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अग्निवीर सेवा विस्तार पर बेदी राम बोले — यह अखिलेश यादव को मोदी सरकार का करारा जवाब

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अग्निवीर सेवा विस्तार पर बेदी राम बोले — यह अखिलेश यादव को मोदी सरकार का करारा जवाब

सारांश

गाजीपुर में एसबीएसपी विधायक बेदी राम ने केंद्र के अग्निवीर सेवा विस्तार को अखिलेश यादव पर 'करारा जवाब' बताया — 75% को दो साल का विस्तार, 25% को नियमित सेवा में रखने पर विचार। साथ ही राजभर के बांदा बयान का भी बचाव किया।

मुख्य बातें

एसबीएसपी विधायक बेदी राम ने 4 नवंबर 2026 को गाजीपुर में कहा कि अग्निवीर सेवा विस्तार का फैसला अखिलेश यादव को 'करारा जवाब' है।
केंद्र सरकार की संशोधित व्यवस्था के तहत पहले बैच के 75% अग्निवीरों को दो वर्ष का अतिरिक्त सेवा विस्तार मिलेगा।
शेष 25% अग्निवीरों को चयन प्रक्रिया के अधीन नियमित सशस्त्र बलों में बनाए रखने पर विचार होगा।
ओम प्रकाश राजभर के बांदा स्थित बयान — जिसमें धनंजय सिंह और मुख्तार अंसारी का जिक्र था — का बेदी राम ने बचाव किया।
बेदी राम के अनुसार राजभर का इरादा बुंदेलखंड के वंचित समुदायों का मनोबल बढ़ाना था।

उत्तर प्रदेश के जखनियां विधानसभा क्षेत्र से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के विधायक बेदी राम ने 4 नवंबर 2026 को गाजीपुर में मीडिया से बात करते हुए केंद्र सरकार के अग्निवीर सेवा विस्तार के फैसले को विपक्ष पर 'करारा जवाब' बताया। उन्होंने विशेष रूप से समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अखिलेश यादव का नाम लेते हुए कहा कि अग्निपथ योजना को लेकर बार-बार उठाए गए सवालों का यह उचित उत्तर है।

केंद्र सरकार की संशोधित व्यवस्था

केंद्र सरकार द्वारा घोषित संशोधित व्यवस्था के अनुसार, पहले बैच के 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो वर्ष का अतिरिक्त सेवा विस्तार प्रदान किया जाएगा। वहीं, शेष 25 प्रतिशत को निर्धारित चयन प्रक्रिया के अधीन नियमित सशस्त्र बलों में स्थायी रूप से बनाए रखने पर विचार किया जाएगा। गौरतलब है कि यह संशोधन उन विपक्षी दलों की आलोचनाओं के बाद आया है, जो लंबे समय से अग्निवीरों के भविष्य को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।

बेदी राम की प्रतिक्रिया

बेदी राम ने कहा कि जब अग्निपथ भर्ती योजना लागू की गई थी, तब विपक्षी नेताओं ने सरकार की कड़ी आलोचना की थी और युवाओं के भविष्य पर संशय जताया था। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के इस नवीनतम निर्णय ने योजना से जुड़ी प्रमुख चिंताओं को दूर कर दिया है। बेदी राम ने यह भी कहा कि देश की सेवा जारी रखने के इच्छुक युवाओं को इस फैसले से अतिरिक्त अवसर मिलेंगे और सरकार विस्तारित कार्यकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों के लिए आगे की व्यवस्था भी सुनिश्चित करेगी।

ओम प्रकाश राजभर के बयान पर सफाई

इस दौरान एसबीएसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर द्वारा बांदा में कथित तौर पर दिए गए एक विवादास्पद बयान पर भी बेदी राम से सवाल किया गया। बताया जा रहा है कि राजभर ने धनंजय सिंह और मुख्तार अंसारी जैसे नामों से अपने संबंधों का जिक्र किया था, जिसने सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया उत्पन्न की।

