने इस निर्णय को ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि सेना में भर्ती होने की इच्छा रखने वाले युवाओं में बड़ी संख्या मध्यमवर्गीय परिवारों से आती है और सेवा अवधि बढ़ने से इन परिवारों के बच्चों को बेहतर अवसर मिलेगा।

आगे क्या होगा

इस संशोधन के क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशानिर्देश और पात्रता मानदंड सरकार की ओर से शीघ्र जारी किए जाने की उम्मीद है। पहले बैच के अग्निवीरों का कार्यकाल नवंबर-दिसंबर 2026 में समाप्त होने के साथ ही 'सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी' की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मूल सवाल — दीर्घकालिक रोज़गार सुरक्षा का — अभी भी अनुत्तरित है। 75% को 'सेकेंड टूर' देना राहत ज़रूर है, पर वे अंततः छह साल बाद फिर उसी चौराहे पर खड़े होंगे। असली परीक्षा यह है कि क्या सेवा के बाद पुनर्वास और नियमित सेना में समायोजन का ढाँचा उतना ही मज़बूत होगा, जितनी भर्ती की प्रक्रिया।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अग्निवीर 'सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी' क्या है?
'सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी' वह प्रावधान है जिसके तहत चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार मिलेगा, यानी वे कुल छह साल तक सेना में सेवा कर सकेंगे। यह विस्तार स्वतः नहीं मिलेगा — इसके लिए निर्धारित पात्रता मानदंड पूरे करने होंगे।
अग्निवीर सेवा अवधि विस्तार का फैसला कब हुआ?
केंद्रीय कैबिनेट ने यह फैसला 4 नवंबर 2026 को लिया, जिसकी जानकारी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने दी। यह फैसला ऐसे समय आया है जब अग्निपथ के पहले बैच का चार साल का कार्यकाल नवंबर-दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाला है।
क्या सेकेंड टूर पूरा करने के बाद नियमित सेना में जाने का मौका मिलेगा?
हाँ, 'सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी' पूरी करने के बाद इच्छुक अग्निवीरों को नियमित सेना में शामिल होने का एक और अवसर मिलेगा। हालाँकि, इसके लिए उन्हें निर्धारित चयन प्रक्रिया और पात्रता मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य होगा।
इस फैसले से किसे सबसे अधिक फायदा होगा?
इस फैसले से सबसे ज़्यादा लाभ उन 75 प्रतिशत अग्निवीरों को मिलेगा जो चार साल बाद नियमित सेना में शामिल नहीं हो पाते थे और उन्हें बाहर निकलना पड़ता था। ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों के युवाओं के लिए यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि सेना में भर्ती होने की इच्छा रखने वाले अधिकांश युवा इन्हीं तबकों से आते हैं।
अग्निपथ योजना में पहले क्या व्यवस्था थी?
पहले की व्यवस्था में चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर केवल 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेना में शामिल किया जाता था, जबकि शेष 75 प्रतिशत को सेवामुक्त कर दिया जाता था। नए संशोधन के बाद अब उन 75 प्रतिशत को 'सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी' के रूप में दो साल का अतिरिक्त विस्तार मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
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