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फर्जी दुर्गा पूजा पास घोटाला: एसआईटी ने 'मास आर्ट' के वरिष्ठ अधिकारी ध्रुबोज्योति बसु को गिरफ्तार किया

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फर्जी दुर्गा पूजा पास घोटाला: एसआईटी ने 'मास आर्ट' के वरिष्ठ अधिकारी ध्रुबोज्योति बसु को गिरफ्तार किया

सारांश

कोलकाता में यूनेस्को से जुड़े फर्जी दुर्गा पूजा पास घोटाले में एसआईटी ने 'मास आर्ट' के वरिष्ठ अधिकारी ध्रुबोज्योति बसु को गिरफ्तार किया। पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी के बाद यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। ईडी और पुलिस की समानांतर जांच में सेन परिवार की बेटी और कई कॉर्पोरेट संस्थाएं भी दायरे में हैं।

मुख्य बातें

कोलकाता एसआईटी ने 4 नवंबर 2026 की रात 'मास आर्ट' के वरिष्ठ अधिकारी ध्रुबोज्योति बसु को फर्जी दुर्गा पूजा पास घोटाले में गिरफ्तार किया।
यह मामले में दूसरी बड़ी गिरफ्तारी है; पहली गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन की थी।
मधुछंदा सेन (इंद्रनील सेन की पत्नी) को कलकत्ता उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत मिली; उनकी बेटी अवेरी सेन भी जांच के दायरे में।
इंद्रनील सेन को 10 नवंबर 2026 को कोलकाता की निचली अदालत में पेश किया जाएगा।
इस घोटाले की जांच कोलकाता पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दोनों समानांतर रूप से कर रहे हैं; 9 अन्य व्यक्तियों से पूछताछ हो चुकी है।

कोलकाता पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने 4 नवंबर 2026 की रात यूनेस्को से संबद्ध महोत्सव पर्यटन कार्यक्रमों से जुड़े करोड़ों रुपए के फर्जी दुर्गा पूजा पास घोटाले में दूसरी बड़ी गिरफ्तारी करते हुए कॉर्पोरेट संस्था 'मास आर्ट' के वरिष्ठ अधिकारी ध्रुबोज्योति बसु को हिरासत में लिया। यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी के बाद जांच में आया दूसरा बड़ा मोड़ है।

आरोपी कौन है और क्या है आरोप

ध्रुबोज्योति बसु का नाम इस मामले की प्रारंभिक प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) में पहले से दर्ज था। इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी के बाद से वे फरार चल रहे थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, 'मास आर्ट' के माध्यम से फर्जी पासों का विपणन और बिक्री की गई थी, जिनका उपयोग यूनेस्को महोत्सव प्रवेश के नाम पर आम लोगों से धन वसूलने में किया गया।

मास आर्ट और सेन परिवार का कनेक्शन

पुलिस सूत्रों के अनुसार, 'मास आर्ट' का आधिकारिक नेतृत्व इंद्रनील सेन की पत्नी मधुछंदा सेन के हाथों में था, लेकिन जांचकर्ताओं का आरोप है कि यह संस्था पूर्व मंत्री और बसु की संयुक्त सोच का परिणाम थी। कथित तौर पर दोनों ने मिलकर एक जटिल भ्रष्टाचार नेटवर्क तैयार किया, जिसके ज़रिए यूनेस्को महोत्सव के नाम पर अनधिकृत पासों का मुद्रीकरण किया गया।

मधुछंदा सेन और परिवार पर जांच का दायरा

मधुछंदा सेन का नाम भी एफआईआर में शामिल है। उन्हें कलकत्ता उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल चुकी है और दो दौर की पूछताछ के बावजूद वे अभी हिरासत से बाहर हैं। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दंपति की बेटी अवेरी सेन और उनसे जुड़ी कॉर्पोरेट संस्थाएं भी सक्रिय वित्तीय और प्रशासनिक जांच के दायरे में हैं।

इंद्रनील सेन की पूछताछ और अदालती कार्यवाही

गायक से राजनेता बने इंद्रनील सेन से एसआईटी प्रतिदिन गहन पूछताछ कर रही है। इस मामले में मधुछंदा सेन सहित कुल नौ अन्य व्यक्तियों से भी पूछताछ हो चुकी है। सेन को 10 नवंबर 2026 को कोलकाता की निचली अदालत में पेश किया जाना है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एसआईटी आगामी सुनवाई के दौरान संभावित जमानत आवेदनों का मुकाबला करने के लिए फोरेंसिक और दस्तावेजी साक्ष्य सक्रिय रूप से जुटा रही है।

ईडी की समानांतर जांच

इस घोटाले की जांच कोलकाता पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दोनों द्वारा समानांतर रूप से की जा रही है। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह शहर पुलिस के अधिकारियों ने सेन को कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में स्थित ईडी के सॉल्ट लेक कार्यालय के बाहर से ही हिरासत में लिया था। जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ रहा है, इस मामले में और गिरफ्तारियों से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस मामले में आरोप है कि इसी प्रतिष्ठा का उपयोग फर्जी पास बेचने के लिए किया गया। पूर्व मंत्री, उनकी पत्नी, बेटी और एक कॉर्पोरेट अधिकारी — इस जांच की व्यापकता पश्चिम बंगाल की सत्ता-राजनीति और कॉर्पोरेट जगत के बीच संदिग्ध गठजोड़ की ओर इशारा करती है, जिसे ईडी की समानांतर जांच और गहरा कर सकती है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फर्जी दुर्गा पूजा पास घोटाला क्या है?
यह यूनेस्को से संबद्ध महोत्सव पर्यटन कार्यक्रमों के नाम पर करोड़ों रुपए के अनधिकृत पास बेचने का मामला है। आरोप है कि 'मास आर्ट' नामक संस्था के ज़रिए फर्जी पासों का विपणन और बिक्री की गई, जिनका उपयोग यूनेस्को महोत्सव प्रवेश के नाम पर लोगों से धन वसूलने में हुआ।
ध्रुबोज्योति बसु कौन हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया?
'मास आर्ट' के वरिष्ठ अधिकारी ध्रुबोज्योति बसु का नाम इस मामले की एफआईआर में पहले से दर्ज था। पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी के बाद से वे फरार थे। जांचकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने सेन के साथ मिलकर फर्जी पासों के वितरण नेटवर्क को संचालित किया।
इंद्रनील सेन को अदालत में कब पेश किया जाएगा?
पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन को 10 नवंबर 2026 को कोलकाता की निचली अदालत में पेश किया जाना है। एसआईटी संभावित जमानत आवेदनों का मुकाबला करने के लिए फोरेंसिक और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाने में लगी है।
मधुछंदा सेन और अवेरी सेन इस मामले में कैसे जुड़ी हैं?
मधुछंदा सेन 'मास आर्ट' की आधिकारिक प्रमुख थीं और उनका नाम एफआईआर में है, लेकिन उन्हें कलकत्ता उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल गई है। उनकी बेटी अवेरी सेन और उनसे जुड़ी कॉर्पोरेट संस्थाएं भी सक्रिय वित्तीय और प्रशासनिक जांच के दायरे में हैं।
इस मामले में ईडी की क्या भूमिका है?
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस घोटाले की जांच कोलकाता पुलिस के समानांतर कर रहा है। उल्लेखनीय है कि इंद्रनील सेन को ईडी के साल्ट लेक कार्यालय के बाहर से ही हिरासत में लिया गया था, जो दोनों एजेंसियों के बीच समन्वय का संकेत देता है।
राष्ट्र प्रेस
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