बेदी राम ने राजभर की टिप्पणी का बचाव करते हुए कहा कि बांदा, बुंदेलखंड क्षेत्र में आता है, जहाँ ऐतिहासिक रूप से कमजोर और हाशिए पर रहने वाले वर्गों को शक्तिशाली तत्वों के दबाव का सामना करना पड़ा है। उनके अनुसार राजभर के वक्तव्य का उद्देश्य वंचित समुदायों का आत्मविश्वास बढ़ाना तथा उन्हें शिक्षा और रोजगार के अवसरों के प्रति जागरूक करना था।

संदर्भ और राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अग्निपथ योजना राजनीतिक बहस का केंद्र बनी हुई है। सपा सहित कई विपक्षी दलों ने इस योजना को 'युवा-विरोधी' बताते हुए इसे समाप्त करने की माँग की थी। एसबीएसपी, जो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले गठबंधन की सहयोगी है, का यह रुख सत्तारूढ़ गठबंधन की स्थिति को मजबूत करता है। बेदी राम ने यह भी स्पष्ट किया कि शब्दों का अर्थ संदर्भ और परिस्थिति के अनुसार बदलता है, और राजभर का इरादा समाज के वंचित वर्गों का मनोबल बढ़ाना था।

आगे की स्थिति

अग्निवीर सेवा विस्तार की नवीनतम घोषणा के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार विस्तारित कार्यकाल पूरा करने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों के पुनर्वास और आगे के रोजगार के लिए क्या ठोस नीति बनाती है। नीति का विस्तृत क्रियान्वयन ढाँचा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि नीति की स्वतंत्र समीक्षा को। असली सवाल यह है कि जो 75 प्रतिशत अग्निवीर दो वर्ष के विस्तार के बाद भी नियमित सेवा में नहीं आ पाएंगे, उनके पुनर्वास का ठोस रोडमैप क्या है — इस पर सरकार ने अब तक कोई विस्तृत नीति सार्वजनिक नहीं की। ओम प्रकाश राजभर के विवादास्पद बयान का जिस तरह बचाव किया गया, वह दिखाता है कि गठबंधन की राजनीति में साझेदारों को किस हद तक 'संदर्भ' की आड़ दी जाती है। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में यह पूरा प्रकरण युवा मतदाताओं और वंचित समुदायों को साधने की व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अग्निवीर सेवा विस्तार का फैसला क्या है?
केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि पहले बैच के 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो वर्ष का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया जाएगा। शेष 25 प्रतिशत को निर्धारित चयन प्रक्रिया के तहत नियमित सशस्त्र बलों में बनाए रखने पर विचार किया जाएगा।
बेदी राम ने अखिलेश यादव को इस फैसले से जोड़कर क्यों देखा?
एसबीएसपी विधायक बेदी राम का कहना है कि अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी ने अग्निपथ योजना शुरू होने से लेकर अब तक बार-बार इस पर सवाल उठाए थे। उनके अनुसार, अग्निवीर सेवा विस्तार की घोषणा उन्हीं आलोचनाओं का जवाब है।
ओम प्रकाश राजभर के बांदा बयान का विवाद क्या है?
एसबीएसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने कथित तौर पर बांदा में धनंजय सिंह और मुख्तार अंसारी जैसे नामों से अपने संबंधों का जिक्र किया, जिसने सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया उत्पन्न की। विधायक बेदी राम ने इस बयान का बचाव करते हुए कहा कि राजभर का उद्देश्य बुंदेलखंड के वंचित वर्गों का मनोबल बढ़ाना था।
अग्निपथ योजना में अब क्या बदला है?
मूल अग्निपथ योजना में चार साल की सेवा का प्रावधान था, जिसमें केवल 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेवा में लिया जाता। संशोधित व्यवस्था में पहले बैच के 75 प्रतिशत को दो वर्ष का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया जाएगा, जो विपक्ष की लंबे समय से चली आ रही माँगों के बाद हुआ है।
एसबीएसपी की BJP गठबंधन में क्या भूमिका है?
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन की सहयोगी है और मुख्यतः उत्तर प्रदेश के राजभर समुदाय का प्रतिनिधित्व करती है। पार्टी के नेता ओम प्रकाश राजभर गठबंधन सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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