बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल: गृह विभाग ने 7 IPS अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के गृह विभाग ने 10 अक्टूबर 2026 को पुलिस प्रशासन में व्यापक फेरबदल करते हुए 7 IPS अधिकारियों की नई तैनाती और अतिरिक्त प्रभार से जुड़े आदेश जारी किए। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद जारी इस अधिसूचना को राज्य में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रमुख नियुक्तियाँ और नए दायित्व
1998 बैच के वरिष्ठ IPS अधिकारी रत्न संजय को इस फेरबदल में सबसे अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। लंबे समय तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहने के बाद बिहार लौटे रत्न संजय को अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था), पटना का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें अपर पुलिस महानिदेशक, मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
इसी बैच की अधिकारी कासे सुहिता अनुपम को अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग), अपराध अनुसंधान विभाग (CID), पटना नियुक्त किया गया है।
ज़िला और विशेष इकाइयों में बदलाव
2016 बैच के IPS अधिकारी किरण कुमार गौरव जाधव को अरवल का पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त किया गया है। 2018 बैच की अधिकारी नवजोत सिमी को CID, पटना में पुलिस अधीक्षक (CID) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
2019 बैच के IPS अधिकारी चंद्र प्रकाश को नगर पुलिस अधीक्षक (मध्य), पटना के पद पर तैनात किया गया है। बिहार पुलिस सेवा की अधिकारी ममता कल्याणी को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-10, पटना में समादेष्टा नियुक्त किया गया है।
अतिरिक्त प्रभार से मुक्ति
वर्तमान में पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण), पटना के पद पर कार्यरत निर्मल कुमार आजाद को पुलिस महानिदेशक, मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। यह बदलाव इस बात का संकेत है कि उक्त ब्यूरो की कमान अब रत्न संजय के हाथों में केंद्रित की जा रही है।
फेरबदल का संदर्भ और महत्व
गौरतलब है कि बिहार में मद्यनिषेध कानून के क्रियान्वयन को लेकर प्रशासनिक दबाव लगातार बना हुआ है। यह फेरबदल ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार कानून-व्यवस्था और शराबबंदी के मोर्चे पर अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश में जुटी है। रत्न संजय जैसे अनुभवी अधिकारी को दोहरी जिम्मेदारी सौंपना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
यह आदेश गृह विभाग द्वारा राज्यपाल की मंजूरी के बाद विधिवत जारी किया गया है, और सभी नियुक्तियाँ तत्काल प्रभाव से लागू मानी जा रही हैं। आने वाले हफ्तों में इन नव-नियुक्त अधिकारियों की कार्यशैली और प्राथमिकताएँ बिहार की पुलिस व्यवस्था की दिशा तय करेंगी।