2 नवंबर 2026
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सपा का पलटवार: 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान से पहले भाजपा दे 10 साल का हिसाब

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सपा का पलटवार: 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान से पहले भाजपा दे 10 साल का हिसाब

सारांश

सपा ने भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान को आईना दिखाया — 10 साल के वादों का हिसाब माँगा, राम मंदिर चोरी पर सवाल उठाए और मतदाता सूची में गड़बड़ी पर ECI को कठघरे में खड़ा किया। यूपी की राजनीति में बयानबाज़ी का नया दौर शुरू।

मुख्य बातें

सपा प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने 2 नवंबर 2026 को लखनऊ में भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान पर तीखा पलटवार किया।
उन्होंने भाजपा से 10 साल के शासन का हिसाब माँगा और 2 करोड़ रोज़गार व ₹15 लाख जैसे पुराने वादों की याद दिलाई।
राम मंदिर में कथित चोरी मामले में सरकार पर संरक्षण देने का आरोप लगाया और निष्पक्ष जाँच की माँग की।
मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी पर चुनाव आयोग (ECI) से सख्त कार्रवाई की माँग, निष्क्रियता पर आयोग के विरुद्ध कदम की चेतावनी।
इंडिया गठबंधन रैली की भीड़ को एआई जनरेटेड बताने के भाजपा के आरोपों को निराधार करार दिया।

समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने 2 नवंबर 2026 को लखनऊ में तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सत्ता की नाकामियों से ध्यान भटकाने और चुनावी वादों से मुकरने का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और स्वामी प्रसाद मौर्य के हालिया बयानों को एक-एक करके खारिज किया और माँग की कि भाजपा पहले अपने 10 साल के शासन का जवाब जनता को दे।

मुख्यमंत्री योगी पर निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियों के दौरान सपा सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधा था। इसके जवाब में उदयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री 'जेनजी' को समझने में चूक रहे हैं। उनके अनुसार, आज का युवा एक क्लिक में इतिहास और भूगोल से लेकर दुनिया की हर जानकारी हासिल कर लेता है। सपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में कथित चंदे की चोरी और सरकारी भ्रष्टाचार के सवालों से बचने के लिए ऐसे बयान दिए जा रहे हैं। उन्होंने एक्सप्रेसवे की टूटी सड़कों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार को अपनी व्यवस्थाओं पर जवाब देना होगा।

इंडिया गठबंधन की रैली और 'एआई भीड़' विवाद

भाजपा की ओर से इंडिया गठबंधन की रैली में दिखाई गई भीड़ को एआई (AI) जनरेटेड बताए जाने के आरोप पर सपा ने पलटवार किया। उदयवीर सिंह ने कहा कि रैली में मीडिया के प्रतिनिधि भी मौजूद थे और उन्होंने पूरे कार्यक्रम को कवर किया। उन्होंने चुनौती दी कि यदि भीड़ के दृश्य एआई से तैयार हैं तो इसकी स्वतंत्र जाँच और पुष्टि की जा सकती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब पास में कहने को कुछ नहीं बचता, तब इस तरह के निराधार आरोप लगाए जाते हैं।

भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान पर सवाल

विपक्ष की रैली के जवाब में भाजपा द्वारा प्रस्तावित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान को सपा ने खोखला करार दिया। उदयवीर सिंह ने कहा कि यह आंदोलन भाजपा को मुख्यमंत्री आवास और अपने कार्यालय से शुरू करना चाहिए। उनके अनुसार, लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा भाजपा से ही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मतदाता सूची निष्पक्ष तरीके से तैयार नहीं की जा रही और आवाज उठाने वालों को सरकारी मशीनरी के ज़रिये परेशान किया जाता है।

मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी

मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं पर सपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के नाम पर 10 वोट दर्ज हैं तो जाँच होनी चाहिए कि फॉर्म किसने जमा किए और संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की क्या लापरवाही रही। उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) से सख्त कार्रवाई की माँग की और कहा कि यदि आयोग निष्क्रिय रहता है तो उसके विरुद्ध भी कदम उठाए जाने चाहिए। उनके अनुसार, संबंधित मशीनरी सरकार के नियंत्रण में है, इसलिए जिम्मेदारी सरकार की ही है।

राम मंदिर चोरी, वादाखिलाफी और अन्य मुद्दे

राम मंदिर में कथित चोरी के मामले पर उदयवीर सिंह ने कहा कि चोरी करने वालों और उन्हें संरक्षण देने वालों पर गंभीर सवाल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जाँच एजेंसियाँ सरकार के अधीन हैं और अदालत सरकार के पेश किए तथ्यों पर निर्भर है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी द्वारा सपा के ₹40,000 महिला वादे को 'लॉलीपॉप' कहने के जवाब में सपा ने भाजपा पर 2 करोड़ रोज़गार और ₹15 लाख खाते में डालने जैसे वादों की याद दिलाई। स्वामी प्रसाद मौर्य के अखिलेश यादव पर दिए बयान को सपा ने 'स्तरहीन' करार देते हुए कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता एक परिवार की तरह हैं। आगामी चुनावी सत्र में इन आरोप-प्रत्यारोपों के और तीखे होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिन्हें महज़ राजनीतिक शोर कहकर नहीं टाला जा सकता। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इन आरोप-प्रत्यारोपों को 'पार्टी लाइन' तक सीमित कर देती है, जबकि ECI की निष्पक्षता पर उठे सवालों की स्वतंत्र पड़ताल ज़रूरी है। दोनों दलों के वादों और उनकी जवाबदेही की असल जाँच मतदाता ही करेगा।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा ने भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान पर क्या आपत्ति जताई?
सपा प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने कहा कि यह अभियान खोखला है और भाजपा को यह आंदोलन मुख्यमंत्री आवास से शुरू करना चाहिए। उनके अनुसार, लोकतंत्र के लिए असली खतरा भाजपा की सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग से है।
सपा ने भाजपा से 10 साल के किन वादों का हिसाब माँगा?
सपा प्रवक्ता ने 2 करोड़ रोज़गार देने और हर खाते में ₹15 लाख डालने जैसे वादों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भाजपा हर चुनाव में नए वादे करती है लेकिन जनता को शोषण और भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ता है।
मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी पर सपा ने क्या माँग की?
सपा प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने माँग की कि यदि किसी व्यक्ति के नाम पर 10 वोट दर्ज हैं तो BLO और संबंधित अधिकारियों की जाँच हो। उन्होंने चुनाव आयोग से कार्रवाई की माँग की और कहा कि निष्क्रियता पर आयोग के विरुद्ध भी कदम उठाए जाने चाहिए।
इंडिया गठबंधन रैली की भीड़ को एआई जनरेटेड बताने के आरोप पर सपा का क्या जवाब था?
सपा ने कहा कि मीडिया प्रतिनिधि रैली में मौजूद थे और उन्होंने पूरे कार्यक्रम को कवर किया। उदयवीर सिंह ने चुनौती दी कि यदि भीड़ एआई से तैयार है तो स्वतंत्र जाँच से पुष्टि की जा सकती है।
राम मंदिर में कथित चोरी मामले पर सपा का क्या रुख है?
सपा ने आरोप लगाया कि चोरी करने वालों और उन्हें संरक्षण देने वालों पर गंभीर सवाल हैं। उदयवीर सिंह ने कहा कि जाँच एजेंसियाँ सरकार के अधीन हैं, इसलिए सरकार को अदालत के सामने सही तथ्य रखने का साहस दिखाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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