बिहार में 5 IPS अधिकारियों का तबादला, खगड़िया SP भानु प्रताप सिंह पुलिस मुख्यालय अटैच
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार ने 4 नवंबर 2026 को राज्य पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए पाँच आईपीएस अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया और एक वरिष्ठ अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार सौंपा। सबसे उल्लेखनीय कदम यह रहा कि खगड़िया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) भानु प्रताप सिंह को उनके पद से हटाकर तत्काल प्रभाव से पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया।
मुख्य तबादले और नई नियुक्तियाँ
गृह विभाग (पुलिस शाखा) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, शिवहर के मौजूदा एसपी शैलेंद्र सिंह को खगड़िया का नया एसपी नियुक्त किया गया है। मुजफ्फरपुर के सिटी एसपी पद पर तैनात मोहिबुल्लाह अंसारी अब शिवहर के नए एसपी होंगे।
2020 बैच के आईपीएस अधिकारी अपराजित को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-16, पटना के कमांडेंट पद से स्थानांतरित कर दिया गया है। वे वहाँ एसपी (कानून-व्यवस्था) का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे। उन्हें अब राज्यपाल सचिवालय, पटना में 'एड-डी-कैंप' (पुलिस) के पद पर नियुक्त किया गया है।
ममता कल्याणी को अतिरिक्त प्रभार
हाल ही में पदोन्नत हुईं आईपीएस अधिकारी कुमारी ममता कल्याणी, जो पहले से बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-10, पटना की कमांडेंट हैं, उन्हें अब बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-16 के कमांडेंट का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
भानु प्रताप सिंह को क्यों हटाया गया
भानु प्रताप सिंह हाल के दिनों में अपनी पत्नी के साथ हुए कथित विवाद के कारण सुर्खियों में आए थे। उन्हें नई पोस्टिंग मिलने तक पुलिस मुख्यालय से जोड़ा गया है। खगड़िया और शिवहर दोनों जिलों के पुलिस नेतृत्व में इस फेरबदल से व्यापक बदलाव आया है।
पिछले तबादलों की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त में बिहार सरकार ने पुलिस महकमे में एक बड़ा फेरबदल किया था, जिसमें 17 आईपीएस अधिकारी शामिल थे। उस समय भोजपुर और सिवान के एसपी भी हटाए गए थे, जहाँ पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद उठे थे।
उस फेरबदल में, सिवान के तत्कालीन एसपी पूरन कुमार झा का तबादला कर उन्हें प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया था। कथित तौर पर 25 जुलाई को छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा AK-47 राइफलों के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। इसी तरह, एक कथित पुलिस मुठभेड़ में स्थानीय कार्यकर्ता भरत तिवारी की मौत के बाद जनता के आक्रोश को देखते हुए भोजपुर के तत्कालीन एसपी राज का भी तबादला किया गया था।
उस दौर में हृदय कांत को नालंदा का एसपी, भरत सोनी को सिवान का नया एसपी और अवधेश दीक्षित को भोजपुर का एसपी नियुक्त किया गया था।
प्रशासनिक संदेश
यह हालिया फेरबदल बिहार सरकार की उस प्रवृत्ति को दर्शाता है, जिसके तहत विवादों या जनआक्रोश की स्थिति में पुलिस नेतृत्व में त्वरित बदलाव किए जाते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे तबादले जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक प्रशासनिक उपकरण बन गए हैं, हालाँकि आलोचकों का कहना है कि स्थायी सुधार के लिए संस्थागत बदलाव की भी ज़रूरत है।