महाराष्ट्र में 11 हजार अग्निवीरों का चयन, चार साल बाद भी मिलेगी नौकरी: मंत्री शंभूराज देसाई
सारांश
Key Takeaways
- महाराष्ट्र से 11 हजार अग्निवीर चयनित हुए हैं।
- चार साल की सेवा के बाद 25 प्रतिशत युवाओं को नौकरी मिलेगी।
- राज्य सरकार ने रोजगार के लिए अध्ययन समूह का गठन किया है।
- मुख्यमंत्री की मंजूरी से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- युवाओं के भविष्य के प्रति सरकार की गंभीरता दिखी है।
मुंबई, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र सरकार ने अग्निवीर योजना में चयनित युवाओं के लिए रोजगार की चिंता को दूर करने हेतु महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंत्री शंभूराज देसाई ने बताया कि चार साल की सेवा समाप्ति के बाद भी नौकरी मिलने का आश्वासन दिया गया है। इसके लिए एक अध्ययन समूह का गठन किया गया है।
मंत्री देसाई ने विधान परिषद में जानकारी दी कि महाराष्ट्र से 11 हजार युवा केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना में चयनित हुए हैं। इनमें से 25 प्रतिशत (लगभग 2,750) युवाओं को चार वर्ष की सेवा के बाद केंद्रीय सरकारी विभागों में समाहित किया जाएगा। शेष 75 प्रतिशत युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु राज्य सरकार ने एक अध्ययन समूह का गठन किया है, जिसकी रिपोर्ट अगले महीने आएगी, और उसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
देसाई ने बताया कि सेवानिवृत्त होने वाले युवाओं के लिए एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों का अध्ययन समूह गठित किया गया है। इस समूह की रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य के विभिन्न विभागों में वर्दीधारी बलों जैसे होमगार्ड, वन विभाग सुरक्षा दल आदि में उन्हें समाहित किया जा सकेगा या नहीं, इसकी समीक्षा संबंधित विभागों के मंत्रियों के साथ की जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री की मंजूरी से आगे की प्रक्रिया को अमल में लाया जाएगा।
देसाई ने यह भी स्पष्ट किया कि अग्निवीर योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अधिकांश युवाओं को पुनः रोजगार प्राप्त हो, इसके लिए राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। विधान परिषद में इस मुद्दे पर चर्चा से यह संकेत मिलता है कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है।
अग्निवीर योजना के अंतर्गत सेना में भर्ती हो रहे युवाओं को रिटायरमेंट के बाद रोजगार की चिंता रहती है। विपक्ष भी इस विषय पर सरकार को लगातार घेरता रहता है। इसी चिंता के समाधान के लिए महाराष्ट्र सरकार ने अग्निवीर में भर्ती हो रहे युवाओं को रोजगार के लिए भटकने से रोकने हेतु पहले से ही कदम उठाना शुरू कर दिया है।