सपा सांसद अवधेश प्रसाद का ऐलान: सत्ता मिली तो 24 घंटे में खत्म होगी अग्निवीर योजना
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने 5 नवंबर 2026 को अयोध्या में केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना के खिलाफ कड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि समाजवादी पार्टी सत्ता में आती है, तो सरकार बनने के 24 घंटे के भीतर अग्निवीर व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। अग्निवीरों की सेवा अवधि चार से बढ़ाकर छह साल किए जाने के हालिया फैसले को उन्होंने भारतीय सेना के गौरव के विरुद्ध बताया।
अग्निवीर योजना पर सपा का रुख
अवधेश प्रसाद ने कहा कि अग्निवीर जैसी अस्थायी भर्ती व्यवस्था लागू करके केंद्र सरकार ने भारतीय सेना के गौरव को कम करने का काम किया है। उनके अनुसार, कुछ सालों के लिए युवाओं को सेना में रखकर फिर बाहर कर देना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने माँग की कि पुरानी स्थायी भर्ती प्रक्रिया को बहाल किया जाए, जिसके तहत युवाओं को सम्मान के साथ सुरक्षित करियर मिलती थी।
सपा सांसद ने तर्क दिया कि चाहे सेवा अवधि चार साल हो या छह साल — दोनों ही अस्थायी हैं और सेना तथा देश दोनों के लिए अपमानजनक हैं। उन्होंने कहा, 'यह न केवल सेना का अपमान है, बल्कि पूरे देश का अपमान है।'
अयोध्या दीपोत्सव पर प्रतिक्रिया
अयोध्या में प्रस्तावित भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के शामिल होने के प्रस्तावित दौरे पर सांसद अवधेश प्रसाद ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दीपावली का पर्व पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है और इसमें सभी की सहभागिता स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि लोग अपने-अपने घरों में दीपक जलाकर खुशियाँ मनाएँगे।
धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर आपत्ति
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि राम और कृष्ण में भेद करने वाला 'महापापी' है — सपा सांसद ने कड़ी आपत्ति जताई। अवधेश प्रसाद ने इस बयान को 'बेहद निंदनीय' करार दिया और कहा कि इसकी निंदा के लिए उनके पास पर्याप्त शब्द भी नहीं हैं।
उन्होंने चेताया कि इस तरह की विचारधारा और बयानबाज़ी से सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुँचता है और देश को तोड़ने की साजिश रची जाती है। उन्होंने माँग की कि किसी भी देवी-देवता के विरुद्ध इस प्रकार के उकसावे वाले बयानों पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि अग्निवीर योजना केंद्र सरकार के उन विवादास्पद फैसलों में से एक रही है, जिसे विपक्षी दलों ने लगातार निशाने पर रखा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी यह योजना बड़ा चुनावी मुद्दा बनी थी। अब सेवा अवधि बढ़ाने के फैसले के बाद विपक्षी स्वर और तेज हो गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को लेकर सभी दलों की राजनीतिक सक्रियता बढ़ रही है।
आने वाले समय में सपा के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।