अखिलेश की ₹51,000 वाली घोषणा पर BJP का पलटवार: 'जनता गुमराह नहीं होगी'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा 1 अक्टूबर 2026 को की गई घोषणा — कि सपा सरकार बनने पर लोकतंत्र सेनानियों को प्रतिमाह ₹51,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी — पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा पलटवार किया है। लखनऊ में प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि जनता को गुमराह करने की यह कोशिश सफल नहीं होगी। यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के चुनावों से पहले सपा और BJP दोनों प्रचार की रफ्तार तेज कर रहे हैं।
भूपेंद्र सिंह चौधरी का पलटवार
मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव उन्हीं लोगों के साथ खड़े हैं, जिन्होंने लोकतंत्र की हत्या करने की कोशिश की थी। उन्होंने सवाल उठाया, 'इमरजेंसी किसने लगाई थी?' — और आरोप लगाया कि सपा जिन दलों के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ रही है, उन्हीं का इसमें हाथ था। चौधरी ने कहा कि जनता दोनों पार्टियों का चरित्र भली-भाँति जानती है।
एक्सप्रेसवे भ्रष्टाचार के आरोप
मंत्री दयाशंकर सिंह ने अखिलेश यादव के कार्यकाल में बने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उसमें अधिकांश कट सैफई, इटावा, मैनपुरी और फिरोजाबाद के पास दिए गए और अलाइनमेंट जानबूझकर बदली गई। उन्होंने कहा कि आज योगी आदित्यनाथ की सरकार में पूरे उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे बन रहे हैं — जो पहले की तथाकथित चयनात्मक विकास नीति से अलग है। गौरतलब है कि सपा ने इन आरोपों का खंडन किया है।
पत्रकार सुरक्षा और पीडीए पर निशाना
चौधरी ने पत्रकारों के सम्मान के मुद्दे पर भी सपा को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के कार्यकाल में शाहजहांपुर में एक पत्रकार को इसलिए जला दिया गया क्योंकि उसने तत्कालीन सरकार के एक मंत्री के खिलाफ खबर प्रकाशित की थी। मंत्री मनोज पांडे ने पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) नारे को 'दिखावा, ढोंग और धोखा' करार देते हुए कहा कि राज्यसभा नामांकन के दौरान सपा का असली चेहरा सामने आ चुका है। उन्होंने कहा, 'यह एक शब्द है जिसका इस्तेमाल सिर्फ वोट पाने के लिए किया जाता है।'
BJP का 2027 का दावा
BJP नेता दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि केंद्र में 2014 से और उत्तर प्रदेश में 2017 से इंडी गठबंधन के घटक दलों से जनता का विश्वास उठ चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में उत्तर प्रदेश 'बीमारू राज्य' बना रहा और आज योगी सरकार के नेतृत्व में वह 'उत्तम प्रदेश' बन चुका है। सिंह ने यह भी कहा कि जब देश की सेनाएं सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक करती हैं, तब सपा और उसके गठबंधन के दल सवाल उठाते हैं — ऐसे में लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान देने की बात बेमानी है।
आगे की राह
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं और दोनों प्रमुख दल अभी से चुनावी मोर्चेबंदी में जुट गए हैं। सपा प्रेस वार्ताओं के माध्यम से घोषणाओं की झड़ी लगा रही है जबकि BJP सरकार के मंत्री जवाबी हमलों में सक्रिय हैं। यह आरोप-प्रत्यारोप का दौर आने वाले महीनों में और तेज होने की संभावना है।